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यूरिया खाद की किल्लत बरकरार, गुजरात से नहीं पहुंची रैक
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चंदौसी। यूरिया की किल्लत अभी बरकरार है। गुजरात से यूरिया की रैक चंदौसी नहीं पहुंची है। किसानों को धान की फसल के लिए यूरिया का अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों की मानें, तो गुजरात प्लांट में रैक की लोडिंग के लिए मजदूरों की कमी है। अभी चंदौसी की रैक की लोडिंग का नंबर नहीं आया है। किसानों को यूरिया के लिए और इंतजार करना पडे़गा। जिला कृषि अधिकारी ने प्लांट अधिकारियों से दोबारा से बात कर लिखित में यूरिया की डिमांड भेजने की बात कही है।
संभल जनपद में करीब 40 हजार हेक्टेअर में धान की फसल का उत्पादन होता है।
अब तक करीब 55 हजार मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है। जबकि गत वर्ष खरीफ के सीजन में अप्रैल से 30 सितंबर तक मात्र 51 हजार मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी। रामपुर और बदायूं के किसानों के आने के बाद चंदौसी में इफ्को केंद्र और सहकारी समिति पर भीड़ लगी है। यूरिया की किल्लत दूर होने के लिए अधिकारी 12 अगस्त तक गुजरात से करीब 1300 मीट्रिक टन यूरिया की एक रैक आने का दावा कर रहे थे। पर यूरिया की रैक अभी तक नहीं आई है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में यूरिया की लोडिंग नहीं हो पा रही है। वहां मजदूरों की कमी है। अधिकारियों की मानें, तो अभी तक चंदौसी की रैक के लिए लोडिंग का नंबर नहीं आया है। इस कारण किसानों को अभी भी यूरिया की समस्या से दो चार होना पड़ेगा।
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दस दिन पहले रैक आने का कर रहे थे दावा
अगस्त माह के शुरू में विभागीय अधिकारियों ने पांच अगस्त तक रैक आने की बात कही थी। इसके बाद दस अगस्त तक रैक मिलने का आश्वासन दिया। पर अभी तक यूरिया का कोई प्रबंध नहीं हुआ है। किसान भी परेशान है। इफ्कों केंद्र और सहकारी समिति पर यूरिया की आस में रोजाना लाइन लगाने को मजबूर हैं।
प्लांट में अधिकारियों से बात कर उन्हें लिखित रूप से दोबारा मेल कराई जाएगी। प्लांट में लोडिंग न होने के कारण यूरिया नहीं मिल पा रहा है। जल्द से जल्द यूरिया की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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संभल जनपद में करीब 40 हजार हेक्टेअर में धान की फसल का उत्पादन होता है।
अब तक करीब 55 हजार मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है। जबकि गत वर्ष खरीफ के सीजन में अप्रैल से 30 सितंबर तक मात्र 51 हजार मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी। रामपुर और बदायूं के किसानों के आने के बाद चंदौसी में इफ्को केंद्र और सहकारी समिति पर भीड़ लगी है। यूरिया की किल्लत दूर होने के लिए अधिकारी 12 अगस्त तक गुजरात से करीब 1300 मीट्रिक टन यूरिया की एक रैक आने का दावा कर रहे थे। पर यूरिया की रैक अभी तक नहीं आई है।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में यूरिया की लोडिंग नहीं हो पा रही है। वहां मजदूरों की कमी है। अधिकारियों की मानें, तो अभी तक चंदौसी की रैक के लिए लोडिंग का नंबर नहीं आया है। इस कारण किसानों को अभी भी यूरिया की समस्या से दो चार होना पड़ेगा।
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दस दिन पहले रैक आने का कर रहे थे दावा
अगस्त माह के शुरू में विभागीय अधिकारियों ने पांच अगस्त तक रैक आने की बात कही थी। इसके बाद दस अगस्त तक रैक मिलने का आश्वासन दिया। पर अभी तक यूरिया का कोई प्रबंध नहीं हुआ है। किसान भी परेशान है। इफ्कों केंद्र और सहकारी समिति पर यूरिया की आस में रोजाना लाइन लगाने को मजबूर हैं।
प्लांट में अधिकारियों से बात कर उन्हें लिखित रूप से दोबारा मेल कराई जाएगी। प्लांट में लोडिंग न होने के कारण यूरिया नहीं मिल पा रहा है। जल्द से जल्द यूरिया की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।