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Sant Kabir Nagar News: जिले के 105 स्कूलों के अस्तित्व समाप्त, बन गईं बालवाटिकाएं

Mon, 11 Aug 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 11 Aug 2025 11:58 PM IST
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105 schools of the district ceased to exist and became kindergartens
संतकबीरनगर। जिले के 105 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। अब इन स्कूलों को बाल वाटिका बना दिया गया है। इन स्कूलों में अब छोटे बच्चों को पढ़ाया जाएगा। यहां पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की देखभाल करेंगे। इन स्कूलों में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन बच्चों को शिक्षा देंगे। स्कूलों में बाल वाटिकाओं का नामकरण भी कर दिया गया है।
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सरकार ने कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पास के विद्यालयाें में स्थानांतरित कर दिया है। जिले में 105 विद्यालयों के बच्चों को दूसरे विद्यालयों में भेजा गया है। जो विद्यालय खाली हुए है उनको वाल वाटिका के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इन विद्यालयों पर अब छोटे बच्चे खेल-खेल में पढ़ाई का ककहरा सीखेंगे। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत कक्षा एक में प्रवेश से पहले बच्चों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से बालवाटिका अभियान चलाया जाएगा।
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इस दौरान नियमित कक्षाएं चलाई जाएंगी और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। इसके लिए सभी बीईओ और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी है। इन केंद्रों को केंद्रीय विद्यालयों और कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बालवाटिका में परिवर्तित किया गया है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि तीन से छह वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे कक्षा एक में प्रवेश से पहले बुनियादी शिक्षा के योग्य बन सकें। जो विद्यालय वाल वाटिका के रूप में परिवर्तित हुए है उनका नामकरण भी करा दिया गया है। विद्यालय का नाम हटा दिया गया है। उस पर वाल वाटिका लिखवा दिया गया है।
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रैली, नाटक व प्रतियोगिता से मिलेगा बच्चों को मंच
रैली, नाटक और प्रतियोगिताओं से बच्चों को मंच मिलेगा। अभियान के दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रभात फेरी व जागरूकता रैली के साथ कहानी व नाटक का मंचन, कठपुतली शो रंगोली, गीत-संगीत, चित्रकारी, मिट्टी से आकृति बनाना बच्चों को कहानी सुनाने और भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इन कार्यक्रमों में प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका प्रतिभाग करेंगे।
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