फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   20 children will get benefit

कोरोना प्रभावित जिले के 20 बच्चों के सपनों को पंख देगी सरकार

Wed, 21 Jul 2021 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
20 children will get  benefit
कोरोना प्रभावित जिले के 20 बच्चों के सपनों को पंख देगी सरकार
विज्ञापन

प्रदेश के 4050 बच्चों की शिक्षा व उचित देखभाल के लिए खातों में पहुंचेगी रकम
राज्यपाल व मुख्यमंत्री लोकभवन में करेंगे योजना की विधिवत शुरुआत
जिलों में भी होगा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, कुछ बच्चों से भी मिलेंगे मुख्यमंत्री
संतकबीरनगर। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, प्यार व अधिकार, सरकार करेगी सपने साकार के नारे के साथ कोविड-19 प्रभावित बच्चों को मदद पहुंचाने के लिए 22 जुलाई को उनके अभिभावकों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया जाएगा। विभिन्न माध्यमों से जांच-पड़ताल के बाद सूबे के 4050 ऐसे बच्चों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने कोरोना काल (मार्च 2020 से) में माता-पिता दोनों या उनमें से किसी एक को खोया है।

इनमें 240 ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने माता-पिता दोनों को खोया है जबकि 3810 बच्चों ने दोनों में से किसी एक को खोया है। इनमें जनपद के कुल 20 बच्चे शामिल हैं, जिन्होंने अपने माता या पिता दोनों में से एक को खोया है। इसके साथ ही जिले में 17 और अनाथ हुए बच्चे चिह्नित किए गए हैं। जल्द ही डीएम की समिति इस पर भी निर्णय लेगी। कोविड काल में माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए बृहस्पतिवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाल सेवा योजना की विधिवत शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जिलों में होगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि इसमें जनपद के 20 बच्चे शामिल होंगे। जिन्होंने अपने माता या पिता को कोरोना काल के दौरान खोया है। उन्होंने बताया कि योजना की श्रेणी में आने वाले शून्य से 18 साल तक के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे । इसके साथ शर्त यह होगी कि औपचारिक शिक्षा के लिए बच्चे का पंजीयन किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कराया गया हो। समय से टीकाकरण कराया गया हो और बच्चे के स्वास्थ्य व पोषण का पूरा ध्यान रखा जा रहा हो। इसके अलावा जो बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हों और बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के तहत संचालित बाल देखभाल संस्थाओं में आवासित कराए गए हों, उनको कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। 11 से 18 साल के बच्चों की कक्षा-12 तक की मुफ्त शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी प्रवेश कराया जा सकेगा । ऐसे वैध संरक्षक को विद्यालयों की तीन माह की अवकाश अवधि के लिए बच्चे की देखभाल प्रतिमाह 4000 की दर से 12,000 रुपये प्रतिवर्ष खाते में दिए जाएंगे। यह राशि कक्षा-12 तक या 18 साल तक की उम्र पूर्ण होने तक दी जाएगी। यदि बच्चे के संरक्षक इन विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिलाना चाहते हों तो बच्चों की देखरेख और पढ़ाई के लिए उनको 18 साल का होने तक या कक्षा-12 की शिक्षा पूरी होने तक 4000 रुपये की धनराशि दी जाएगी। बशर्ते बच्चे का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया हो। योजना के तहत चिह्नित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये दिए जाएंगे। श्रेणी में आने वाले कक्षा-9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा दी जाएगी । ऐसे बच्चों की चल-अचल संपत्तियों की सुरक्षा के प्रबंध होंगे। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed