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सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के बीच चल रहा वाकयुद्घ
Fri, 19 Apr 2019 10:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 10:45 PM IST
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मेंहदावल। संतकबीरनगर संसदीय सीट के चल रहे चुनाव में सड़कों पर माहौल भले ही बहुत गुलजार न हो लेकिन सोशल मीडिया पर खूब भिड़ंत हो रही है। सभी दलों के लोग सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। कार्यकर्ता अपने दल या उम्मीदवार के पक्ष में खूब माहौल बना रहे हैं। हालांकि इस पर निगरानी के लिए गठित प्रशासनिक टीम ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन ने सड़कों के किनारे लगे होर्डिंग्स, बैनर-पोस्टर उतरवा दिए। आयोग ने इस बार सोशल मीडिया पर भी निगरानी के लिए निर्देश दिए थे। इसके लिए प्रशासनिक टीम भी गठित की गई है। परंतु विभिन्न वाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक साइट पर चल रहे प्रचार पर अभी तक इस टीम ने शायद नजर ही नहीं डाली। सोशल मीडिया पर अपने-अपने दल व उम्मीदवार के समर्थक तमाम तर्कों के साथ जीत-हार का गणित समझा रहे हैं। पिछले दिनों मेंहदावल में आयोजित भाजपा के विजय संकल्प रैली में हुए बवाल के बाद तो दो प्रमुख लोगों में इस कदर विवाद हुआ कि दोनों ने मुकदमा तक दर्ज कराया लेकिन सोशल मीडिया ग्रुपों पर निगरानी के लिए गठित टीम ने इस पर भी गौर नहीं किया।
वहीं डीएम रवीश गुप्ता का कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत चर्चा पर रोक नहीं है लेकिन किसी उम्मीदवार का विज्ञापन अगर अपलोड होता है तो उसकी मॉनीटरिंग की जाएगी और उसका मूल्यांकन करते हुए प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा भावनाएं आहत करने वाले पोस्ट पर भी कार्रवाई होगी। इसकी निगरानी की जा रही है हालांकि अभी यहां इस तरह का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।
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आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन ने सड़कों के किनारे लगे होर्डिंग्स, बैनर-पोस्टर उतरवा दिए। आयोग ने इस बार सोशल मीडिया पर भी निगरानी के लिए निर्देश दिए थे। इसके लिए प्रशासनिक टीम भी गठित की गई है। परंतु विभिन्न वाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक साइट पर चल रहे प्रचार पर अभी तक इस टीम ने शायद नजर ही नहीं डाली। सोशल मीडिया पर अपने-अपने दल व उम्मीदवार के समर्थक तमाम तर्कों के साथ जीत-हार का गणित समझा रहे हैं। पिछले दिनों मेंहदावल में आयोजित भाजपा के विजय संकल्प रैली में हुए बवाल के बाद तो दो प्रमुख लोगों में इस कदर विवाद हुआ कि दोनों ने मुकदमा तक दर्ज कराया लेकिन सोशल मीडिया ग्रुपों पर निगरानी के लिए गठित टीम ने इस पर भी गौर नहीं किया।
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वहीं डीएम रवीश गुप्ता का कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत चर्चा पर रोक नहीं है लेकिन किसी उम्मीदवार का विज्ञापन अगर अपलोड होता है तो उसकी मॉनीटरिंग की जाएगी और उसका मूल्यांकन करते हुए प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा भावनाएं आहत करने वाले पोस्ट पर भी कार्रवाई होगी। इसकी निगरानी की जा रही है हालांकि अभी यहां इस तरह का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।
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