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Sant Kabir Nagar News: 25 फीसदी महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा
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सीएचसी सेमरियावां में एचपीवी टीकाकरण करते सीएचसी सेमरियावां अधीक्षक डा सुरेश चंद्र। संवाद
सेमरियावां। सर्वाइकल या ग्रीवा का कैंसर एक गंभीर बीमारी है। जो ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के संक्रमण से होती है। ऐसे में डॉक्टर बीमारी से बचाव के लिए किशोरावस्था में ही वैक्सिनेशन कराने की सलाह देते हैं। अब स्वास्थ्य विभाग यह वैक्सीन निशुल्क लगवा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। चिकित्सकों की निगरानी में किशोरियों को सुरक्षित तरीके से टीकाकरण किया जा रहा है। सीएचसी सेमरियावां में वैक्सीन के लिए परिजनों के साथ किशोरियां पहुंच रही हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद्र ने सेहुड़ा गांव की नैंसी व परसामीर गांव की विंदुमती दो किशोरियों को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाकर शुभारंभ किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किशोरावस्था में समय पर यह टीका लगा दिया जाए तो भविष्य में कैंसर के खतरे को रोका जा सकता है।
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सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, जो ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के संक्रमण से होता है। इसके शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। हालांकि जैसे जैसे बीमारी की स्टेज बढ़ती है संक्रमित महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव, लगातार दर्द कमर या पैरों में, बदबूदार सफेद स्राव और पेशाब में खून जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, जिसके बाद गर्भाशय के निचले हिस्से, यानी ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि से होने लगती है। समय पर उपचार न मिलने से मरीज की मौत भी हो जाती है।
ऐसे में महिलाओं को बीमारी से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सिनेशन किया जाता है। अस्पतालों में यह सुविधा पहले मौजूद नहीं थी। अब सभी सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। वैसे स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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सीएचसी में वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। परिजनों के साथ किशोरियां पहुंच रही हैं। अभियान चलाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्र के धार्मिक व जागरूक लोगों को आगे आकर इसमें सहयोग करना चाहिए। टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है। सीएचसी पहुंच कर 14 से 15 साल की किशोरियों की जरूर टीकाकरण कराना चाहिए।
-डाॅ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक, सीएचसी सेमरियावां
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। चिकित्सकों की निगरानी में किशोरियों को सुरक्षित तरीके से टीकाकरण किया जा रहा है। सीएचसी सेमरियावां में वैक्सीन के लिए परिजनों के साथ किशोरियां पहुंच रही हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद्र ने सेहुड़ा गांव की नैंसी व परसामीर गांव की विंदुमती दो किशोरियों को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाकर शुभारंभ किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किशोरावस्था में समय पर यह टीका लगा दिया जाए तो भविष्य में कैंसर के खतरे को रोका जा सकता है।
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सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, जो ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के संक्रमण से होता है। इसके शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। हालांकि जैसे जैसे बीमारी की स्टेज बढ़ती है संक्रमित महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव, लगातार दर्द कमर या पैरों में, बदबूदार सफेद स्राव और पेशाब में खून जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, जिसके बाद गर्भाशय के निचले हिस्से, यानी ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि से होने लगती है। समय पर उपचार न मिलने से मरीज की मौत भी हो जाती है।
ऐसे में महिलाओं को बीमारी से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सिनेशन किया जाता है। अस्पतालों में यह सुविधा पहले मौजूद नहीं थी। अब सभी सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। वैसे स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
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सीएचसी में वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। परिजनों के साथ किशोरियां पहुंच रही हैं। अभियान चलाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्र के धार्मिक व जागरूक लोगों को आगे आकर इसमें सहयोग करना चाहिए। टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है। सीएचसी पहुंच कर 14 से 15 साल की किशोरियों की जरूर टीकाकरण कराना चाहिए।
-डाॅ. सुरेश चंद्र, अधीक्षक, सीएचसी सेमरियावां