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जलस्तर घटने के बाद फसलों को काट रही घाघरा
Santkabirnagar
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:57 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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हैंसर। जलस्तर कम होने के बाद घाघरा का कटान तेज हो गया है। तुकर्वलिया नायक गांव के सामने हो रहे कटान से फसल लगे खेत नदी की धारा में विलीन हो रहे हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहले बाढ़ से फसलें बर्बाद हुई थीं और जो बचीं थीं वे अब कटान से बर्बाद हो रही हैं।
पिछले चार दिनों से नदी के जलस्तर में तेजी से कमी आई है। तुकर्वलिया नायक स्थित गेज स्थल पर रविवार को जलस्तर 78.65 मीटर है। परंतु तेजी से घट जलस्तर के बाद कटान तेज हो गया है। रामप्रेम, पतिराज, जंगीलाल, रामदीन, वीरेंद्र, हरीराम, कैलाश, केवल, रामदीन, रामलखन, जगेश्वर आदि का कहना है कि नदी के नजदीक स्थित खेतों में धान की फसल अच्छी थी। उम्मीद थी कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई फसल की अच्छी उपज से निकल जाएगी, लेकिन नदी तेजी से अब इन फसलों समेत खेत को भी काट रही है। हर दिन 50 से 60 बीघा खेत कटकर नदी में समाहित हो रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि कटान की गति यही रही तो नदी को बंधे तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी। उधर गायघाट के पास हो रही कटान से वहां के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बाढ़ से प्रभावित लोग फसल व जमीन कटने से चिंतित हैं।
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पिछले चार दिनों से नदी के जलस्तर में तेजी से कमी आई है। तुकर्वलिया नायक स्थित गेज स्थल पर रविवार को जलस्तर 78.65 मीटर है। परंतु तेजी से घट जलस्तर के बाद कटान तेज हो गया है। रामप्रेम, पतिराज, जंगीलाल, रामदीन, वीरेंद्र, हरीराम, कैलाश, केवल, रामदीन, रामलखन, जगेश्वर आदि का कहना है कि नदी के नजदीक स्थित खेतों में धान की फसल अच्छी थी। उम्मीद थी कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई फसल की अच्छी उपज से निकल जाएगी, लेकिन नदी तेजी से अब इन फसलों समेत खेत को भी काट रही है। हर दिन 50 से 60 बीघा खेत कटकर नदी में समाहित हो रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि कटान की गति यही रही तो नदी को बंधे तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी। उधर गायघाट के पास हो रही कटान से वहां के लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। बाढ़ से प्रभावित लोग फसल व जमीन कटने से चिंतित हैं।
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