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सांप्रदायिक एकता का संदेश देती है कबीर साहेब की स्थली
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सांप्रदायिक एकता का संदेश देती है संत कबीर की स्थली
फोटो
अचानक मगहर के कबीरचौरा पहुंचे राष्ट्रपति के बड़े भाई राम स्वरूप भारती
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बड़े भाई राम स्वरूप भारती शनिवार को संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर पहुंचे और उनकी समाधि व मजार पर मत्था टेका। उन्होंने महंत विचार दास के साथ संत कबीर की जीवनी पर चर्चा की। साथ ही संत कबीर से जुड़ी धरोहरों के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर उन्हें कबीर जीवन कथा नाम की पुस्तक भेंट की गई।
राम स्वरूप भारती ने कहा कि कबीर साहेब की इस पावन धरती पर आने की अभिलाषा बहुत दिनों से थी। यहां आकर दिव्यता के साथ शांति का अनुभव हुआ। कबीर साहेब की स्थली पहुंच कर सभी नकारात्मक ऊर्जा स्वत: ही समाप्त होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो जाता है। यह पूरे विश्व को एकता का संदेश देने वाला एक मात्र स्थल है। इस धरती पर अनेक महान संत व महापुरुष आए हैं। कबीर साहेब ने बाहरी आडंबरों का खुलकर विरोध किया। उनकी वाणी को ही आत्मसात कर समाज में एकता व समरूपता लाई जा सकती है।
इस अवसर पर महंत विचार दास ने संतों की तरफ से उन्हें कबीर जीवन कथा नाम की पुस्तक व अंगवस्त्र भेंट किया। इस अवसर पर युवा कोरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार कोरी, डॉ. शिवकरन कर्मयोद्धा, रजनीश, कोतवाल प्रभारी प्रदीप सिंह, अवधेश सिंह, संत केशव दास, संत अरविंद दास शास्त्री, शांति दास, राम शरण दास, राजेंद्र दास, बाबूराम दास, अवधेश पुजारी, अमरजीत दास, राम सरन दास, विनोद दास, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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उदयभान त्रिपाठी
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अचानक मगहर के कबीरचौरा पहुंचे राष्ट्रपति के बड़े भाई राम स्वरूप भारती
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बड़े भाई राम स्वरूप भारती शनिवार को संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर पहुंचे और उनकी समाधि व मजार पर मत्था टेका। उन्होंने महंत विचार दास के साथ संत कबीर की जीवनी पर चर्चा की। साथ ही संत कबीर से जुड़ी धरोहरों के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर उन्हें कबीर जीवन कथा नाम की पुस्तक भेंट की गई।
राम स्वरूप भारती ने कहा कि कबीर साहेब की इस पावन धरती पर आने की अभिलाषा बहुत दिनों से थी। यहां आकर दिव्यता के साथ शांति का अनुभव हुआ। कबीर साहेब की स्थली पहुंच कर सभी नकारात्मक ऊर्जा स्वत: ही समाप्त होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो जाता है। यह पूरे विश्व को एकता का संदेश देने वाला एक मात्र स्थल है। इस धरती पर अनेक महान संत व महापुरुष आए हैं। कबीर साहेब ने बाहरी आडंबरों का खुलकर विरोध किया। उनकी वाणी को ही आत्मसात कर समाज में एकता व समरूपता लाई जा सकती है।
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इस अवसर पर महंत विचार दास ने संतों की तरफ से उन्हें कबीर जीवन कथा नाम की पुस्तक व अंगवस्त्र भेंट किया। इस अवसर पर युवा कोरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार कोरी, डॉ. शिवकरन कर्मयोद्धा, रजनीश, कोतवाल प्रभारी प्रदीप सिंह, अवधेश सिंह, संत केशव दास, संत अरविंद दास शास्त्री, शांति दास, राम शरण दास, राजेंद्र दास, बाबूराम दास, अवधेश पुजारी, अमरजीत दास, राम सरन दास, विनोद दास, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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उदयभान त्रिपाठी