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Sant Kabir Nagar News: दहेज़ हत्यारोपी पति को दस साल की सजा
Fri, 22 Dec 2023 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:30 PM IST
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सास-ससुर साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर फंदे से लटकाने के मामले में पति को दोषी पाया। उन्होंने आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सात हज़ार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थ दंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं, साक्ष्य के अभाव में सास- ससुर को दोषमुक्त कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि थाना महुली क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर उर्फ बक्तूपुर की मृतका की मां गीता पत्नी राम वृक्ष यादव ने थाना महुली में तहरीर दी थी। बताया कि बेटी प्रीति की शादी वीरेंद्र पुत्र माता प्रसाद ग्राम चोलखरी थाना महुली के साथ वर्ष 2018 में की थी। पुत्री की विदाई शादी के तीन दिन बाद की गई। अपनी हैसियत के मुताबिक बुलेट, अंगूठी माला और 1,60,000 रुपये दिया था।
विदाई के तीन महीने बाद बेटी के पति वीरेंद्र यादव, ससुर माता प्रसाद, जेठ धर्मेंद्र यादव, सास रामरती, मुकेश तथा एक व्यक्ति अज्ञात बेटी से दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करते रहे।
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25 जुलाई 2021 को चार बजे शाम को सभी लोगों ने मिलकर गाली-गुप्ता देते हुए बेटी की हत्या कर फंदे से लटका दिया। थाना महुली में दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद विवेचक ने ससुर माता प्रसाद, सास रामरती, पति वीरेंद्र यादव के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। धर्मेंद्र यादव, उर्मिला, मुकेश की संलिप्तता नहीं पाए जाने पर उनका नाम विलोपित कर दिया। अभियोजन पक्ष से कोर्ट में मामले को साबित करने के लिए सात गवाहों की गवाही के साथ 11 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
पत्रावलियों के अवलोकन तथा पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दहेज की मांग के लिए मानसिक प्रताड़ना किया जाना मानते हुए पति वीरेंद्र यादव को मृतका के आत्महत्या करने के कारण माना है। मृत्यु के ठीक पूर्व मृतका के साथ क्रूरता किए जाने का तथ्य साबित मानते हुए पति वीरेंद्र यादव को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही सास रामरती और ससुर माता प्रसाद के विरुद्ध आरोप साबित नहीं पाए जाने पर दोषमुक्त कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर फंदे से लटकाने के मामले में पति को दोषी पाया। उन्होंने आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सात हज़ार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थ दंड अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं, साक्ष्य के अभाव में सास- ससुर को दोषमुक्त कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि थाना महुली क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर उर्फ बक्तूपुर की मृतका की मां गीता पत्नी राम वृक्ष यादव ने थाना महुली में तहरीर दी थी। बताया कि बेटी प्रीति की शादी वीरेंद्र पुत्र माता प्रसाद ग्राम चोलखरी थाना महुली के साथ वर्ष 2018 में की थी। पुत्री की विदाई शादी के तीन दिन बाद की गई। अपनी हैसियत के मुताबिक बुलेट, अंगूठी माला और 1,60,000 रुपये दिया था।
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विदाई के तीन महीने बाद बेटी के पति वीरेंद्र यादव, ससुर माता प्रसाद, जेठ धर्मेंद्र यादव, सास रामरती, मुकेश तथा एक व्यक्ति अज्ञात बेटी से दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करते रहे।
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25 जुलाई 2021 को चार बजे शाम को सभी लोगों ने मिलकर गाली-गुप्ता देते हुए बेटी की हत्या कर फंदे से लटका दिया। थाना महुली में दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ।
विवेचना के बाद विवेचक ने ससुर माता प्रसाद, सास रामरती, पति वीरेंद्र यादव के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। धर्मेंद्र यादव, उर्मिला, मुकेश की संलिप्तता नहीं पाए जाने पर उनका नाम विलोपित कर दिया। अभियोजन पक्ष से कोर्ट में मामले को साबित करने के लिए सात गवाहों की गवाही के साथ 11 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
पत्रावलियों के अवलोकन तथा पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने दहेज की मांग के लिए मानसिक प्रताड़ना किया जाना मानते हुए पति वीरेंद्र यादव को मृतका के आत्महत्या करने के कारण माना है। मृत्यु के ठीक पूर्व मृतका के साथ क्रूरता किए जाने का तथ्य साबित मानते हुए पति वीरेंद्र यादव को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही सास रामरती और ससुर माता प्रसाद के विरुद्ध आरोप साबित नहीं पाए जाने पर दोषमुक्त कर दिया।