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Sant Kabir Nagar News: नामाकंन के बाद लापता हुए 3600 बच्चों को विभाग ने खोज निकाला
Tue, 02 Jan 2024 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 02 Jan 2024 11:47 PM IST
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विशेष प्रशिक्षण देकर अगली कक्षाओं ने दिलाया जाएगा प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों से 3600 बच्चे नामांकन के बाद लापता हो गए। इन बच्चों की खोज में विभाग जुटा हुआ था। काफी मशक्कत के बाद विभाग ने इन बच्चों को फिर से खोज निकाला है। अब इन बच्चों काे विशेष क्लास चलाकर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा।
अप्रैल माह से परिषदीय स्कूलों का सत्र शुरू हुआ। उसके बाद जुलाई माह तक बच्चों का नामांकन का कार्य किया गया। कुल एक लाख 36 हजार बच्चों का नामांकन हुआ। उसके बाद से 3600 बच्चे अचानक विद्यालयों से लापता हो गए। विभाग को जब इसकी जानकारी हुई तो इस अभियान में शिक्षकाें को लगाया गया। उसके बाद इन बच्चों को खोजा गया। विभाग की मानें तो जो बच्चे 40 दिन से स्कूल नहीं आते हैं। उन्हें ड्राॅप आउट की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे बच्चों की खोज कर ली गई।
अब इन बच्चों के लिए तीन माह की विशेष कक्षाएं चलाई जाएंगी ताकि ये बच्चे अपने छूटे हुए कोर्स को पूरा कर सकें। ये कक्षाएं जनवरी से मार्च माह तक चलेंगी।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि 3600 बच्चे स्कूल नहीं आ रहे थे। इनकी खोज कर ली गई है। उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है।
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संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों से 3600 बच्चे नामांकन के बाद लापता हो गए। इन बच्चों की खोज में विभाग जुटा हुआ था। काफी मशक्कत के बाद विभाग ने इन बच्चों को फिर से खोज निकाला है। अब इन बच्चों काे विशेष क्लास चलाकर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा।
अप्रैल माह से परिषदीय स्कूलों का सत्र शुरू हुआ। उसके बाद जुलाई माह तक बच्चों का नामांकन का कार्य किया गया। कुल एक लाख 36 हजार बच्चों का नामांकन हुआ। उसके बाद से 3600 बच्चे अचानक विद्यालयों से लापता हो गए। विभाग को जब इसकी जानकारी हुई तो इस अभियान में शिक्षकाें को लगाया गया। उसके बाद इन बच्चों को खोजा गया। विभाग की मानें तो जो बच्चे 40 दिन से स्कूल नहीं आते हैं। उन्हें ड्राॅप आउट की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे बच्चों की खोज कर ली गई।
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अब इन बच्चों के लिए तीन माह की विशेष कक्षाएं चलाई जाएंगी ताकि ये बच्चे अपने छूटे हुए कोर्स को पूरा कर सकें। ये कक्षाएं जनवरी से मार्च माह तक चलेंगी।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि 3600 बच्चे स्कूल नहीं आ रहे थे। इनकी खोज कर ली गई है। उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है।
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