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धान की खरीद नहीं होने से किसान परेशान
Updated Sun, 21 Oct 2018 11:35 PM IST
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नहीं शुरू हो पाई क्रय केंद्रों पर धान की खरीद
नंदौर/मेंहदावल। सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसान जरूरतों को देखते हुए धान औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
इस समय सांभा मंसूरी व जड़हन की फसलों को छोड़कर अन्य धान की फसल तैयार है। क्षेत्र के बाबूनंद, योगेंद्रनाथ, अनिल तिवारी, रामकुमार, झिन्नन मिश्रा, शत्रुध्न शुक्ल, रामनिहोरा पांडेय आदि किसानों ने बताया कि अब धान की फसलें सूखने लगी हैं। यदि जल्द ही धान की कटाई नहीं हुई तो धान बालियों में अन्न नहीं सिर्फ भूसी मिलेगी। सूखें के कारण धान में इस वर्ष पैदावार बेहद कम है। सरकारी धान की खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि कम्बाइन की कटाई देने, घरेलू खर्च के लिए उपज ही एकमात्र साधन है। सरकार ने इस वर्ष धान का मूल्य 1730 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं। मजबूरी को देखते हुए बिचौलिए धान की कीमत 1200 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल दे रहे हैं। किसानों ने न्याय पंचायत स्तर पर धान क्रय केंद्र खोलने की मांग की है।
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नंदौर/मेंहदावल। सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। किसान जरूरतों को देखते हुए धान औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
इस समय सांभा मंसूरी व जड़हन की फसलों को छोड़कर अन्य धान की फसल तैयार है। क्षेत्र के बाबूनंद, योगेंद्रनाथ, अनिल तिवारी, रामकुमार, झिन्नन मिश्रा, शत्रुध्न शुक्ल, रामनिहोरा पांडेय आदि किसानों ने बताया कि अब धान की फसलें सूखने लगी हैं। यदि जल्द ही धान की कटाई नहीं हुई तो धान बालियों में अन्न नहीं सिर्फ भूसी मिलेगी। सूखें के कारण धान में इस वर्ष पैदावार बेहद कम है। सरकारी धान की खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई है, जबकि कम्बाइन की कटाई देने, घरेलू खर्च के लिए उपज ही एकमात्र साधन है। सरकार ने इस वर्ष धान का मूल्य 1730 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर हैं। मजबूरी को देखते हुए बिचौलिए धान की कीमत 1200 से 1250 रुपये प्रति क्विंटल दे रहे हैं। किसानों ने न्याय पंचायत स्तर पर धान क्रय केंद्र खोलने की मांग की है।