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वसूली के रुपये गिनते रोजगार सेवक की वीडियो वायरल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sun, 05 Nov 2017 06:06 PM IST
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बाइक पर बैठकर नोट गिनता रोजगार सेवक
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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लाभार्थी ने रोजगार सेवक पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए शपथपत्र के साथ सीडीओ को शिकायती पत्र सौंपा है। पूरा मामला विकासखंड बहजोई के गांव भवन का है। वायरल हुई वीडीयो में विकासखंड के गांव भवन में बाइक पर सवार रोजगार सेवक को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी अतरसिंह पुत्र जयनारायन की ओर से दिए गए रुपये गिनते हुए दिखाया गया है।
पूरे मामले को लेकर लाभार्थी ने शपथपत्र के साथ सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी को गुरुवार को सौपें गए शिकायती पत्र में बताया कि गांव भवन का रोजगार सेवक गौतम कुछ दिन पहले घर पर आया और आवास की पहली किस्त खाते में डलवाने के एवज में रुपये मांगने लगा। इस पर असमर्थता जताई तो फिर दूसरी किस्त खाते में न डालने की बात कहते हुए वह जाने लगा। तब मजबूर होकर उसने बैंक से रुपये निकालकर रोजगार सेवक को दिए। आरोप है कि पांच हजार रुपये मांगे गए, इसमें साढ़े चार हजार रुपये तो दे दिए गए, लेकिन पांच सौ रुपये को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई, भीड़ लग गई।
वहीं सीडीओ ने पूरे मामले को लेकर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक हरेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी। सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तय है। खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव ने बताया कि लाभार्थी ने सीडीओ को शिकायतपत्र सौंपा है। इसमें सीडीओ की ओर से परियोजना निदेशक को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। वहीं बीडीओ समेत अन्य कई माध्यमों से दूरभाष पर रोजगार सेवक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।
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पूरे मामले को लेकर लाभार्थी ने शपथपत्र के साथ सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी को गुरुवार को सौपें गए शिकायती पत्र में बताया कि गांव भवन का रोजगार सेवक गौतम कुछ दिन पहले घर पर आया और आवास की पहली किस्त खाते में डलवाने के एवज में रुपये मांगने लगा। इस पर असमर्थता जताई तो फिर दूसरी किस्त खाते में न डालने की बात कहते हुए वह जाने लगा। तब मजबूर होकर उसने बैंक से रुपये निकालकर रोजगार सेवक को दिए। आरोप है कि पांच हजार रुपये मांगे गए, इसमें साढ़े चार हजार रुपये तो दे दिए गए, लेकिन पांच सौ रुपये को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई, भीड़ लग गई।
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वहीं सीडीओ ने पूरे मामले को लेकर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक हरेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी। सीडीओ प्रेमप्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तय है। खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव ने बताया कि लाभार्थी ने सीडीओ को शिकायतपत्र सौंपा है। इसमें सीडीओ की ओर से परियोजना निदेशक को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। वहीं बीडीओ समेत अन्य कई माध्यमों से दूरभाष पर रोजगार सेवक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका है।
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