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दो बच्चों के साथ एडीओ पंचायत के दफ्तर पहुंची महिला
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पति की उपेक्षा से आहत पत्नी और बच्चों ने सुनाई पीड़ा
नाथनगर ब्लॉक के एक ग्राम पंचायत सचिव का है मामला
महिला के अनुसार 10 वर्षों से पति कर रहा प्रताड़ित, मजदूरी करके पाल रही पेट
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। नाथनगर ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी ने बुधवार को एडीओ पंचायत कार्यालय में दो बच्चों के साथ पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई तो वहां मौजूद लोग द्रवित हो गए। लोगों ने सचिव की इस हरकत को बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बताया तो वहीं एडीओ पंचायत ने इस प्रकरण में वरिष्ठ अफसरों को पत्र भेजने का आश्वासन दिया।
बुधवार को नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय स्थित एडीओ पंचायत कार्यालय पर एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद कर्मचारियों के साथ कामकाज निबटा रहे थे। इसी दौरान वहां लीलावती देवी नाम की एक महिला पहुंची। खुद को देवरिया जिले का निवासी बता रही महिला ने खुद को नाथनगर ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी बताया। महिला के साथ दो बच्चे संजीव और मुकेश भी मौजूद थे। एडीओ पंचायत कार्यालय में पहुंचते ही अपना परिचय देते हुए महिला ने ग्राम पंचायत सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए। अपनी बात कहते-कहते रो पड़ी महिला और बच्चों को वहां मौजूद लोगों ने शांत कराया। महिला का कहना था कि उसके पति बीते 10 वर्षों से उसका ख्याल नहीं रखते हैं। मेहनत-मजदूरी करके वह अपना और दोनों बेटों का पालन-पोषण कर रही है। महिला ने एडीओ पंचायत से न्याय की गुहार लगाते हुए पंचायत सचिव के वेतन से भरण-पोषण के लिए धन दिलाने की मांग की। महिला के आरोपों की सच्चाई पता लगाने के लिए एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद ने ग्राम पंचायत सचिव के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल बंद था। एडीओ पंचायत ने काफी देर तक समझा-बुझाकर महिला और बच्चों को वापस भेजा। इस संबंध में एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद का कहना है कि इस मामले से वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराया गया है। अगर महिला का आरोप सही है तो उसे भरण-पोषण के लिए सचिव के वेतन से धन काटकर देने के लिए भी वरिष्ठ अफसरों को पत्र भेजा जाएगा।
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नाथनगर ब्लॉक के एक ग्राम पंचायत सचिव का है मामला
महिला के अनुसार 10 वर्षों से पति कर रहा प्रताड़ित, मजदूरी करके पाल रही पेट
अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा। नाथनगर ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी ने बुधवार को एडीओ पंचायत कार्यालय में दो बच्चों के साथ पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई तो वहां मौजूद लोग द्रवित हो गए। लोगों ने सचिव की इस हरकत को बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बताया तो वहीं एडीओ पंचायत ने इस प्रकरण में वरिष्ठ अफसरों को पत्र भेजने का आश्वासन दिया।
बुधवार को नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय स्थित एडीओ पंचायत कार्यालय पर एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद कर्मचारियों के साथ कामकाज निबटा रहे थे। इसी दौरान वहां लीलावती देवी नाम की एक महिला पहुंची। खुद को देवरिया जिले का निवासी बता रही महिला ने खुद को नाथनगर ब्लॉक में तैनात एक ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी बताया। महिला के साथ दो बच्चे संजीव और मुकेश भी मौजूद थे। एडीओ पंचायत कार्यालय में पहुंचते ही अपना परिचय देते हुए महिला ने ग्राम पंचायत सचिव पर कई गंभीर आरोप लगाए। अपनी बात कहते-कहते रो पड़ी महिला और बच्चों को वहां मौजूद लोगों ने शांत कराया। महिला का कहना था कि उसके पति बीते 10 वर्षों से उसका ख्याल नहीं रखते हैं। मेहनत-मजदूरी करके वह अपना और दोनों बेटों का पालन-पोषण कर रही है। महिला ने एडीओ पंचायत से न्याय की गुहार लगाते हुए पंचायत सचिव के वेतन से भरण-पोषण के लिए धन दिलाने की मांग की। महिला के आरोपों की सच्चाई पता लगाने के लिए एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद ने ग्राम पंचायत सचिव के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल बंद था। एडीओ पंचायत ने काफी देर तक समझा-बुझाकर महिला और बच्चों को वापस भेजा। इस संबंध में एडीओ पंचायत विश्राम प्रसाद का कहना है कि इस मामले से वरिष्ठ अफसरों को अवगत कराया गया है। अगर महिला का आरोप सही है तो उसे भरण-पोषण के लिए सचिव के वेतन से धन काटकर देने के लिए भी वरिष्ठ अफसरों को पत्र भेजा जाएगा।
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