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Sambhal News: दिन में दुकान व दफ्तरों में काम, रात को करते हैं कारसेवा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 05 Aug 2025 02:04 AM IST
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Work in shops and offices during the day and do kar seva at night
चंदौसी। मेला गणेश चौथ मेले का आगाज 25 अगस्त को किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर 27 अगस्त को गणपति बप्पा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। मेला गणेश चौथ का यह 65वां महोत्सव है। गणेश चतुर्थी पर निकलने वाली स्वचालित झांकियों को नगर के व्यापारी, दुकानदार और प्राइवेट व सरकारी नौकरी करने वाले लोग निस्वार्थ भाव से झांकियों को बनाने का कार्य करते हैं। इस कारसेवा का वह कोई मेहनताना भी नहीं लेते। दिन में कामकाज करते हैं और रात को गणेश मंदिर पहुंच कर झांकियों को बनाने का कार्य करते हैं।
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यह तैयार हो रहीं स्वचलित झांकियां



-सीप और सुनहरे मोती से सजे लड्डू खाते श्री गणेश



-कान्हा की अंगुली पर नृत्य करते गणपति



-महिषासुर का वध करती मां दुर्गा
-आशीर्वाद देते भगवान शंकर जी



-लंगूर और बंदरों के साथ कीर्तन करते हनुमान जी



-अहिल्याबाई होल्कर की झांकी



-महाकाली की झांकी
-कान्हा को पीटने के लिए दौड़तीं यशोदा मईया


-सीता जी के कहने पर स्वर्ण मृग को पकड़ने जाते श्री राम

-मोर की सवारी करते श्री गणेश

-जूट से सजे सोलह फीट ऊंची हनुमान जी की झांकी

-भगवान विष्णु का कच्छ अवतार

-संतोषी माता की झांकी

-महाकाल बाबा की पालकी

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रथयात्रा में ये भी रहेंगे शामिल

मेरठ, मुरादाबाद, संभल आदि जनपदों के सात बैंड शामिल होंगे, जिनमें मेरठ के बैंड में चार आइटम रहेंगे। इसके अलावा ऊंट, घोड़े और करतब दिखाता गुड्डा शामिल होगा।
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लोग बोले
सीप और मोती से तैयार की जा रही गणपति बप्पा की झांकी के डायरेक्टर अजय आर्य ने बताया कि वह 30 साल से वह झांकी बना रहे हैं। दिन में अपनी बिजली के आइटम की दुकान चलाते हैं। रात को यहां झांकी बनाते हैं। उनके ग्रुप में 22 लोग शामिल हैं।
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हनुमान जी की झांकी डायरेक्टर हीरालाल का कहना है कि उनकी हलवाई की दुकान है। वह पिछले 40 साल से यहां झांकी बना रहे हैं। ग्रुप में 50 लोग शामिल हैं जो चार झांकी बनाते हैं। जिसका कोई मेहनताना भी नहीं लेता।



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आशीर्वाद देते शंकर जी की झांकी के डायरेक्टर प्रमोद गुरू की डिस्पोजल की दुकान है। उनका कहना है कि वह 45 साल से झांकी बना रहे हैं। उनके ग्रुप में 22 लोग शामिल हैं। जो आधी रात तक झांकी बनाने का काम करते हैं।



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सिंदूरी गणेश जी की झांकी के डायरेक्टर प्रदीप कुमार प्राइवेट जॉब करते हैं। पिछले 34 साल से यहां निस्वार्थ झांकी बनाने का कार्य कर रहे हैं। ग्रुप मे 40 लोग हैं। उनका कहना है कि झांकी बनाने में उन्हें आनंद आता है।



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महाकाली की झांकी के डायरेक्टर सुमित वार्ष्णेय ने वह प्राइवेट जॉब करते हैं और गणेश चतुर्थी की रथयात्रा में शामिल होने वाली झांकी बनाने में 34 साल से योगदान दे रहे हैं। उनके ग्रुप में 20 लोग हैं।




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कच्छ अवतार की झांकी के डायरेक्टर यश शर्मा फिजियोथेरेपिस्ट हैं और यहां छह साल से निस्वार्थ भाव से झांकी बनाने में सहयोग कर रहे हैं। दिन में रोटरी क्लब में फिजियोथेरेपी का कार्य करते हैं। उनके ग्रुप में नौ लोग शामिल हैं।
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