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Sant Kabir Nagar News: पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 3-डी सर्वे शुरू
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पानीपत एक्सप्रेस वे के लिए लगा लाल निशान का पत्थर-संवाद
सांथा। मेंहदावल तहसील समेत विकासखंड सांथा क्षेत्र के गांवों से होकर गुजर रहे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे में किसानों की जमीन का अब 3-डी सर्वे शुरू हो रहा है। इसमें पहले 90 मीटर चौड़ाई ली गई थी लेकिन अब चौड़ाई को 20 मीटर घटाकर 70 मीटर कर दी गई है। साथ ही 70 मीटर पर पिलर लगाए जा रहे हैं। दोनों ओर पिलर लगाकर इसके बीच से सड़क बनाई जाएगी। प्रारंभिक सर्वे के बाद यह 3-डी सर्वे हो रहा है।
गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे में पहले सर्वे के दौरान चौड़ाई 90 मीटर प्रस्तावित की गई थी। उसके बाद अब 3-डी सर्वे शुरू हो रहा है। 3-डी सर्वे में 70 मीटर चौड़ाई पर पिलर लगाए जा रहे हैं। अब 70 मीटर चौड़ी भूमि का ही मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सर्वे पूरा होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विकास खंड सांथा क्षेत्र के देवकली, परसा शुक्ल, महला, परसामाफी, पसाई, प्रतापपुर, जसवाल, रमवापुर आदि गांव में 3-डी सर्वे के बाद पिलर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क को ऊंचा रखने का डिजाइन भी तैयार किया जा रहा है, ताकि बाढ़ का पानी सड़क तक न पहुंच सके।
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इस जिले में लगभग 50 किलोमीटर की लंबाई एक्सप्रेसवे की होगी, जो गोरखपुर की सीमा से सिद्धार्थनगर की सीमा के बीच में है। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 700 किलोमीटर से अधिक होगी। जो कई तहसीलों और जिलों को जोड़ेगी। वर्तमान में भूमि नामांकन पूरा हो चुका है और पिलर लगाए जा रहे हैं अब इन इसे पीले रंग से रंगा जा रहा है और उन पर नंबर दर्ज किया जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार चिह्नित स्थानों में ही सड़क गुजरेगी और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। बताया जा रहा है कि आधुनिक मशीनों से लेवल की जांच की जा रही है। इस एक्सप्रेसवे को बाढ़ प्रतिरोधी बनाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। छुट्टा पशुओं को प्रवेश के रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
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सरकार सर्वे करा रही है लेकिन मुआवजा को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। सरकार से मांग है कि किसानों को हित में उनके नुकसान को देखते हुए मुआवजा दें।
-मजहर आजाद, ग्राम पसाई
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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे चल रहा है। उसके बाद आगे क्या प्रक्रिया होगी, कब तक जमीन अधिग्रहण होगा कोई जानकारी नही है। बस अधिकारी सब कुछ समय पर होने का हवाला देकर चले जाते हैं।
-बेलाल अहमद, ग्राम महला
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अंतिम सर्वे जो हो रहा है उसमें कुछ चौड़ाई घटा दी गई है। पहले कुछ और थी अब अंतिम निर्णय जब प्रशासन और अधिकारी लेंगे जमीन अधिग्रहण की तभी कुछ कहा जा सकता है
-अनवारुलहुदा, ग्राम देवकली
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पहले पिलर लगाया गया था लेकिन अब दूसरा पिलर लग रहा है, जिस पर नंबर डाला जा रहा है। जमीन अधिग्रहण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जब तक अंतिम मुहर न लगे तब कितना जमीन, कितना मुआवजा मिलेगा कुछ नही कहा जा सकता
-रामटेक यादव, ग्राम पसाई
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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए 3-डी सर्वे चल रहा है। पीले कलर के नए पिलर लगाए जा रहे हैं, कुछ चौड़ाई भी घटाई जाएगी, जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अंकित कुच्छल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे में पहले सर्वे के दौरान चौड़ाई 90 मीटर प्रस्तावित की गई थी। उसके बाद अब 3-डी सर्वे शुरू हो रहा है। 3-डी सर्वे में 70 मीटर चौड़ाई पर पिलर लगाए जा रहे हैं। अब 70 मीटर चौड़ी भूमि का ही मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सर्वे पूरा होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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विकास खंड सांथा क्षेत्र के देवकली, परसा शुक्ल, महला, परसामाफी, पसाई, प्रतापपुर, जसवाल, रमवापुर आदि गांव में 3-डी सर्वे के बाद पिलर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क को ऊंचा रखने का डिजाइन भी तैयार किया जा रहा है, ताकि बाढ़ का पानी सड़क तक न पहुंच सके।
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इस जिले में लगभग 50 किलोमीटर की लंबाई एक्सप्रेसवे की होगी, जो गोरखपुर की सीमा से सिद्धार्थनगर की सीमा के बीच में है। एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 700 किलोमीटर से अधिक होगी। जो कई तहसीलों और जिलों को जोड़ेगी। वर्तमान में भूमि नामांकन पूरा हो चुका है और पिलर लगाए जा रहे हैं अब इन इसे पीले रंग से रंगा जा रहा है और उन पर नंबर दर्ज किया जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार चिह्नित स्थानों में ही सड़क गुजरेगी और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। बताया जा रहा है कि आधुनिक मशीनों से लेवल की जांच की जा रही है। इस एक्सप्रेसवे को बाढ़ प्रतिरोधी बनाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। छुट्टा पशुओं को प्रवेश के रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
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सरकार सर्वे करा रही है लेकिन मुआवजा को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। सरकार से मांग है कि किसानों को हित में उनके नुकसान को देखते हुए मुआवजा दें।
-मजहर आजाद, ग्राम पसाई
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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे चल रहा है। उसके बाद आगे क्या प्रक्रिया होगी, कब तक जमीन अधिग्रहण होगा कोई जानकारी नही है। बस अधिकारी सब कुछ समय पर होने का हवाला देकर चले जाते हैं।
-बेलाल अहमद, ग्राम महला
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अंतिम सर्वे जो हो रहा है उसमें कुछ चौड़ाई घटा दी गई है। पहले कुछ और थी अब अंतिम निर्णय जब प्रशासन और अधिकारी लेंगे जमीन अधिग्रहण की तभी कुछ कहा जा सकता है
-अनवारुलहुदा, ग्राम देवकली
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पहले पिलर लगाया गया था लेकिन अब दूसरा पिलर लग रहा है, जिस पर नंबर डाला जा रहा है। जमीन अधिग्रहण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जब तक अंतिम मुहर न लगे तब कितना जमीन, कितना मुआवजा मिलेगा कुछ नही कहा जा सकता
-रामटेक यादव, ग्राम पसाई
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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए 3-डी सर्वे चल रहा है। पीले कलर के नए पिलर लगाए जा रहे हैं, कुछ चौड़ाई भी घटाई जाएगी, जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अंकित कुच्छल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई