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शहर में केवल चार हाइडेंट प्वाइंट, उन्हें भी ढूंढना मुश्किल
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शहर में केवल चार हाइडेंट प्वाइंट, उन्हें भी ढूंढना मुश्किल
फोटो
अचानक आग लगने पर हाइडेंट प्वांइट से पानी मिलना मुश्किल
- इस साल हुई ही नहीं हाइडेंट प्वाइंट की टेस्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शहर में आगलगी की घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए जलापूर्ति की पाइप लाइन से जुड़े हाईडेंट प्वांइट बेकार साबित हो रहे हैं। आपात काल में इन हाइडेंट प्वांइट से पानी मिलना मुश्किल है। कारण यह है कि हाइडेंट प्वांइट के पास न तो बोर्ड है और न ही पहचान के लिए कोई इंतजाम। ऐसे में इन्हें ढूंढ पाना ही काफी मुश्किल है।
करीब तीन किलोमीटर के एरिया में बसे खलीलाबाद शहर में केवल चार जगह ही हाईडेंट प्वाइंट हैं। इसमें वकिधियानी मोड़ पर पुलिया के पास, मेंहदावल चौक के मधुकुंज के पास, मुखलिसपुर तिराहे के पास तथा मोती चौराहा के पास शामिल हैं। इन हाइडेंट प्वांइट की स्थिति यह है कि यह बेेकार पड़े हुए हैं। आग लगने पर फायर बिग्रेड को पानी की जरूरत रहती है, लेकिन इन हाइडेंटों को ढूंढना मुश्किल है। मुखलिसपुर तिराहे के पास बना हाइडेंट प्वांइट सड़क के किनारे है, लेकिन पत्थर से इन कदर जाम कर दिया गया कि वहां से पानी मिल पाना मुश्किल है। ऐसी ही स्थिति अन्य हाइडेंट प्वांइट की भी है। शहर के बरदहिया बाजार में प्रत्येक सप्ताह कपड़ों का बड़ा बाजार लगता है, लेकिन इस क्षेत्र में हाइडेंट प्वांइट ही नहीं है। ऐसे में यदि आग लगी तो पानी के इंतजाम के लिए इधर-उधर भटकने की मजबूरी है। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की ईओ बीना सिंह ने कहा कि अभी शहर में चार हाइडेंट प्वांइट बने हैं। ये सभी हाइडेंट प्वांइट ठीक है। हर साल फायर सर्विस के लोग इसे चेक करते रहे हैं, लेकिन इस बार इनकी चेकिंग नहीं की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी नहीं है पर्याप्त इंतजाम
आग से निपटने के इंतजाम पर गौर करें तो जनपद मुख्यालय पर एक फायर स्टेशन स्थापित है। अग्निशमन विभाग के पास चार फायर टैँकर, एक बोलेरो कैंपर और एक जीप है। जिला मुख्यालय से एक-एक फायर टैंकर धनघटा और मेंहदावल भेज दिया गया है। गर्मी में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक थाने पर कम से कम एक-एक फायर टैंकर की जरुरत है। टैंकरों में पानी भरने के लिए खलीलाबाद फायर स्टेशन पर वाटर बाक्स बना है। आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब तक फायर स्टेेशन तक जाकर पानी भरेगी तब तक सब कुछ जल चुका होगा।
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अचानक आग लगने पर हाइडेंट प्वांइट से पानी मिलना मुश्किल
- इस साल हुई ही नहीं हाइडेंट प्वाइंट की टेस्टिंग
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शहर में आगलगी की घटनाओं पर तत्काल काबू पाने के लिए जलापूर्ति की पाइप लाइन से जुड़े हाईडेंट प्वांइट बेकार साबित हो रहे हैं। आपात काल में इन हाइडेंट प्वांइट से पानी मिलना मुश्किल है। कारण यह है कि हाइडेंट प्वांइट के पास न तो बोर्ड है और न ही पहचान के लिए कोई इंतजाम। ऐसे में इन्हें ढूंढ पाना ही काफी मुश्किल है।
करीब तीन किलोमीटर के एरिया में बसे खलीलाबाद शहर में केवल चार जगह ही हाईडेंट प्वाइंट हैं। इसमें वकिधियानी मोड़ पर पुलिया के पास, मेंहदावल चौक के मधुकुंज के पास, मुखलिसपुर तिराहे के पास तथा मोती चौराहा के पास शामिल हैं। इन हाइडेंट प्वांइट की स्थिति यह है कि यह बेेकार पड़े हुए हैं। आग लगने पर फायर बिग्रेड को पानी की जरूरत रहती है, लेकिन इन हाइडेंटों को ढूंढना मुश्किल है। मुखलिसपुर तिराहे के पास बना हाइडेंट प्वांइट सड़क के किनारे है, लेकिन पत्थर से इन कदर जाम कर दिया गया कि वहां से पानी मिल पाना मुश्किल है। ऐसी ही स्थिति अन्य हाइडेंट प्वांइट की भी है। शहर के बरदहिया बाजार में प्रत्येक सप्ताह कपड़ों का बड़ा बाजार लगता है, लेकिन इस क्षेत्र में हाइडेंट प्वांइट ही नहीं है। ऐसे में यदि आग लगी तो पानी के इंतजाम के लिए इधर-उधर भटकने की मजबूरी है। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की ईओ बीना सिंह ने कहा कि अभी शहर में चार हाइडेंट प्वांइट बने हैं। ये सभी हाइडेंट प्वांइट ठीक है। हर साल फायर सर्विस के लोग इसे चेक करते रहे हैं, लेकिन इस बार इनकी चेकिंग नहीं की गई।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी नहीं है पर्याप्त इंतजाम
आग से निपटने के इंतजाम पर गौर करें तो जनपद मुख्यालय पर एक फायर स्टेशन स्थापित है। अग्निशमन विभाग के पास चार फायर टैँकर, एक बोलेरो कैंपर और एक जीप है। जिला मुख्यालय से एक-एक फायर टैंकर धनघटा और मेंहदावल भेज दिया गया है। गर्मी में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए प्रत्येक थाने पर कम से कम एक-एक फायर टैंकर की जरुरत है। टैंकरों में पानी भरने के लिए खलीलाबाद फायर स्टेशन पर वाटर बाक्स बना है। आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी जब तक फायर स्टेेशन तक जाकर पानी भरेगी तब तक सब कुछ जल चुका होगा।
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