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37 छात्राओं की पढ़ाई पर हर माह खर्च हो रहे 10 लाख रुपये
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राजकीय महिला महाविद्यालय का भवन और परिसर में उगे घास।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
37 छात्राओं की पढ़ाई पर हर माह खर्च हो रहे 10 लाख रुपये
प्राचार्य, सहायक प्रोफेसर समेत कुल तैनात हैं 12 कर्मचारी
माधव प्रसाद त्रिपाठी महिला महाविद्यालय का हाल
संतकबीरनगर। जिले के एक मात्र राजकीय महिला महाविद्यालय में 37 छात्राओं को पढ़ाने पर हर माह 10 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। यहां पर तैनात जिम्मेदार छात्राओं के नामांकन बढ़ाने को संजीदा नहीं है। ऐसे में इस महाविद्यालय की उपयोगिता पर लोगों ने सवाल खड़ा कर दिए हैं।
करीब 30 साल पहले पुलिस लाइंस के पीछे माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला विद्यालय का शुभारंभ हुआ। उस समय महाविद्यालय में छात्राओं का नामांकन हुआ। वर्तमान में नामांकन की स्थिति बेहद खराब हो गई। स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में कुल 37 छात्राओं का ही नामांकन है। यही हाल पिछले सत्र का भी रहा है।
इस महाविद्यालय में प्राचार्य, सहायक प्रोफेसर और लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर कुल 12 लोग तैैनात हैं। इन पर हर माह करीब 10 लाख रुपये वेतन के तौर पर खर्च होते हैं। शिक्षकों की मानें तो यह महाविद्यालय शहर से काफी दूर है और यहां आने-जाने के लिए कोई साधन नहीं है। इस वजह से महाविद्यालय में कोई भी छात्रा नामांकन के लिए नहीं आती हैं।
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काफी प्रयास के बाद 37 छात्राओं का नामांकन हुआ है। महाविद्यालय में छात्राओं की संख्या कम होने के कारण छह माह पहले तीन शिक्षकों ने अपना स्थानांतरण भी करा लिया। उन शिक्षकों का कहना था कि यहां पर जो छात्राएं नामांकित है वह भी नहीं आती हैं। ऐसे में पूरे दिन महाविद्यालय में बैठे रहना पड़ता है।
...
छात्राओं के नामांकन के लिए कई इंटर कॉलेजों में संपर्क किया गया। फिर भी नामांकन की गति काफी धीमी है। महाविद्यालय तक जाने के लिए रास्ता है तो वह भी गड्ढों में तब्दील है। प्रयास किया जा रहा है कि छात्राओं का नामांकन महाविद्यालय में बढे़ं।
डॉ. डीपी शाही, प्राचार्य
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प्राचार्य, सहायक प्रोफेसर समेत कुल तैनात हैं 12 कर्मचारी
माधव प्रसाद त्रिपाठी महिला महाविद्यालय का हाल
संतकबीरनगर। जिले के एक मात्र राजकीय महिला महाविद्यालय में 37 छात्राओं को पढ़ाने पर हर माह 10 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। यहां पर तैनात जिम्मेदार छात्राओं के नामांकन बढ़ाने को संजीदा नहीं है। ऐसे में इस महाविद्यालय की उपयोगिता पर लोगों ने सवाल खड़ा कर दिए हैं।
करीब 30 साल पहले पुलिस लाइंस के पीछे माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला विद्यालय का शुभारंभ हुआ। उस समय महाविद्यालय में छात्राओं का नामांकन हुआ। वर्तमान में नामांकन की स्थिति बेहद खराब हो गई। स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में कुल 37 छात्राओं का ही नामांकन है। यही हाल पिछले सत्र का भी रहा है।
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इस महाविद्यालय में प्राचार्य, सहायक प्रोफेसर और लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर कुल 12 लोग तैैनात हैं। इन पर हर माह करीब 10 लाख रुपये वेतन के तौर पर खर्च होते हैं। शिक्षकों की मानें तो यह महाविद्यालय शहर से काफी दूर है और यहां आने-जाने के लिए कोई साधन नहीं है। इस वजह से महाविद्यालय में कोई भी छात्रा नामांकन के लिए नहीं आती हैं।
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काफी प्रयास के बाद 37 छात्राओं का नामांकन हुआ है। महाविद्यालय में छात्राओं की संख्या कम होने के कारण छह माह पहले तीन शिक्षकों ने अपना स्थानांतरण भी करा लिया। उन शिक्षकों का कहना था कि यहां पर जो छात्राएं नामांकित है वह भी नहीं आती हैं। ऐसे में पूरे दिन महाविद्यालय में बैठे रहना पड़ता है।
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छात्राओं के नामांकन के लिए कई इंटर कॉलेजों में संपर्क किया गया। फिर भी नामांकन की गति काफी धीमी है। महाविद्यालय तक जाने के लिए रास्ता है तो वह भी गड्ढों में तब्दील है। प्रयास किया जा रहा है कि छात्राओं का नामांकन महाविद्यालय में बढे़ं।
डॉ. डीपी शाही, प्राचार्य