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Sant Kabir Nagar News: 21 करोड़ खर्च, नहीं सुधरी करमैनी- बेलौली बांध की हालात
Wed, 19 Jul 2023 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 19 Jul 2023 12:17 AM IST
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-बांध में करीब 14 स्थान पर रेनकट के साथ गहरे होल
-नहीं भरे गए रेन कट व रैट होल, बाढ़ आएगी तो मचेगी तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। करमैनी- बेलौली तटबंध की सूरत सुधारने के लिए करीब 21 करोड़ खर्च हो चुके हैं, लेकिन बांध की न तो दशा सुधरी न ही तटबंध सुरक्षित हुआ। बरसात का मौसम शुरू है। लेकिन बांध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात आज तक नहीं हो पाए। बांध पर जगह-जगह रेन कट तथा रैट होल तटबंध की मजबूती की कहानी बयां कर रहे हैं। इस बार जलस्तर बढ़ा तो भारी तबाही मच सकती है।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में स्थित करमैनी -बेलौली तटबंध के चौड़ीकरण तथा ऊंच्चीकरण और बेलौली कटान पर बोल्डर पीचिंग आदि कार्य एवं बाढ़ निरोधक व सुरक्षात्मक कार्य आदि पर करीब 21 करोड़ रुपये ड्रेनेज खंड द्वितीय ने खर्च किया है। लेकिन बांध की हालत आज भी खराब है। बढ़या ठाठर के नौ किलोमीटर से थरौली के 16.700 किमी के बीच बांध में करीब 14 स्थान पर रेनकट के साथ ही गहरे होल बाढ़ रोकने के विभाग के दावों को खोखला साबित कर रहे हैं।
तटबंध की दयनीय हालत तथा रेनकट बाढ़ की तबाही मचाने के लिए काफी है। बेलौली के किमी 17 से किमी 18.200 के बीच वर्ष 2021-22 में कटान को सुरक्षित करने के लिए बना बोल्डर पीचिंग का नोज क्षतिग्रस्त हो गया है। क्षेत्रवासी दिनेश तिवारी, मकसूदन तिवारी, बैजनाथ यादव, हरिश्चंद्र यादव, दीपचंद, श्रीराम यादव, उमाशंकर आदि का कहना है कि बेलौली में पिछले वर्ष बना बोल्डर पीचिंग धाराशाई हो गया है।
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तीन दिनों की लगातार बरसात में राप्ती का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया था। उस समय भी क्षेत्रवासी जर्जर बांध की समस्या उठाते हुए और बांध की मरम्मत के नाम पर धनादोहन को लेकर नाराजगी जता रहे थे। कई दिनों से बरसात न होने और जलस्तर घटने के बाद भी यहां तैनात अवर अभियंता लापरवाह बने हुए हैं। नतीजा यह है कि बांध पर रेनकट की भरमार है। कई स्थानों पर बांध में गहरे होल बने हुए हैं ऐसे में इस बार यदि जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाएगी। लेकिन शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
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डुमरिया बाबू के पास पिछली बार तटबंध में नदी का जलस्तर बढ़ते ही रिसाव शुरू हो गया था। गांववालों ने रिसाव को देख लिया और पूरा गांव रिसाव रोकने के लिए जूझता रहा। लेकिन वर्तमान समय में ड्रेनेज खंड के जिम्मेदारों ने बांध की मजबूती व सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिया फिर भी बांध जर्जर हालत में है।
- कृपा शंकर यादव, ग्रामीण
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करमैनी- बेलौली तटबंध के थरौली के समीप बांध में गहरे होल दुर्घटना की सबब बने हुए हैं। गांव के पास रेनकट की भरमार है। यह बांध की कमजोरी को साबित कर रहे हैं। अभी बरसात शेष हैं ऐसे में जलस्तर बढ़ा तो क्षेत्र के लोगों को भारी बाढ़ की तबाही झेलनी पड़ सकती है।
- अनिल दूबे, ग्रामीण
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करमैनी-बेलौली तटबंध की हालत काफी दयनीय है। बरसात बंद होने के बाद भी रेनकट भरने की प्रक्रिया नहीं पूरी की गई। नदी का जलस्तर घटने के बाद से ही यहां तैनात चारों अवर अभियंता गायब हैं।
- दिलीप कुमार श्रीवास्तव, ग्रामीण
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वर्ष 2021-22 मैं बेलौली किलोमीटर 18, 200 के पास बोल्डर पीचिंग का कार्य हुआ था। अभी 1 वर्ष भी नहीं बीता कि उक्त बोल्डर पीचिंग का कार्य क्षतिग्रस्त हो गया। पिचिंग के नोज पर लगा वोल्डर क्षतिग्रस्त हो गया है। बांध के दोनों पटरियों पर बरसात होने से मिट्टी बहकर गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुके हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है लेकिन विभागीय जिम्मेदार लापरवाह बने हैं।-- -रामभजन, ग्रामीण
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करमैनी-बेलौली तटबंध पर बने रेनकट व रेनहोल को भरने का निर्देश दिया गया है। बांध पर मिट्टी गिराई जा रही है। राप्ती का जलस्तर अभी काफी नीचे है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध को कोई नुकसान नहीं होगा।
- रामउजागिर लाल, सहायक अभियंता
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-नहीं भरे गए रेन कट व रैट होल, बाढ़ आएगी तो मचेगी तबाही
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। करमैनी- बेलौली तटबंध की सूरत सुधारने के लिए करीब 21 करोड़ खर्च हो चुके हैं, लेकिन बांध की न तो दशा सुधरी न ही तटबंध सुरक्षित हुआ। बरसात का मौसम शुरू है। लेकिन बांध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात आज तक नहीं हो पाए। बांध पर जगह-जगह रेन कट तथा रैट होल तटबंध की मजबूती की कहानी बयां कर रहे हैं। इस बार जलस्तर बढ़ा तो भारी तबाही मच सकती है।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में स्थित करमैनी -बेलौली तटबंध के चौड़ीकरण तथा ऊंच्चीकरण और बेलौली कटान पर बोल्डर पीचिंग आदि कार्य एवं बाढ़ निरोधक व सुरक्षात्मक कार्य आदि पर करीब 21 करोड़ रुपये ड्रेनेज खंड द्वितीय ने खर्च किया है। लेकिन बांध की हालत आज भी खराब है। बढ़या ठाठर के नौ किलोमीटर से थरौली के 16.700 किमी के बीच बांध में करीब 14 स्थान पर रेनकट के साथ ही गहरे होल बाढ़ रोकने के विभाग के दावों को खोखला साबित कर रहे हैं।
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तटबंध की दयनीय हालत तथा रेनकट बाढ़ की तबाही मचाने के लिए काफी है। बेलौली के किमी 17 से किमी 18.200 के बीच वर्ष 2021-22 में कटान को सुरक्षित करने के लिए बना बोल्डर पीचिंग का नोज क्षतिग्रस्त हो गया है। क्षेत्रवासी दिनेश तिवारी, मकसूदन तिवारी, बैजनाथ यादव, हरिश्चंद्र यादव, दीपचंद, श्रीराम यादव, उमाशंकर आदि का कहना है कि बेलौली में पिछले वर्ष बना बोल्डर पीचिंग धाराशाई हो गया है।
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तीन दिनों की लगातार बरसात में राप्ती का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया था। उस समय भी क्षेत्रवासी जर्जर बांध की समस्या उठाते हुए और बांध की मरम्मत के नाम पर धनादोहन को लेकर नाराजगी जता रहे थे। कई दिनों से बरसात न होने और जलस्तर घटने के बाद भी यहां तैनात अवर अभियंता लापरवाह बने हुए हैं। नतीजा यह है कि बांध पर रेनकट की भरमार है। कई स्थानों पर बांध में गहरे होल बने हुए हैं ऐसे में इस बार यदि जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ इस क्षेत्र में भारी तबाही मचाएगी। लेकिन शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
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डुमरिया बाबू के पास पिछली बार तटबंध में नदी का जलस्तर बढ़ते ही रिसाव शुरू हो गया था। गांववालों ने रिसाव को देख लिया और पूरा गांव रिसाव रोकने के लिए जूझता रहा। लेकिन वर्तमान समय में ड्रेनेज खंड के जिम्मेदारों ने बांध की मजबूती व सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिया फिर भी बांध जर्जर हालत में है।
- कृपा शंकर यादव, ग्रामीण
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करमैनी- बेलौली तटबंध के थरौली के समीप बांध में गहरे होल दुर्घटना की सबब बने हुए हैं। गांव के पास रेनकट की भरमार है। यह बांध की कमजोरी को साबित कर रहे हैं। अभी बरसात शेष हैं ऐसे में जलस्तर बढ़ा तो क्षेत्र के लोगों को भारी बाढ़ की तबाही झेलनी पड़ सकती है।
- अनिल दूबे, ग्रामीण
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करमैनी-बेलौली तटबंध की हालत काफी दयनीय है। बरसात बंद होने के बाद भी रेनकट भरने की प्रक्रिया नहीं पूरी की गई। नदी का जलस्तर घटने के बाद से ही यहां तैनात चारों अवर अभियंता गायब हैं।
- दिलीप कुमार श्रीवास्तव, ग्रामीण
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वर्ष 2021-22 मैं बेलौली किलोमीटर 18, 200 के पास बोल्डर पीचिंग का कार्य हुआ था। अभी 1 वर्ष भी नहीं बीता कि उक्त बोल्डर पीचिंग का कार्य क्षतिग्रस्त हो गया। पिचिंग के नोज पर लगा वोल्डर क्षतिग्रस्त हो गया है। बांध के दोनों पटरियों पर बरसात होने से मिट्टी बहकर गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुके हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है लेकिन विभागीय जिम्मेदार लापरवाह बने हैं।
करमैनी-बेलौली तटबंध पर बने रेनकट व रेनहोल को भरने का निर्देश दिया गया है। बांध पर मिट्टी गिराई जा रही है। राप्ती का जलस्तर अभी काफी नीचे है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध को कोई नुकसान नहीं होगा।
- रामउजागिर लाल, सहायक अभियंता