{"_id":"5b84382f42c7924667531569","slug":"141535391791-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच पदों के लिए 22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच पदों के लिए 22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
छात्रसंघ चुनाव को लेकर एचआरपीजी कॉलेज में प्रचार करते छात्र नेता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। एचआरपीजी कॉलेज के छात्रसंघ के चुनाव में 30 अगस्त को इस बार 2497 छात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पांच पदों पर होने वाले चुनाव में 22 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला इन्हीं मतदाताओं पर टिका हुआ है। हीरालाल राम निवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद की चुनाव प्रक्रिया 23 अगस्त से शुरू हो चुकी है। नामांकन पत्रों की वापसी के बाद पांच पदों के लिए मतदान होना है। जिसके लिए मैदान में 22 प्रत्याशी डटे हुए हैं। अध्यक्ष पद के लिए आठ, उपाध्यक्ष पद के चार, महामंत्री के छह, पुस्तकालय मंत्री के लिए दो प्रत्याशी और वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि के लिए दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कॉलेज से मिली सूचना के अनुसार 22 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करने के लिए 2497 छात्र-छात्राएं मतदाता हैं। कितने प्रतिशत मतदान होगा यह 30 अगस्त को मालूम होगा।
जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है, छात्र नेताओं द्वारा चुनाव के तौर-तरीके भी बदलते जा रहे हैं। बदलते समय के साथ उनके प्रचार करने का तरीका भी हाईटेक हो गया है। छात्र नेताओं ने चुनाव प्रचार के लिए बकायदा कॉलेज प्रशासन से गुपचुप तरीके से ज्यादा तर छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर लेकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए एसएमएस के माध्यम से अपनी तरफ आकर्षिक करने का प्रयास कर रहे हैं। महाविद्यालय में अध्ययनरत 50 प्रतिशत से ऊपर ऐसे छात्र हैं, जिन्हें पहली बार छात्रसंघ चुनाव में मतदान करने का अवसर मिला है। उन छात्रों में छात्रसंघ चुनाव के प्रति ज्यादा रुचि दिखाई दे रहा है। इससे इस बार मतदान प्रतिशत भी ज्यादा होने की संभावना है।
विज्ञापन
जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है, छात्र नेताओं द्वारा चुनाव के तौर-तरीके भी बदलते जा रहे हैं। बदलते समय के साथ उनके प्रचार करने का तरीका भी हाईटेक हो गया है। छात्र नेताओं ने चुनाव प्रचार के लिए बकायदा कॉलेज प्रशासन से गुपचुप तरीके से ज्यादा तर छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर लेकर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए एसएमएस के माध्यम से अपनी तरफ आकर्षिक करने का प्रयास कर रहे हैं। महाविद्यालय में अध्ययनरत 50 प्रतिशत से ऊपर ऐसे छात्र हैं, जिन्हें पहली बार छात्रसंघ चुनाव में मतदान करने का अवसर मिला है। उन छात्रों में छात्रसंघ चुनाव के प्रति ज्यादा रुचि दिखाई दे रहा है। इससे इस बार मतदान प्रतिशत भी ज्यादा होने की संभावना है।
विज्ञापन