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दूषित पानी पीने से 30 छात्र बीमार
अमर उजाला ब्यूरो/ संतकबीरनगर
Updated Sat, 16 Jan 2016 11:32 PM IST
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विकलांग बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मगहर के जूनियर हाईस्कूल में लर्निंग कैंप चलाया जा रहा है जो पूरी तरह से आवासीय है।
यहंा पर मूक बाधिर और दृष्टि बाधित छात्र रहते है और पठन पाठन करते है। कैंप में 80 छात्रों का नामाकंन है। शुक्रवार की रात अचानक कुछ छात्रों के पेट में दर्द शुरू हुुआ।
इसके साथ ही कुछ छात्रों के गले में सूजन आ गया। लर्निंग कैंप की वार्डेन गरिमा रावत ने इसकी सूचना जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ को दी।
डीसी समेकित शिक्षा ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। शनिवार को सुबह ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लर्निंग कैंप में पहुंच गए और छात्रों का इलाज शुरू किया।
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डा. रचना ने बताया कि कुछ बच्चों के पेट में दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत है तथा कुछ बच्चों के गले में सूजन आ गया है।
यह दूषित पानी पीने से हुआ है। बच्चों का इलाज करने में डॉ. आलम हुसैन, डॉ.अहमद, और डॉ. एके यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंसेट
ये छात्र हुए बीमार
सुंदरी आठ वर्ष, ज्ञानेश्वर सात वर्ष, निशा 10 वर्ष, रजनीश 11 वर्ष, संजना आठ वर्ष, नीरज सात वर्ष, दीनानाथ 10 वर्ष, विमलेश छह वर्ष, भोलू नौ वर्ष, सुमित गौड़, प्रदीप, दीपक, सुजीत, राजनंदनी, गुड़िया, तुफेल, सुलोचना, संदीप, अनूप समेत अन्य शामिल है।
कुछ बच्चों को अभिभावक ले गए घर
संतकबीरनगर। लर्निंग कैंप में विकलांग बच्चों के बीमार होने की सूचना पर उनके परिजन मौके पर पहुंच गए और कुछ बच्चों को वे साथ लेकर घर चले गए। जो बच्चे कैंप में मौजूद है उनका इलाज चल रहा था।
वार्डेन के जरिए बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया और बच्चों का इलाज कराया गया। कैंप में एक छोटा आर ओ लगा हुआ है।
उसी का पानी बच्चों को पिलाया जा रहा है। बच्चे कैंसे हैंडपंप का पानी पी लिए और उनकी तबियत बिगड़ गई इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
रजनीश वैद्यनाथ, डीसी समेकित शिक्षा
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यहंा पर मूक बाधिर और दृष्टि बाधित छात्र रहते है और पठन पाठन करते है। कैंप में 80 छात्रों का नामाकंन है। शुक्रवार की रात अचानक कुछ छात्रों के पेट में दर्द शुरू हुुआ।
इसके साथ ही कुछ छात्रों के गले में सूजन आ गया। लर्निंग कैंप की वार्डेन गरिमा रावत ने इसकी सूचना जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ को दी।
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डीसी समेकित शिक्षा ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। शनिवार को सुबह ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लर्निंग कैंप में पहुंच गए और छात्रों का इलाज शुरू किया।
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डा. रचना ने बताया कि कुछ बच्चों के पेट में दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत है तथा कुछ बच्चों के गले में सूजन आ गया है।
यह दूषित पानी पीने से हुआ है। बच्चों का इलाज करने में डॉ. आलम हुसैन, डॉ.अहमद, और डॉ. एके यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंसेट
ये छात्र हुए बीमार
सुंदरी आठ वर्ष, ज्ञानेश्वर सात वर्ष, निशा 10 वर्ष, रजनीश 11 वर्ष, संजना आठ वर्ष, नीरज सात वर्ष, दीनानाथ 10 वर्ष, विमलेश छह वर्ष, भोलू नौ वर्ष, सुमित गौड़, प्रदीप, दीपक, सुजीत, राजनंदनी, गुड़िया, तुफेल, सुलोचना, संदीप, अनूप समेत अन्य शामिल है।
कुछ बच्चों को अभिभावक ले गए घर
संतकबीरनगर। लर्निंग कैंप में विकलांग बच्चों के बीमार होने की सूचना पर उनके परिजन मौके पर पहुंच गए और कुछ बच्चों को वे साथ लेकर घर चले गए। जो बच्चे कैंप में मौजूद है उनका इलाज चल रहा था।
वार्डेन के जरिए बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया और बच्चों का इलाज कराया गया। कैंप में एक छोटा आर ओ लगा हुआ है।
उसी का पानी बच्चों को पिलाया जा रहा है। बच्चे कैंसे हैंडपंप का पानी पी लिए और उनकी तबियत बिगड़ गई इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
रजनीश वैद्यनाथ, डीसी समेकित शिक्षा