{"_id":"59b974634f1c1b18688b4641","slug":"111505326179-sant-kabir-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। म्यांमार में वहां की फौज और अराजक तत्वों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों और हिंदुओं पर किए जा रहे अत्याचार के विरोध में बुधवार को आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद आलम खान के नेतृत्व में एआईएमआईएम के कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट हुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि म्यांमार ने वहां की फौज व अराजक तत्व रोहिंग्या मुसलमानों व हिंदुओं का नरसंहार कर रहे हैं। इसके कारण बड़े पैमान पर लोग घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं। वहां की मुखिया आन सांग सूकी शांति का नोबल पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है, लेकिन वह खामोश हैं। ऐसे में उनका नोबल पुरस्कार वापस लिया जाना चाहिए। पीड़ितों को भारत सरकार मानवीय आधार पर सहायता उपलब्ध कराएं। वक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम उठाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान हकीकुल्लाह शाह, अशद निजामी, जहीर बरकाती, मोहम्मद महमूद, वसीम खान, मजहर अली, मोहम्मद आसिफ, नावेद खान, मोहम्मद हादी आदि लोग शामिल रहे।
विज्ञापन
पार्टी के जिलाध्यक्ष अरशद आलम खान के नेतृत्व में एआईएमआईएम के कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट हुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि म्यांमार ने वहां की फौज व अराजक तत्व रोहिंग्या मुसलमानों व हिंदुओं का नरसंहार कर रहे हैं। इसके कारण बड़े पैमान पर लोग घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं। वहां की मुखिया आन सांग सूकी शांति का नोबल पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है, लेकिन वह खामोश हैं। ऐसे में उनका नोबल पुरस्कार वापस लिया जाना चाहिए। पीड़ितों को भारत सरकार मानवीय आधार पर सहायता उपलब्ध कराएं। वक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम उठाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान हकीकुल्लाह शाह, अशद निजामी, जहीर बरकाती, मोहम्मद महमूद, वसीम खान, मजहर अली, मोहम्मद आसिफ, नावेद खान, मोहम्मद हादी आदि लोग शामिल रहे।
विज्ञापन