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भाजपा के दिग्गजों का कैंप करना साबित हुआ निर्णायक
Fri, 24 May 2019 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 12:03 AM IST
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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत व वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने किया था कैंप
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण से लेकर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने तक जो व्यूह रचना की थी, उसको अमलीजामा पहनाने में सफल रही। जूताकांड के बाद यहां के सांसद शरद त्रिपाठी का टिकट काटकर नए चेहरे पर दांव लगाया तो अपने विधायकों को भी चुनाव में पूरी तरह सक्रिय रखा। पांचवें चरण के मतदान के बाद तो भाजपा के दिग्गजों ने यहां पर कैंप कर दिया। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल प्रचार समाप्त होने तक यहीं जमे रहे। इस दौरान उन्होंने बूथ और बस्ता तक दुरुस्त कराया। जिसका लाभ भाजपा को मिला।
निषाद पार्टी से गठबंधन के बाद भाजपा ने यहां से प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी बनाया तो यह संसदीय सीट उनके लिए नई थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं से सामंजस्य बैठाने में दिक्कत आ रही थी। साथ ही शरद त्रिपाठी का टिकट कटने से ब्राह्मण मतदाताओं के नाराज होने का डर भी सता रहा था। ऐसे में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल को यहां लगाया गया। इसका असर भी देखने में मिला। दोनों नेताओं ने न सिर्फ ब्राह्मण मतों का सहेजने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि सदर विधायक दिग्विजय नारायण चौबे, पूर्व सांसद अष्टभुजा प्रसाद शुक्ल और पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्र के साथ कई ब्राह्मण चेहरों को भी मतदाताओं को पक्ष में करने के लिए लगा दिया। इसके साथ ही लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कई ऐसे चेहरों को भी भाजपा के पक्ष में करने में सफलता हासिल की, जिनका क्षेत्र में प्रभाव था। उनके इस प्रयास से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा और परिणाम भाजपा के पक्ष में आया।
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निषाद पार्टी से गठबंधन के बाद भाजपा ने यहां से प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी बनाया तो यह संसदीय सीट उनके लिए नई थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं से सामंजस्य बैठाने में दिक्कत आ रही थी। साथ ही शरद त्रिपाठी का टिकट कटने से ब्राह्मण मतदाताओं के नाराज होने का डर भी सता रहा था। ऐसे में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल को यहां लगाया गया। इसका असर भी देखने में मिला। दोनों नेताओं ने न सिर्फ ब्राह्मण मतों का सहेजने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि सदर विधायक दिग्विजय नारायण चौबे, पूर्व सांसद अष्टभुजा प्रसाद शुक्ल और पूर्व सांसद इंद्रजीत मिश्र के साथ कई ब्राह्मण चेहरों को भी मतदाताओं को पक्ष में करने के लिए लगा दिया। इसके साथ ही लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कई ऐसे चेहरों को भी भाजपा के पक्ष में करने में सफलता हासिल की, जिनका क्षेत्र में प्रभाव था। उनके इस प्रयास से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा और परिणाम भाजपा के पक्ष में आया।
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