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बढ़ रहे जलस्तर से बांध पर मड़रा रहा खतरा
Updated Wed, 16 Aug 2017 07:27 PM IST
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मेंहदावल/ पौली (संतकबीरनगर)। राप्ती और घाघरा ने खतरे के निशान को पार कर दिया है। राप्ती जहां खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर, वहीं घाघरा सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बांध की जर्जरता और नदी के ऊफान की ओर होने से आस-पास के गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। राप्ती के पानी से करीब 350 बीघे धान और मक्के की फसल डूब गई है। कई जगह बांधों में दरार आने की सूचना से लोगों की दहशत बढ़ गई है। प्रशासन मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली तटबंध का खस्ताहाल है। राप्ती का डेंजर लाइन 79.50 मीटर है,जबकि बुधवार की शाम को जल स्तर 80 .12 मीटर पहुंच गया है। राप्ती खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बढ़ता जलस्तर तटबंध पर दबाव बना रहा हैं। तटबंध से सटे करमैनी,भरथुवा,बेलौहा, नौंगो, छपिया पराग, विशुनपुर, जोरवा, बानडूमर, बढया ठाठर, इंदरपुर, डुमरियाबाबू, कुसौना, थरौली, बेलौली गांवों के लोग सहम गए हैं। नदी और बांध के बीच में 350 बीघे धान व मक्के की फसल डूब गई है। विशुनपुर बांगर,नौगों व डुमरिया बाबू के पास बाढ़ निरोधक कार्य तेजी के साथ कराया जा रहा है। हाल यह है कि नदी का पानी बांध से सटकर बह रहा है। बांध पर पानी के वेग के दबाव से खतरा मड़रा रहा है। किलोमीटर 11 व 12 के बीच में बांध पर रिसाव की सूचना पर सहायक अभियंता ए पी चंद व अवर अभियंता वीरेंद्र यादव पहुंच गए और तत्काल मरम्मत कार्य करा कर रिसाव को बंद करवाया। तटबंध पर पिचरोड पर दरारें पड़ गई है। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तटबंध पर पानी का दबाव है। निरोधात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। स्थिति नियंत्रण के साथ ही तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घाघरा का जल भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार की शाम को घाघरा खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। रामपुर- मकदूमपुर बांध पर नकहा,पडरिया ,तेजपुर,भोतहा,माझा चहोड़ा ,खड़गपुर,नरायनपुर के पास बंधे पर घाघरा का पानी दबाव बनाना शुरु कर दिया है। बांध और नदी के बीच बसे पड़रिया गांव पानी से तीन तरफ से घिर गया है। किसान रामकरन,बेचन,रामभजन,जियावन ने बताया कि घाघरा तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ी समस्या पशुओ के चारे का हो गया है। क्षेत्र के 36 गांव बांध के दक्षिण और नदी के बीच में बसे है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर पी सिंह यादव ने बताया कि राप्ती खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर और घाघरा सात सेेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वैसे अभी कहीं कोई खतरा नहीं है। बांध पर सतत निगरानी हो रही है।
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राप्ती नदी पर बने करमैनी-बेलौली तटबंध का खस्ताहाल है। राप्ती का डेंजर लाइन 79.50 मीटर है,जबकि बुधवार की शाम को जल स्तर 80 .12 मीटर पहुंच गया है। राप्ती खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बढ़ता जलस्तर तटबंध पर दबाव बना रहा हैं। तटबंध से सटे करमैनी,भरथुवा,बेलौहा, नौंगो, छपिया पराग, विशुनपुर, जोरवा, बानडूमर, बढया ठाठर, इंदरपुर, डुमरियाबाबू, कुसौना, थरौली, बेलौली गांवों के लोग सहम गए हैं। नदी और बांध के बीच में 350 बीघे धान व मक्के की फसल डूब गई है। विशुनपुर बांगर,नौगों व डुमरिया बाबू के पास बाढ़ निरोधक कार्य तेजी के साथ कराया जा रहा है। हाल यह है कि नदी का पानी बांध से सटकर बह रहा है। बांध पर पानी के वेग के दबाव से खतरा मड़रा रहा है। किलोमीटर 11 व 12 के बीच में बांध पर रिसाव की सूचना पर सहायक अभियंता ए पी चंद व अवर अभियंता वीरेंद्र यादव पहुंच गए और तत्काल मरम्मत कार्य करा कर रिसाव को बंद करवाया। तटबंध पर पिचरोड पर दरारें पड़ गई है। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तटबंध पर पानी का दबाव है। निरोधात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। स्थिति नियंत्रण के साथ ही तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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घाघरा का जल भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार की शाम को घाघरा खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। रामपुर- मकदूमपुर बांध पर नकहा,पडरिया ,तेजपुर,भोतहा,माझा चहोड़ा ,खड़गपुर,नरायनपुर के पास बंधे पर घाघरा का पानी दबाव बनाना शुरु कर दिया है। बांध और नदी के बीच बसे पड़रिया गांव पानी से तीन तरफ से घिर गया है। किसान रामकरन,बेचन,रामभजन,जियावन ने बताया कि घाघरा तेजी से बढ़ रही है। सबसे बड़ी समस्या पशुओ के चारे का हो गया है। क्षेत्र के 36 गांव बांध के दक्षिण और नदी के बीच में बसे है। ड्रेनेज खंड के एक्सईएन आर पी सिंह यादव ने बताया कि राप्ती खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर और घाघरा सात सेेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वैसे अभी कहीं कोई खतरा नहीं है। बांध पर सतत निगरानी हो रही है।
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