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त्योहारी सीजन में बिजली संकट से जूझ रहे उपभोक्ता
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:51 PM IST
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electricity
संतकबीरनगर। प्रदेश सरकार लगातार दावा कर रही है कि त्योहारी सीजन में निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी। इसके बावजूद जिले में शहर से लेकर देहात तक विद्युत संकट से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। एक तो बिजली की कटौती समस्या बना हुई तो जो बिजली आपूर्ति हो रही है वह भी लोकल फाल्ट के चलते उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही है। खलीलाबाद कस्बे से सटे दक्षिणी क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ताओं को रात्रिकालीन कटौती से इस समय परेशान हैं। 48 घंटे में मात्र दो से तीन घंटे ही बिजली मिल पाई है।
29 अगस्त को टांडा-बस्ती मेन लाइन का जेब्रा कंडक्टर टूटकर गिर गया था। इसके कारण टांडा से होने वाली विद्युत सप्लाई ठप हो गई थी। जिले को गोरखपुर से शिफ्टों में विद्युत सप्लाई हो रही थी। विभाग का दावा है कि लाइन ठीक हो गई है, लेकिन बिजली संकट खत्म नहीं हो रहा है। सबसे अधिक दिक्कत खलीलाबाद कस्बे से सटे दक्षिणी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में हो रही है। पुराने जर्जर तार वोल्टेज में हो रहे बदलाव और हवा का झोंका बर्दाश्त ही नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते हर दो-तीन दिन बाद कहीं न कहीं तार फाल्ट हो रहा है। खलीलाबाद विद्युत उपकेंद्र से जुड़े चकदही, नहसापार, पायलपार, रानीपार, दुुुबौली, धरैची आदि गांवों के उपभोक्ताओं को मुश्किल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। रात्रि के समय तो प्रतिदिन ही बिजली नहीं रहती है। इससे आक्रोश बढ़ रहा है। उपभोक्ता रामभरोस पांडेय ने बताया कि नवरात्रि का पर्व चल रहा है।
इसके बावजूद बिजली का संकट बना हुआ है। शहर में विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अनिल कुमार ने बताया कि बिजली की मनमानी कटौती की जा रही है। खासकर रात्रि के समय आपूर्ति ठप हो रही है। जिससे पूरी रात अंधेरे में गुजरती है। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता है। विजय कुमार ने कहा कि जर्जर तार व पोल मुसीबत बन गए हैं। कभी भी पूरे सप्ताह निर्बाध रूप से बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे विद्युत से चलने वाले उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। कम से कम त्योहार में बिजली आपूर्ति ठीक होनी चाहिए। वीरेंद्र यादव ने बताया कि शहर से लेकर देहात तक विद्युत संकट है। इस समय नवरात्रि व दशहरा का पर्व चल रहा है। शासन ने भी निर्बाध रूप से बिजली देने की बात कहीं है। ऐसे में निगम को विद्युत व्यवस्था को ठीक करने की जरूरत है।
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29 अगस्त को टांडा-बस्ती मेन लाइन का जेब्रा कंडक्टर टूटकर गिर गया था। इसके कारण टांडा से होने वाली विद्युत सप्लाई ठप हो गई थी। जिले को गोरखपुर से शिफ्टों में विद्युत सप्लाई हो रही थी। विभाग का दावा है कि लाइन ठीक हो गई है, लेकिन बिजली संकट खत्म नहीं हो रहा है। सबसे अधिक दिक्कत खलीलाबाद कस्बे से सटे दक्षिणी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में हो रही है। पुराने जर्जर तार वोल्टेज में हो रहे बदलाव और हवा का झोंका बर्दाश्त ही नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते हर दो-तीन दिन बाद कहीं न कहीं तार फाल्ट हो रहा है। खलीलाबाद विद्युत उपकेंद्र से जुड़े चकदही, नहसापार, पायलपार, रानीपार, दुुुबौली, धरैची आदि गांवों के उपभोक्ताओं को मुश्किल तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। रात्रि के समय तो प्रतिदिन ही बिजली नहीं रहती है। इससे आक्रोश बढ़ रहा है। उपभोक्ता रामभरोस पांडेय ने बताया कि नवरात्रि का पर्व चल रहा है।
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इसके बावजूद बिजली का संकट बना हुआ है। शहर में विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अनिल कुमार ने बताया कि बिजली की मनमानी कटौती की जा रही है। खासकर रात्रि के समय आपूर्ति ठप हो रही है। जिससे पूरी रात अंधेरे में गुजरती है। इससे जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता है। विजय कुमार ने कहा कि जर्जर तार व पोल मुसीबत बन गए हैं। कभी भी पूरे सप्ताह निर्बाध रूप से बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे विद्युत से चलने वाले उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। कम से कम त्योहार में बिजली आपूर्ति ठीक होनी चाहिए। वीरेंद्र यादव ने बताया कि शहर से लेकर देहात तक विद्युत संकट है। इस समय नवरात्रि व दशहरा का पर्व चल रहा है। शासन ने भी निर्बाध रूप से बिजली देने की बात कहीं है। ऐसे में निगम को विद्युत व्यवस्था को ठीक करने की जरूरत है।
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