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राप्ती के जल स्तर में वृद्धि, ड्रेनेज खंड अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:20 PM IST
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जिलाधिकारी ने मेंहदावल में करमैनी बेलौली तटबंध का किया निरीक्षण।
- फोटो : अमर उजाला
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मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा हैं। तटबंध की हालत किसी से छिपी नही हैं। लगातार जल स्तर में हो रही वृद्धि के मद्देनजर ड्रेनेज खंड विभाग अलर्ट है। अवर अभियंता नदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मंगलवार को डीएम भूपेंद्र एस चौधरी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने करमैनी-बेलौली तटबंध का निरीक्षण किया। बाद में विभागीय अधिकारियों से तटबंध व नदी की स्थिति पर चर्चा की। राप्ती का खतरे का निशान 79.5 मीटर है, जबकि मंगलवार को नदी का जलस्तर 77.10 मीटर पर पहुंच गया है।
राप्ती नदी के करमैनी- बेलौली तटबंध पर जरूरत के हिसाब से मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। बांध के जर्जर हाल को देखते हुए क्षेत्र के लोग सहम गए हैं। पिछले साल बांध से सट कर नदी बह रही थी। क्षेत्र के लोगों ने रात-रात भर जाग कर बांध की रखवाली की थी।
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वर्ष 1998 में बाढ़ की विभीषिका झेल चुके क्षेत्रवासी जर्जर बांध की वजह से दहशतजदा हैं। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी जब एसपी शैलेश पांडेय के साथ मंगलवार को बांध का निरीक्षण करने पहुंचे तो क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी कि बांध की दशा अब सुधर जाएगी। डीएम ने कहा कि राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
बाढ़ चौकियां स्थापित करने के लिए निर्देश दिया गया है। बेेलौली, नौगों समेत जहां-जहां पूर्व में खतरा रहा है, वहां बांध को मजबूत करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही रेनकट, रैटहोल आदि को भरवाने को कहा है।
यदि रात में भी कर्मचारियों के वहां रुकने की जरूरत पड़ी तो उसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दे दिया गया है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन यादव ने बताया कि करमैनी-बेलौली बांध पर मरम्मत कार्य करवाए गए हैं।
जहां कहीं कमियां हैं, उसे दुरुस्त करवा लिया जाएगा। जबकि घाघरा नदी एमबीडी बांध से अभी एक किलोमीटर दूर बह रही है। जिले में बांध को कहीं कोई खतरा नहीं है।
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मंगलवार को डीएम भूपेंद्र एस चौधरी और एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने करमैनी-बेलौली तटबंध का निरीक्षण किया। बाद में विभागीय अधिकारियों से तटबंध व नदी की स्थिति पर चर्चा की। राप्ती का खतरे का निशान 79.5 मीटर है, जबकि मंगलवार को नदी का जलस्तर 77.10 मीटर पर पहुंच गया है।
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राप्ती नदी के करमैनी- बेलौली तटबंध पर जरूरत के हिसाब से मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। बांध के जर्जर हाल को देखते हुए क्षेत्र के लोग सहम गए हैं। पिछले साल बांध से सट कर नदी बह रही थी। क्षेत्र के लोगों ने रात-रात भर जाग कर बांध की रखवाली की थी।
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वर्ष 1998 में बाढ़ की विभीषिका झेल चुके क्षेत्रवासी जर्जर बांध की वजह से दहशतजदा हैं। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी जब एसपी शैलेश पांडेय के साथ मंगलवार को बांध का निरीक्षण करने पहुंचे तो क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी कि बांध की दशा अब सुधर जाएगी। डीएम ने कहा कि राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
बाढ़ चौकियां स्थापित करने के लिए निर्देश दिया गया है। बेेलौली, नौगों समेत जहां-जहां पूर्व में खतरा रहा है, वहां बांध को मजबूत करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही रेनकट, रैटहोल आदि को भरवाने को कहा है।
यदि रात में भी कर्मचारियों के वहां रुकने की जरूरत पड़ी तो उसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दे दिया गया है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर एन यादव ने बताया कि करमैनी-बेलौली बांध पर मरम्मत कार्य करवाए गए हैं।
जहां कहीं कमियां हैं, उसे दुरुस्त करवा लिया जाएगा। जबकि घाघरा नदी एमबीडी बांध से अभी एक किलोमीटर दूर बह रही है। जिले में बांध को कहीं कोई खतरा नहीं है।