{"_id":"60ccdf818ebc3e32663542db","slug":"21-94-laks-usurped-khalilabad-news-gkp398610742","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतकबीरनगर: जालसाजी कर मुर्गी दाना कंपनी के हड़प लिए 21.94 लाख रुपये, ऐसे हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतकबीरनगर: जालसाजी कर मुर्गी दाना कंपनी के हड़प लिए 21.94 लाख रुपये, ऐसे हुआ खुलासा
Sat, 19 Jun 2021 12:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 12:38 PM IST
सार
पुलिस ने कंपनी के पूर्व ब्रांड हेड समेत चार पर दर्ज किया जालसाजी और गबन का केस
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संतकबीरनगर में मुर्गी दाना बनाने वाली कंपनी के 21,94,846 रुपये हड़प लेने के मामले में शुक्रवार को कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया। पुलिस विवेचना में उजागर होने वाले तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
अमरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह रिकवरी एक्जीक्यूटिव ग्रीनवे ट्रेड काम प्राइवेट लिमिटेड रोड नंबर आठ यूपीएसआईडीसी अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया नादरगंज लखनऊ में कार्यरत हैं। उक्त कंपनी मुर्गी दाना का उत्पादन करके विक्रय का काम करती है। इसके लिए डीलर/व्यवसायी के व्यवसाय के लेखा-जोखा के लिए लेजर एकाउंट बनाया जाता है, जो ब्रांड हेड के अनुमोदित अंडरटेकिंग प्रपत्र पर हस्ताक्षर एवं संबंधित व्यापारी के डीलर की डॉटा शीट को पूर्ण करके डीलर के हस्ताक्षर व ब्रांड हेड के अनुमोदन हेतु हस्ताक्षर पर ही संबंधित डीलर के नोटरी हलफनामा जमा किए जाने पर डीलर के नाम से या उसके फर्म के नाम से लेजर एकाउंट बनता है।
इसमें पूरा विवरण अंकित रहता है। आरोप है कि उक्त कंपनी के भूतपूर्व नियुक्त ब्रांड हेड भरत कुमार उपाध्याय ने वर्ष 2018 में डीलर मोहम्मद वकील निवासी खलीलाबाद का मुर्गी दाना व्यवसाय के लिए स्वयं के अनुमोदित हस्ताक्षर सहित अंडरटेकिंग प्रपत्र व मोहम्मद वकील के नोटरी हलफनामा नियमानुसार बना कर, जिस पर निवास का पता मोहद्दीपुर, गोरखपुर अंकित है, दाखिल कर उनके डीलर डाटा शीट पर उसका व अपना हस्ताक्षर कर व्यवसाय शुरू कराए थे।
विज्ञापन
20 दिसंबर 2018 से प्रारंभ करके मई 2019 तक मुर्गीदाना का कुल व्यवसाय 87,17,691 रुपये का हुआ। डीलर मोहम्मद वकील के जरिए 47,71,650 रुपये कंपनी के खाता नंबर में जमा किया गया। जबकि विभिन्न मद का 21,94,846 रुपये बकाया भुगतान के लिए शेष रह गया। आरोप है कि बकाया रकम बगैर जमा कराए ही भरत कुमार उपाध्याय सितंबर 2020 को कंपनी से त्यागपत्र देकर दूसरी कंपनी में चले गए। आरोप है कि उक्त लोग उनकी कंपनी के 21,94,846 रुपये हड़प लिए।
कोतवाल मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में भरत कुमार उपाध्याय निवासी माधोरामापुर थाना परसीपुर जिला संत रविदासनगर भदोही, फर्जी डीलर मोहम्मद वकील निवासी अज्ञात, नोटरी हलफनामा में गवाह विश्वजीत राय निवासी अज्ञात और तत्कालीन सेल्स मैनेजर नाम-पता अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
अमरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह रिकवरी एक्जीक्यूटिव ग्रीनवे ट्रेड काम प्राइवेट लिमिटेड रोड नंबर आठ यूपीएसआईडीसी अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया नादरगंज लखनऊ में कार्यरत हैं। उक्त कंपनी मुर्गी दाना का उत्पादन करके विक्रय का काम करती है। इसके लिए डीलर/व्यवसायी के व्यवसाय के लेखा-जोखा के लिए लेजर एकाउंट बनाया जाता है, जो ब्रांड हेड के अनुमोदित अंडरटेकिंग प्रपत्र पर हस्ताक्षर एवं संबंधित व्यापारी के डीलर की डॉटा शीट को पूर्ण करके डीलर के हस्ताक्षर व ब्रांड हेड के अनुमोदन हेतु हस्ताक्षर पर ही संबंधित डीलर के नोटरी हलफनामा जमा किए जाने पर डीलर के नाम से या उसके फर्म के नाम से लेजर एकाउंट बनता है।
विज्ञापन
इसमें पूरा विवरण अंकित रहता है। आरोप है कि उक्त कंपनी के भूतपूर्व नियुक्त ब्रांड हेड भरत कुमार उपाध्याय ने वर्ष 2018 में डीलर मोहम्मद वकील निवासी खलीलाबाद का मुर्गी दाना व्यवसाय के लिए स्वयं के अनुमोदित हस्ताक्षर सहित अंडरटेकिंग प्रपत्र व मोहम्मद वकील के नोटरी हलफनामा नियमानुसार बना कर, जिस पर निवास का पता मोहद्दीपुर, गोरखपुर अंकित है, दाखिल कर उनके डीलर डाटा शीट पर उसका व अपना हस्ताक्षर कर व्यवसाय शुरू कराए थे।
विज्ञापन
20 दिसंबर 2018 से प्रारंभ करके मई 2019 तक मुर्गीदाना का कुल व्यवसाय 87,17,691 रुपये का हुआ। डीलर मोहम्मद वकील के जरिए 47,71,650 रुपये कंपनी के खाता नंबर में जमा किया गया। जबकि विभिन्न मद का 21,94,846 रुपये बकाया भुगतान के लिए शेष रह गया। आरोप है कि बकाया रकम बगैर जमा कराए ही भरत कुमार उपाध्याय सितंबर 2020 को कंपनी से त्यागपत्र देकर दूसरी कंपनी में चले गए। आरोप है कि उक्त लोग उनकी कंपनी के 21,94,846 रुपये हड़प लिए।
कोतवाल मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में भरत कुमार उपाध्याय निवासी माधोरामापुर थाना परसीपुर जिला संत रविदासनगर भदोही, फर्जी डीलर मोहम्मद वकील निवासी अज्ञात, नोटरी हलफनामा में गवाह विश्वजीत राय निवासी अज्ञात और तत्कालीन सेल्स मैनेजर नाम-पता अज्ञात के खिलाफ जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया गया। विवेचना से जो तथ्य सामने आएंगे, आगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।