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फिर बदहाल हुई बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 29 Jul 2018 10:46 PM IST
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सीएचसी खलीलाबाद में निर्बाध बिजली के लिए लगा अलग से ट्रांसफार्मर।
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद को निर्बाध रूप से बिजली देने के लिए स्वतंत्र फीडर से जोड़ने की मुहिम एक बार फिर विफल हो गई। विद्युत कर्मियों ने पहले तो इसे स्वतंत्र फीडर से जोड़कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बहाली का दावा किया था, लेकिन कुछ ही दिनों में तकनीकी गड़बड़ी के चलते यह व्यवस्था फेल हो गई और विद्युत आपूर्ति लड़खड़ा गई। जिससे परेशान अस्पताल प्रशासन ने पुरानी व्यवस्था से बिजली आपूर्ति शुरू कराने में ही भलाई समझी।
पांच वर्ष पूर्व एक करोड़ रुपये का बजट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद के लिए आवंटित हुआ था, इसके तहत सीएचसी को 24 घंटे बिलजी आपूर्ति के लिए इसे स्वतंत्र फीडर से जोड़ा जाना था, लेकिन पैनल के अभाव में विद्युत निगम कार्य पूर्ण कराने से कतराता रहा। बाद में पूर्व डीएम मार्कंडेय शाही के निर्देश पर आनन-फानन में सीएचसी को स्वतंत्र फीडर से जोड़ दिया गया। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों व चिकित्सकों को उम्मीद थी कि उनकी बिजली की समस्या दूर हो गई है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। स्थिति यह हो गई कि कभी 14 घंटे तो कभी 16 घंटे ही बिजली मिलती रही। इससे अस्पताल प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। बाद में सीएचसी को स्वतंत्र फीडर से हटा दिया गया। ऐसे में अब अस्पताल की व्यवस्था जैसे-तैसे चल रही है।
वर्तमान में स्थिति यह है कि ऑपरेशन थिएटर यानी ओटी के लिए जनरेटर चलने का इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही बिजली गुल होने पर कार्यालय का कार्य जहां प्रभावित हो रहा है, वहीं मरीज व तीमारदार भी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। कारण यह है कि बिजली गुल होने पर समस्या खड़ी हो जा रही है। मजबूरन जनरेटर चलाना पड़ रहा है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है। सीएचसी पहुंचे रमेश कुमार, अरविंद कुमार, हसमुख लाल, संजय चौरसिया आदि ने कहा कि बिजली गुल होने पर समस्या हो रही है। खास कर जहां पर गर्भवती महिला भर्ती होती हैं, उन्हें समस्या झेलनी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी पांडेय ने कहा कि उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से वार्ता की थी और स्वतंत्र फीडर से सीएचसी जुड़ भी गई थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण 24 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही थी, जिससे समस्या और बढ़ गई थी। दूसरी तरफ अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने कहा कि जल्द ही तकनीकी खामियां दूर कर सीएचसी खलीलाबाद को स्वतंत्र फीडर से जोड़ दिया जाएगा, ताकि अस्पताल को 24 घंटे बिजली मिल सके।
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पांच वर्ष पूर्व एक करोड़ रुपये का बजट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद के लिए आवंटित हुआ था, इसके तहत सीएचसी को 24 घंटे बिलजी आपूर्ति के लिए इसे स्वतंत्र फीडर से जोड़ा जाना था, लेकिन पैनल के अभाव में विद्युत निगम कार्य पूर्ण कराने से कतराता रहा। बाद में पूर्व डीएम मार्कंडेय शाही के निर्देश पर आनन-फानन में सीएचसी को स्वतंत्र फीडर से जोड़ दिया गया। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों व चिकित्सकों को उम्मीद थी कि उनकी बिजली की समस्या दूर हो गई है, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। स्थिति यह हो गई कि कभी 14 घंटे तो कभी 16 घंटे ही बिजली मिलती रही। इससे अस्पताल प्रशासन की परेशानी बढ़ गई। बाद में सीएचसी को स्वतंत्र फीडर से हटा दिया गया। ऐसे में अब अस्पताल की व्यवस्था जैसे-तैसे चल रही है।
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वर्तमान में स्थिति यह है कि ऑपरेशन थिएटर यानी ओटी के लिए जनरेटर चलने का इंतजार करना पड़ता है। इसके साथ ही बिजली गुल होने पर कार्यालय का कार्य जहां प्रभावित हो रहा है, वहीं मरीज व तीमारदार भी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। कारण यह है कि बिजली गुल होने पर समस्या खड़ी हो जा रही है। मजबूरन जनरेटर चलाना पड़ रहा है, जिससे प्रदूषण फैल रहा है। सीएचसी पहुंचे रमेश कुमार, अरविंद कुमार, हसमुख लाल, संजय चौरसिया आदि ने कहा कि बिजली गुल होने पर समस्या हो रही है। खास कर जहां पर गर्भवती महिला भर्ती होती हैं, उन्हें समस्या झेलनी पड़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी पांडेय ने कहा कि उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से वार्ता की थी और स्वतंत्र फीडर से सीएचसी जुड़ भी गई थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण 24 घंटे बिजली नहीं मिल पा रही थी, जिससे समस्या और बढ़ गई थी। दूसरी तरफ अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने कहा कि जल्द ही तकनीकी खामियां दूर कर सीएचसी खलीलाबाद को स्वतंत्र फीडर से जोड़ दिया जाएगा, ताकि अस्पताल को 24 घंटे बिजली मिल सके।
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