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110 विकलांग बच्चों को मिला प्रगति प्रमाण पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Mon, 09 May 2016 11:50 PM IST
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मिला प्रगति प्रमाण पत्र।
- फोटो : अंबरीश मिश्रा
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मगहर में चल रहे एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप के 110 विकलांग बच्चों को सोमवार को प्रगति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इसके आधार यह बच्चे परिषदीय विद्यालयों में अपना नामांकन कराएंगे। प्रगति पत्र का वितरण जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने किया।
उन्होंने कहा कि लर्निंग कैंप 10 माह से चल रहा था। 20 मई को कैंप बंद हो जाएगा। 10 माह तक चले कैंप में विकलांग बच्चों का मानसिक स्तर के आधार पर विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए तैयार किया गया है। इंटीनरेंट और विशेष शिक्षकों ने इन बच्चों को पठन पाठन के लिए काफी मेहनत किया है। बीएसए के निर्देश पर इन बच्चों को प्रगति प्रमाण पत्र दिया गया है।
जिसके आधार पर यह बच्चे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अपना नामांकन कराएंगे। उन्होंने कहा कि अगर विकलांग बच्चों को सही रास्ता दिखाया जाए तो वे हर मंजिल आसानी से हासिल कर सकते है। बस विकलांग बच्चों को समझने की जरूरत है। सरकार इनके लिए तरह-तरह की योजनाए चला रही है। परिषदीय विद्यालयों में नामांकन के बाद ड्रेस, कापी किताब, खाना आदि पूरी तरह से नि:शुल्क दिया जा रहा है। इसके साथ ही इन बच्चों को विद्यालय तक लाने जो फिर घर पहुंचाने वाले को भी मानदेय दिए जाने की योजना है। जिसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अवसर पर वार्डेन रामकुमार, गरिमा, धर्मेंद्र चौधरी, आभाकांत, अर्चना शुक्ल, अर्चना त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि लर्निंग कैंप 10 माह से चल रहा था। 20 मई को कैंप बंद हो जाएगा। 10 माह तक चले कैंप में विकलांग बच्चों का मानसिक स्तर के आधार पर विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए तैयार किया गया है। इंटीनरेंट और विशेष शिक्षकों ने इन बच्चों को पठन पाठन के लिए काफी मेहनत किया है। बीएसए के निर्देश पर इन बच्चों को प्रगति प्रमाण पत्र दिया गया है।
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जिसके आधार पर यह बच्चे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अपना नामांकन कराएंगे। उन्होंने कहा कि अगर विकलांग बच्चों को सही रास्ता दिखाया जाए तो वे हर मंजिल आसानी से हासिल कर सकते है। बस विकलांग बच्चों को समझने की जरूरत है। सरकार इनके लिए तरह-तरह की योजनाए चला रही है। परिषदीय विद्यालयों में नामांकन के बाद ड्रेस, कापी किताब, खाना आदि पूरी तरह से नि:शुल्क दिया जा रहा है। इसके साथ ही इन बच्चों को विद्यालय तक लाने जो फिर घर पहुंचाने वाले को भी मानदेय दिए जाने की योजना है। जिसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अवसर पर वार्डेन रामकुमार, गरिमा, धर्मेंद्र चौधरी, आभाकांत, अर्चना शुक्ल, अर्चना त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।
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