फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Wheat sowing is lagging behind due to non-availability of fertilizers at committees

Sambhal News: समितियों पर खाद न मिलने से पिछड़ रही गेहूं की बुवाई

Sat, 07 Dec 2024 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sat, 07 Dec 2024 01:59 AM IST
विज्ञापन
Wheat sowing is lagging behind due to non-availability of fertilizers at committees
चंदौसी इफ्को सेवा केंद्र पर खाद लेने के लिए लगीं किसानों की लाइन। संवाद - फोटो : संवाद
गुन्नौर/चंदौसी (संभल)। मंडी समिति स्थित किसान इफ्को केंद्र पर तीन दिन से डीएपी नहीं है। खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। खाद लेने को इधर-उधर भटक रहे है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश समितियों से भी डीएपी गायब है। विभाग का दावा है कि जिले में अब भी 500 एमटी खाद उपलब्ध है। इसके बाद भी किसानाें को खाद नहीं मिल रही है।
विज्ञापन

जनपद में करीब 1.40 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है। नवंबर के शुरुआत से किसान गेहूं की बुवाई शुरू कर देते हैं। हालांकि, 15 नवंबर से गेहूं की बुवाई में तेजी आती है। लेकिन, इस बार जब किसानाें ने बुवाई शुरू की तो डीएपी का संकट छा गया। गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी मुख्य उर्वरक है। लेकिन, किसानों को पर्याप्त खाद न मिल पाने की वजह से किसानों की बुवाई पिछड़ रही है। जिले में 27 नवंबर को 2258 एमटी डीएपी आई थी। जिसे समितियों के माध्यम से अब तक वितरण किया जा रहा है।
विज्ञापन

प्रशासन का दावा है कि अब भी 500 एमटी खाद समितियों पर उपलब्ध है। इसके बावजूद जनपद की अधिकांश समितियों पर डीएपी के लिए मारामारी है। गुन्नौर स्थित कन्हुआ समिति पर तीन दिन से खाद नहीं है। किसान खाद के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं चंदौसी स्थित किसान इफ्को केंद्र पर भी डीएपी गायब है। जुनावई क्षेत्र की समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। सबसे ज्यादा समस्या गुन्नौर तहसील क्षेत्र में बनी हुई है। यहां अब भी 40 प्रतिशत किसान गेहूं की बुआई करने से रह गए हैं। किसान सुबह से लेकर शाम तक समितियों पर खाद के लिए परेशान होते रहते हैं। उनका कहना है कि अगर समय से खाद न मिली तो गेहूं की बुवाई लेट हो जाएगी।

- गेहूं की बुआई के लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन मंडी समिति के किसान केंद्र पर तीन दिन से खाद नहीं मिल रही। -वीर बहादुर, बलकरनपुर
- रबी की सीजन में हर बार डीएपी की किल्लत होती है। सरकार को किसानों की समस्या समझनी चाहिए। पर्याप्त खाद की व्यवस्था होनी चाहिए। -जयसिंह, रुस्तमपुर उगिया
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article