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Sant Kabir Nagar News: 47 बीडीसी सदस्य ब्लॉक प्रमुख के साथ भी...खिलाफ भी! अब DM ने बैठाई जांच
Sun, 18 Aug 2024 01:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 01:40 PM IST
सार
सेमरियावां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला उलझ गया है। शपथ पत्रों की जांच में 47 बीडीसी सदस्य ऐसे मिले हैं जिनका नाम अविश्वास प्रस्ताव देने वालों में तो है ही, ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में दिए गए शपथ पत्र में शामिल सदस्यों की सूची में भी इनका नाम है। हालांकि इन 47 सदस्यों के हस्ताक्षर दोनों शपथ पत्रों पर अलग मिले हैं। अब इस मामले की जांच के लिए डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेमरियावां ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला उलझ गया है। शपथ पत्रों की जांच में 47 बीडीसी सदस्य ऐसे मिले हैं जिनका नाम अविश्वास प्रस्ताव देने वालों में तो है ही, ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में दिए गए शपथ पत्र में शामिल सदस्यों की सूची में भी इनका नाम है। हालांकि इन 47 सदस्यों के हस्ताक्षर दोनों शपथ पत्रों पर अलग मिले हैं। अब इस मामले की जांच के लिए डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है।
सेमरियावां क्षेत्र के 91 क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्यों के हस्ताक्षर वाले अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र डीएम को दिया गया था, जिसमें ब्लॉक प्रमुख के कार्यों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख ने अपने पक्ष में 65 बीडीसी का शपथ पत्र जमा किया। दोनाें तरफ से दिए शपथ पत्र की जांच में 47 क्षेत्र पंचायत सदस्य कॉमन पाए गए जबकि हस्ताक्षर इनके हस्ताक्षर अलग मिले। जिस पर डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित करके जांच बैठा दी है।
सेमरियावां ब्लॉक प्रमुख मजहरुन्निशा ने डीएम को दिए पत्र में कहा है कि जानकारी मिली है कि अविश्वास प्रस्ताव पर 35 वास्तविक बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं जबकि 56 सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने पक्ष में 65 क्षेत्र पंचायत सदस्यों शपथ पत्र दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के शपथ पत्रों का डीएम ने मिलान कराया।
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सेमरियावां क्षेत्र के 91 क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्यों के हस्ताक्षर वाले अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र डीएम को दिया गया था, जिसमें ब्लॉक प्रमुख के कार्यों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख ने अपने पक्ष में 65 बीडीसी का शपथ पत्र जमा किया। दोनाें तरफ से दिए शपथ पत्र की जांच में 47 क्षेत्र पंचायत सदस्य कॉमन पाए गए जबकि हस्ताक्षर इनके हस्ताक्षर अलग मिले। जिस पर डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित करके जांच बैठा दी है।
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सेमरियावां ब्लॉक प्रमुख मजहरुन्निशा ने डीएम को दिए पत्र में कहा है कि जानकारी मिली है कि अविश्वास प्रस्ताव पर 35 वास्तविक बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं जबकि 56 सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने पक्ष में 65 क्षेत्र पंचायत सदस्यों शपथ पत्र दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के शपथ पत्रों का डीएम ने मिलान कराया।
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डीएम कार्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
15 दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति
47 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का शपथ पत्र दोनों पक्ष में शामिल है लेकिन हस्ताक्षर भिन्न हैं। डीएम ने मामले की सत्यता जानने के लिए दोनों पक्षों के शपथ पत्रों की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति के सदस्यों को निर्देशित किया है कि प्रकरण से संबंधित दोनों पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए शपथ पत्रों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करके आख्या 15 दिन में उपलब्ध कराएं।
डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव कर दिया था अस्वीकृत
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। इसके खिलाफ चारों बीडीसी सदस्य हाईकोर्ट भी गए थे। लेकिन, सोमवार को उनकी याचिका हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि सिद्धार्थनगर में कूटरचित और छल द्वारा तैयार किए शपथ पत्रों के द्वारा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
लेकिन, प्रशासनिक जांच में इसकी सच्चाई खुल गई। मामले में बीडीसी सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। चर्चा है कि संतकबीर नगर में भी अगर ऐसे छल और कूटरचित तरीके से शपथ पत्र तैयार करवाए मिले तो प्रशासन कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीडीओ स्तर से मामले की जांच भी शुरू करवाई है। इसे लेकर ब्लॉक और सदस्यों के बीच चर्चाएं भी तेज हैं।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि शपथ पत्र पर बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर भिन्न मिले हैं, जिसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई है। 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
47 क्षेत्र पंचायत सदस्यों का शपथ पत्र दोनों पक्ष में शामिल है लेकिन हस्ताक्षर भिन्न हैं। डीएम ने मामले की सत्यता जानने के लिए दोनों पक्षों के शपथ पत्रों की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। समिति के सदस्यों को निर्देशित किया है कि प्रकरण से संबंधित दोनों पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए शपथ पत्रों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करके आख्या 15 दिन में उपलब्ध कराएं।
डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव कर दिया था अस्वीकृत
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। इसके खिलाफ चारों बीडीसी सदस्य हाईकोर्ट भी गए थे। लेकिन, सोमवार को उनकी याचिका हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी। सूत्रों ने बताया कि सिद्धार्थनगर में कूटरचित और छल द्वारा तैयार किए शपथ पत्रों के द्वारा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
लेकिन, प्रशासनिक जांच में इसकी सच्चाई खुल गई। मामले में बीडीसी सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। चर्चा है कि संतकबीर नगर में भी अगर ऐसे छल और कूटरचित तरीके से शपथ पत्र तैयार करवाए मिले तो प्रशासन कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीडीओ स्तर से मामले की जांच भी शुरू करवाई है। इसे लेकर ब्लॉक और सदस्यों के बीच चर्चाएं भी तेज हैं।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि शपथ पत्र पर बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर भिन्न मिले हैं, जिसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई है। 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।