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जनपद में बाढ़ से 27 करोड़ की हुई क्षति
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:16 PM IST
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संतकबीरनगर। जिले में बाढ़ से 27 करोड़ की क्षति हुई है। जिसमें सड़क, बांध, प्राइमरी स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन को नुकसान पहुंचा है। जबकि बाढ़ से 1619 हेक्टेयर फसल भी बर्बाद हो गई है। बाढ़ में 7580 किसान प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ से हुई क्षति की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उम्मीद है कि शासन स्तर से बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए बजट आवंटित होगा।
जिले में बाढ़ कुल 103 गांव प्रभावित हुए थे। जिसमें इन गांवों के 7580 किसानों की फसलों को क्षति हुई। प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 1619 हेक्टेयर धान की फसल डूबने से बर्बाद हो गई। जबकि 4198 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ। बाढ़ क्षेत्र में सड़कें, प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर और बिजली के पोल-तार क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बांधों में दरारें पड़ गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, 5.92 करोड़ की फसल, छह करोड़ की सड़कें बर्बाद हो गईं। इसके अलावा बांध को 13.04 करोड़ की, बिजली विभाग को 63 लाख की, स्कूल भवन को 28.50 लाख और स्वास्थ्य विभाग को 45 लाख की क्षति हुई है।
घाघरा में आई बाढ़ की वजह से नदी और बांध के बीच में बसे गांवों के करीब 1000 परिवारों ने कई दिनों तक एमबीडी बांध पर शरण ली थी। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान बाढ़पीड़ितों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ी थीं। उनके आवास, फसल और घरेलू सामान बर्बाद हो गए। उन्हें नए सिरे से गृहस्थी शुरू करने की कसरत करनी पड़ रही है। वैसे प्रशासन की ओर से जिले के प्रभारी मंत्री के हाथों बाढ़ पीड़ितों को दिलाई गई मदद ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि बाढ़ से जिले के 103 गांव प्रभावित हुए थे। बाढ़ से 27 करोड़ की क्षति हुई है। सर्वाधिक नुकसान बांधों को हुआ है। करीब 60 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से हुई क्षति की रिपोर्ट राहत आयुक्त एवं प्रमुख सचिव राजस्व को भेज दी गई है। उम्मीद है कि शासन से बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई की जाएगी।
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जिले में बाढ़ कुल 103 गांव प्रभावित हुए थे। जिसमें इन गांवों के 7580 किसानों की फसलों को क्षति हुई। प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 1619 हेक्टेयर धान की फसल डूबने से बर्बाद हो गई। जबकि 4198 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ। बाढ़ क्षेत्र में सड़कें, प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर और बिजली के पोल-तार क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बांधों में दरारें पड़ गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, 5.92 करोड़ की फसल, छह करोड़ की सड़कें बर्बाद हो गईं। इसके अलावा बांध को 13.04 करोड़ की, बिजली विभाग को 63 लाख की, स्कूल भवन को 28.50 लाख और स्वास्थ्य विभाग को 45 लाख की क्षति हुई है।
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घाघरा में आई बाढ़ की वजह से नदी और बांध के बीच में बसे गांवों के करीब 1000 परिवारों ने कई दिनों तक एमबीडी बांध पर शरण ली थी। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान बाढ़पीड़ितों को काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ी थीं। उनके आवास, फसल और घरेलू सामान बर्बाद हो गए। उन्हें नए सिरे से गृहस्थी शुरू करने की कसरत करनी पड़ रही है। वैसे प्रशासन की ओर से जिले के प्रभारी मंत्री के हाथों बाढ़ पीड़ितों को दिलाई गई मदद ऊंट के मुंह में जीरा के समान थी। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि बाढ़ से जिले के 103 गांव प्रभावित हुए थे। बाढ़ से 27 करोड़ की क्षति हुई है। सर्वाधिक नुकसान बांधों को हुआ है। करीब 60 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। बाढ़ से हुई क्षति की रिपोर्ट राहत आयुक्त एवं प्रमुख सचिव राजस्व को भेज दी गई है। उम्मीद है कि शासन से बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई की जाएगी।
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