{"_id":"684dcf803522de87a305bf5b","slug":"while-digging-the-soil-a-mound-collapsed-five-girls-got-buried-one-died-sambhal-news-c-204-1-chn1003-120777-2025-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: मिट्टी निकालते समय गिरी ढांग, पांच लड़कियां दबीं, एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: मिट्टी निकालते समय गिरी ढांग, पांच लड़कियां दबीं, एक की मौत
विज्ञापन
धनारी(संभल)। थाना क्षेत्र के गांव भागनगर में शनिवार दोपहर घर की लिपाई करने के लिए पड़ोस के गांव मानकपुर में मिट्टी निकालने गईं पांच लड़कियां ढांग ढहने से मिट्टी के नीचे दब गईं। आसपास मौजूद महिलाओं के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने लड़कियों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुंती (15) और आशा (17) की हालत गंभीर होने पर बहजोई सीएचसी भेज दिया। वहां चिकित्सक ने कुंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशा को मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। बाकी तीन लड़कियां सुरक्षित हैं।
शनिवार की दोपहर 12 बजे करीब गांव मानकपुर निवासी कुंती, आशा, पार्वती, शांति, विद्या, रामवती, फूलवती, अमलेश, सुमन, सावित्री, अखिलेश, कृष्णा आदि महिलाएं और लड़कियां गांव भागनगर में मुरादाबाद-आगरा हाईवे के पास बने गड्ढों से घर की लिपाई के लिए मिट्टी निकालने गईं थीं। वह गड्ढे में मिट्टी खोद रहीं थी कि दोपहर एक बजे के करीब ढांग भरभरा कर गिर गई। क्विंटलों मिट्टी के नीचे अमलेश, विद्या, कृष्णा, कुंती और आशा दब गईं। उनके साथ गईं लड़कियों व महिलाओं ने शोर मचा दिया।
शोर सुन कर भागनगर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर कुछ ही देर में पांचों लड़कियों को अर्धबेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। आशा पुत्री जयवीर और कुंती पुत्री नेकसे की हालात नाजुक होने पर सीएचसी बहजोई भेज दिया। वहां चिकित्सक ने कुंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशा को मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।
विज्ञापन
थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि कुंती के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है, जिससे बिना कार्रवाई के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
-- -- -- -- -- --
मिट्टी लाने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाती हैं महिलाएं
गांव मानकपुर की महिलाएं और लड़कियां घर के आंगन आदि की लिपाई के लिए तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव भागनगर से मिट्टी लाने के लिए जाती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का क्षेत्र होने की वजह से मानकपुर गांव की मिट्टी रेतीली है। इससे यहां की मिट्टी से घर के आंगन की लिपाई नहीं हो पाती। इस कारण महिलाओं को तीन किलोमीटर दूर गांव भागनगर जाना पड़ता है। जान गंवाने वाली कुंती भी अपने मोहल्ले की लड़कियों और महिलाओं के साथ ई-रिक्शा से गांव भागनगर मिट्टी लाने के लिए गई थी।
-- -- -- -
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ढांग के नीचे दबकर कुंती की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां जशोदा रो-रोकर बदहवास हो गईं। कुंती तीन बहनों में छोटी थी। दो छोटे भाई भी हैं। पिता नेकसे हरिद्वार में मजदूरी करने के लिए गए हुए हैं। परिजनों ने बताया कि कुंती गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी।
-- -- -- -- -- -- -- --
ढांग में दब कर लड़की की मौत के मामले में जानकारी मिली है। हलका लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। जो उचित राशि मृतक परिवार प्रदान की जाएगी। वहीं ढांग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
-वंदना तिवारी, एसडीएम गुन्नौर
विज्ञापन
शनिवार की दोपहर 12 बजे करीब गांव मानकपुर निवासी कुंती, आशा, पार्वती, शांति, विद्या, रामवती, फूलवती, अमलेश, सुमन, सावित्री, अखिलेश, कृष्णा आदि महिलाएं और लड़कियां गांव भागनगर में मुरादाबाद-आगरा हाईवे के पास बने गड्ढों से घर की लिपाई के लिए मिट्टी निकालने गईं थीं। वह गड्ढे में मिट्टी खोद रहीं थी कि दोपहर एक बजे के करीब ढांग भरभरा कर गिर गई। क्विंटलों मिट्टी के नीचे अमलेश, विद्या, कृष्णा, कुंती और आशा दब गईं। उनके साथ गईं लड़कियों व महिलाओं ने शोर मचा दिया।
विज्ञापन
शोर सुन कर भागनगर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर कुछ ही देर में पांचों लड़कियों को अर्धबेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। सूचना पाकर पुलिस भी पहुंच गई। आशा पुत्री जयवीर और कुंती पुत्री नेकसे की हालात नाजुक होने पर सीएचसी बहजोई भेज दिया। वहां चिकित्सक ने कुंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशा को मुरादाबाद हायर सेंटर रेफर कर दिया।
विज्ञापन
थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि कुंती के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है, जिससे बिना कार्रवाई के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मिट्टी लाने के लिए तीन किलोमीटर दूर जाती हैं महिलाएं
गांव मानकपुर की महिलाएं और लड़कियां घर के आंगन आदि की लिपाई के लिए तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव भागनगर से मिट्टी लाने के लिए जाती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का क्षेत्र होने की वजह से मानकपुर गांव की मिट्टी रेतीली है। इससे यहां की मिट्टी से घर के आंगन की लिपाई नहीं हो पाती। इस कारण महिलाओं को तीन किलोमीटर दूर गांव भागनगर जाना पड़ता है। जान गंवाने वाली कुंती भी अपने मोहल्ले की लड़कियों और महिलाओं के साथ ई-रिक्शा से गांव भागनगर मिट्टी लाने के लिए गई थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ढांग के नीचे दबकर कुंती की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां जशोदा रो-रोकर बदहवास हो गईं। कुंती तीन बहनों में छोटी थी। दो छोटे भाई भी हैं। पिता नेकसे हरिद्वार में मजदूरी करने के लिए गए हुए हैं। परिजनों ने बताया कि कुंती गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी।
ढांग में दब कर लड़की की मौत के मामले में जानकारी मिली है। हलका लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। जो उचित राशि मृतक परिवार प्रदान की जाएगी। वहीं ढांग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
-वंदना तिवारी, एसडीएम गुन्नौर