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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं, हम जल्द ही हाईकोर्ट जाएंगे : सदर

Sat, 30 Nov 2024 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sat, 30 Nov 2024 01:50 AM IST
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We welcome the decision of the Supreme Court, we will go to the High Court soon: Sadar
संभल। जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से संभल जामा मस्जिद मामले पर सुनवाई न करने को कहा है। इस आदेश की जानकारी के बाद से जामा मस्जिद कमेटी काफी राहत महसूस कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने स्वागत किया है। जामा मस्जिद कमेटी के सचिव मसूद अली ने कहा कि वर्तमान में जो हालात हैं उनको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अच्छा निर्णय लिया है।
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19 नवंबर को चंदौसी स्थित जिला न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का वाद दाखिल किया गया था। इस दावे के बाद ही जामा मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें मस्जिद का सर्वे कराने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने की। मुख्य न्यायाधीश ने ही अहम निर्देश दिए हैं। इन निर्देश के बाद जामा मस्जिद कमेटी ने राहत मिलने की बात कही है। साथ ही हाईकोर्ट जाने के लिए तैयारी करने की भी जानकारी दी है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। अब हाईकोर्ट जाने की जामा मस्जिद कमेटी तैयारी कर रही है। जल्द ही हम हाईकोर्ट जाएंगे। शहर में फिलहाल अमन है और यही अमन बना रहे।-जफर अली एडवोकेट, सदर, जामा मस्जिद संभल
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जामा मस्जिद कमेटी ने याचिका दायर की थी। उसमें सुप्रीम कोर्ट ने हालात को देखते हुए जो दिशा निर्देश दिए हैं, उसके अनुसार हम हाईकोर्ट जाएंगे। कमेटी की बैठक कर इसके लिए भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।-मसूद अली, सचिव, जामा मस्जिद, संभल




जामा मस्जिद का यह है मामला


हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में जो वाद दायर किया गया है, उसमें उन्होंने हरिहर मंदिर होने का दावा किया है। न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। 19 और 24 नवंबर को कोर्ट कमिश्रर ने मस्जिद पहुंचकर सर्वे भी किया था। अभी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जानी बाकी है। इस वाद को दायर करने में वादीगण में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, पर्थ यादव, महंत ऋषिराज गिरि, राकेश कुमार, जीतपाल सिंह यादव, मदनपाल, वेदपाल और दीनानाथ शामिल हैं। हरिशंकर जैन के बेटे विष्णु शंकर जैन इस मामले में अधिवक्ता के तौर शामिल हैं।
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