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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ टला अविश्वास प्रस्ताव

Tue, 24 Jul 2018 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 24 Jul 2018 11:30 PM IST
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hangama after no confidence motion proceeding stayed
अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई स्थगित होने से भड़के सदस्यों - फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। मंगलवार को खलीलाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई स्थगित होने से भड़के सदस्यों ने ब्लॉक परिसर और एसडीएम कार्यालय में जमकर हंगामा किया। एसडीएम का घेराव करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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बचाव में पहुंची पुलिस से भी नोकझोंक हुई। एसडीएम ने एक साल के अंदर दोबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाए जाने के पंचायती राज एक्ट के प्रावधान का हवाला देकर प्रक्रिया स्थगित कर दी। जबकि सदस्य मतदान करा कर परिणाम सुरक्षित रखे जाने की मांग पर अड गए। शाम को नाराज सदस्य एसडीएम कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए।
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बीडीसी सदस्यों ने ने चार जुलाई को डीएम को शपथ पत्र के साथ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। डीएम ने एसडीएम सदर की देखरेख में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 24 जुलाई की तिथि तय की थी। मंगलवार को 102 सदस्यों में से 82 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव में भाग लेने के लिए ब्लॉक सभागार में उपस्थित हुए।
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इसी बीच ब्लॉक प्रमुख मनोज राय ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 31 अगस्त 2017 को पहली बार उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाई गई थी, लेकिन एक भी सदस्य ने हिस्सा नहीं लिया था।

पंचायती राज एक्ट में प्रावधान है कि एक साल के भीतर दोबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने डीपीआरओ और एडीएम से जानकारी प्राप्त करने के बाद ब्लॉक प्रमुख के प्रार्थना पत्र को एसडीएम सदर को संदर्भित कर दिया।

इसके कुछ देर बाद दूसरे पक्ष से कांग्रेस नेता रोहित पांडेय समर्थकों के साथ डीएम के पास पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि ब्लॉक प्रमुख मनोज राय अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हाईकोर्ट गए थे,लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है।

नियम संगत तरीके से अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए तिथि तय की गई। ऐसे में मतदान करा लिया जाए और परिणाम को सुरक्षित रख लिया जाए। इनके प्रार्थना पत्र को डीएम ने नियमानुसार कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को संदर्भित कर दिया।

इस बीच एसडीएम ने उपस्थित सदस्यों का रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा लिया था। एसडीएम ने जैसे ही अविश्वास प्रस्ताव स्थगित करने की जानकारी दी, सदस्य भड़क गए और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

कुछ महिला सदस्य एसडीएम से उलझ गईं तो पुलिस को बचाव में आना पड़ा। पुलिस और सदस्यों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। नाराज सदस्य शाम को अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए। सुरक्षा को लेकर सीओ सदर के नेतृत्व में कई थाने की पुलिस मुस्तैद रही।

जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी अगली तिथि
एसडीएम सदर एसपी सिंह ने बताया कि 31 अगस्त 2017 को प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पहली बार बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक में कोई सदस्य नहीं पहुंचे तो कोरम पूरा नहीं हुआ।

पंचायती राज एक्ट में प्रावधान है कि एक साल के भीतर दोबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। प्रमुख के जरिए दिए गए प्रार्थना पत्र पर डीएम ने एडीएम और डीपीआरओ को संयुक्त रूप से जांच सौंप दी है। जबकि कांग्रेस नेता रोहित पांडेय के प्रार्थना पत्र पर डीएम ने नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया है। अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई स्थगित कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही अगली तिथि तय की जाएगी।

एक साल पूरा होने पर तय होगी डेट
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि 31 अगस्त 2017 को पहली बार अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाई गई थी। नियम है कि एक साल के अंदर दुबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है।


एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को स्थगित कर दिया है। 31 अगस्त 2018 को एक साल पूरा हो जाएगा, उसके बाद ही अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए अगली तिथि तय की जाएगी।
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