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Sant Kabir Nagar News: नदी ने किया कटान तो बेघर हो जाएंगे 35 परिवार

Mon, 31 Jul 2023 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 31 Jul 2023 12:21 AM IST
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35 families will be rendered homeless if the river cuts
गांय घाट द​क्षिणी गांव के पास कटान करती घाघरा नदी।
- गायघाट दक्षिणी गांव के अस्तित्व को समाप्त कर रही घाघरा नदी
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- पिछले दो वर्षों में कटान ने 100 से अधिक लोगों को भूमिहीन कर दिया

संवाद न्यूज़ एजेंसी

संतकबीरनगर। धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गायघाट दक्षिणी का बड़ा पुरवा घाघरा नदी की कटान की वजह से धारा में समाता चला जा रहा है। पिछले दो वर्षों में नदी ने कटान ने जहां 100 से अधिक लोगों को भूमिहीन कर दिया। वहीं 45 परिवार बेघर होकर इधर-उधर खानाबदोश की जिंदगी बिता रहे हैं। इस वर्ष नदी की कटान से अभी तक किसी का मकान तो नष्ट नहीं हुआ है लेकिन गांव के लोगों को कटान का भय सताने लगा है। उनका कहना है कि यदि नदी ने इस वर्ष कटान किया तो 30 से 35 लोगों का मकान नदी की धारा में समाहित हो जाएगा।

धनघटा क्षेत्र के गायघाट दक्षिणी से करीब डेढ़ किलोमीटर दक्षिण दिशा में प्रवाहित होने वाली घाघरा नदी वर्ष 2020 में धीरे-धीरे उत्तर की दिशा में बढ़ते हुए गायघाट दक्षिणी गांव के लोगों की खेती योग्य भूमि को अपने में समाहित करने लगी। साल 2020 में ही कटान के कारण 35 किसान भूमिहीन हो गए।
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वहीं 2021 में नदी एक बार फिर तेजी के साथ कटान करते हुए 40 लोगों के खेत को अपने में समाहित करते हुए 13 परिवार को बेघर कर दिया था। घाघरा नदी 2022 में ही गांव के किनारे स्थित खेतों को काटते हुए 32 लोगों के मकान को नदी की धारा में विलीन कर दिया था। तभी से भूमिहीन और बेघर होकर 45 परिवार इधर-उधर खानाबदोश की जिंदगी बिता रहे हैं। इस वर्ष अगर घाघरा नदी ने कटान की तो बचे 35 लोगों के मकान नदी की धारा में विलीन हो जाएंगे।
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हर साल नदी की कटान से प्रभावित होते हैं लोग
गायघाट के ग्रामीण रामाश्रय, लालचंद, अशर्फी लाल और सुरेश आदि का कहना है कि हर साल घाघरा नदी कटान करती है और लोगों का नुकसान हो जाता है। 2021 में नदी ने 40 लोगों के खेत को डूबो दिया था। साथ ही 13 परिवार बेघर हुए थे। यह हाल 2022 में भी रहा। इस वर्ष भी नदी कटान कर रही है अगर इसी तरह से कटान हुआ तो उनका घर भी नदी में समाहित हो जाएगा।

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जिन लोगों के मकान पिछले वर्षों में कटकर नदी में डूब गए। उन 44 लोगों को बसने के लिए जिगिना में एक-एक विस्वा जमीन आवासीय पट्टे के रुप में आवंटित कर दी गई हैं।
- योगेंद्र कुमार पांडेय, प्रभारी तहसीलदार धनघटा
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घाघरा नदी का जलस्तर घटते क्रम में 78.550 मीटर पर पहुंच गया है। नदी की बाढ़ से कहीं पर किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। तटबंध पूरी तरह से मजबूत है।
- सतीश चंद, सहायक अभियंता, ड्रेनेज खंड
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