Samwad 2025: 'ट्रेनिंग योजना बनाना सिखाती है, यह बात राजनीति में भी लागू', असीम अरुण ने दिए कई सवालों के जवाब
Amar Ujala Samwad Lucknow 2025: राजधानी लखनऊ में अमर उजाला के 'संवाद' कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण पहुंचे। संवाद के मंच से उन्होंने समता और समाज विषय पर अपने विचार रखे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला का 'संवाद' कार्यक्रम जारी है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण भी पहुंचे। जहां उन्होंने वक्फ समेत कई मुद्दों पर अपने विचारों को रखा। उनसे पहले सुबह सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राजनीति से जुड़ी हस्तियां पहुंची थीं।
'कमांडो की ट्रेनिंग राजनीति के अखाड़े में कैसे काम आती है'
असीम अरुण ने कहा कि कोई भी ट्रेनिंग काम आती है। ट्रेनिंग हमें सिखाती है कि योजना बनाओ, सामने वाले को चित करने के लिए तैयार रहो और कुछ भी हो जाए हारना नहीं है, जान लगाकर लड़ना है। यह बात राजनीति में भी लागू है और अभी बॉक्सिंग की बात हो रही थी ये बात वहां पर भी लागू है। जो आपका व्यवहार बनता है ऐसे प्रशिक्षण से वो बहुत काम आता है।
ये भी पढ़ें: Samwad 2025: CM योगी ने बताया जो लोग कुंभ नहीं पहुंचे, 'कुंभ' उन तक कैसे पहुंचा; चोरी, लूट, अपहरण दूर की बात
सवाल- यूपी एटीएस चीफ की भूमिका, सैफुल्ला एनकाउंटर के बारे में कुछ बताइए?
इस सवाल के जवाब में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि इस पर जो फिल्म बनी थी वो मैंने देखी थी, फिल्म ठीक थी लेकिन उस घटना के बहुत सारे आयाम थे जो उसमें आना चाहिए था। खैर, उस घटना की अगर मैं बात करूं तो वो समय था जब भारत में, दुनिया में और उत्तर प्रदेश में आईएसआईएस का एक बहुत बड़ा प्रकोप चल रहा था, युवाओं को ये लोग बहका रहे थे, उनको आतंकवादी बना रहे थे। इसके साथ ही इराक में, सीरिया से यह सब संचालित हो रहा था। लेकिन वो भी समय था, जब सारी एजेंसीज बहुत अच्छे से काम कर रही थीं। ऐसे में भी कोई भी घटना हम लोगों ने नहीं होने दी और सबसे शक्तिमान ग्रुप यही था। हमें कुछ बड़ी घटनाएं उज्जैन में, लखनऊ में पता चलीं तो हमने रेड की और हमारी कोशिश थी कि इन आतंकियों को हम जीवित गिरफ्तार कर पाएं लेकिन हमें फेस टू फेस शूटआउट करना पड़ा, जिसमें वो मारा गया। वो एनकाउंटर भी ऐतिहासिक है जो 13 से 14 घंटे लाइव चला। मैं अपने साथी कमांडरों को धन्यवाद देना चाहूंगा, वो टीम बहुत ही प्रशिक्षित टीम थी और अभी भी है। ऐसे में कई बार गलतियां भी हो जाती हैं, फायर पावर अनावश्यक रूप से यूज कर जाते हैं। लेकिन बहुत ही विशेषज्ञता के साथ उस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया। इस टीम के जो सदस्य थे उनको राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया।
सवाल- आपकी एक सोशल मीडिया पोस्ट जो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अंतिम विदाई पर लिखी गई थी, थोड़ा उसके बारे में जानकारी दीजिए?
जवाब- मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य था, मेरी उम्र केवल 34 साल थी और मैं प्रधानमंत्री का बॉडीगार्ड था। चार साल मैं एसपीजी में रहा और उसमें से तीन साल मैं मनमोहन सिंह जी की सुरक्षा में तैनात रहा। उनसे व्यवहार और आचरण के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलता था और जब वो नहीं रहे तो सबको पीड़ा थी। मेरा उनसे ज्यादा लगाव था, मुझे कुछ ज्यादा पीड़ा थी तो मैंने एक सामान्य से पोस्ट लिखी। उसी बीच जर्मन कार खरीदी थीं, एसपीजी ने इन्हें इस लिए लिया गया था, क्योंकि उनका प्रोटेक्शन लेवल अच्छा था, उस समय इंडियन कार का इतना अच्छा नहीं था, लेकिन मनमोहन सिंह जी बिल्कुल तैयार नहीं होते थे कि वो उस गाड़ी में बैठें। उनका बार-बार मन करता था कि मेरे लिए एंबेसडर लगाओ या जो उनकी अपनी मारुति 800 थी, उसको बहुत हसरत भरी निगाहों से देखते थे। हम कहते थे कि इस गाड़ी में तो आप कभी नहीं बैठ सकते लेकिन उस गाड़ी को भी सहेज के संभालकर रखने की जिम्मेदारी एसपीजी की थी।
सवाल- मुस्लिम समाज अपने वक्फ को लेकर चिंतित है, वह सुप्रीम कोर्ट में जा रहा है तो सरकार उसका जवाब कोर्ट में देगी, लेकिन सामाजिक मंचों पर जो इसका जवाब देना चाहिए था वह अब ऐसा लगता है कि कानून तो बन चुका है तो अब जवाब देने की क्या जरूरत
जवाब- मंत्री असीम अरुण ने कहा कि कोई भी कानून बनता है उसको लेकर लोकसभा में भी चर्चा हुई और राज्यसभा में भी चर्चा है। सरकार अपने पक्ष को नए कानून को बहुत वैज्ञानिक तरीके से प्वाइंट के तौर पर रख रही थी। उस समय विपक्ष क्या पूछ रहा था कि आपका राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बन पा रहा है। जबकि इसका उससे कोई लेना-देना यानी हल्की बातें।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.