UP: मनमानी ने तेंदुए को मार डाला, जाल में घिरने के बाद उल्टी चारपाइयों से दबाया...ऊपर खड़े हो गए वर्दीधारी
संभल में दो घंटे तक उत्पात मचाने के बाद तेंदुए को बमुश्किल रेस्क्यू किया गया। वन विभाग और पुलिसकर्मियों ने तेंदुए को शांत करवाने के लिए उसके ऊपर उल्टी चारपाई रख खड़े हो गए। इससे उसकी जान चली गई। इससे बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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संभल में भटक कर गांव धतरा तक पहुंचे तेंदुए को सुरक्षित पकड़ तो लिया गया लेकिन जाल में घिरे बेजुबान जानवर पर उसके बाद किए गए जुल्मों से उसकी जान चली गई। इस दौरान सीओ अनुज चौधरी घायल हो गए हैं। बृहस्पतिवार सुबह खेतों में देखे जाने पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर उसे दौड़ाना शुरू कर दिया।
जान बचाने के लिए भागते समय तेंदुआ रामकुंवर सैनी के घर में घुस गया। घर में शोर मचा तो तेंदुआ शौचालय में जा बैठा। सूचना के एक घंटे बाद पुलिस और उसके आधे घंटे बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंच गई। घेराबंदी कर शोर मचाने से दो घंटे में तेंदुए को जाल में कैद करने में कामयाबी मिल गई।
इसके बाद शुरू हो गई मनमानी और क्रूरता। जाल में घिरकर भी गुर्रा रहे तेंदुए को शांत करने के लिए वन और पुलिसकर्मियों ने कई चारपाई उल्टी करके जाल पर बिछा दीं। इसके बाद वर्दीधारी उन चारपाइयों पर खड़े हो गए।
खामोश होने पर तेंदुए को बेहोश बताकर मुरादाबाद लाया गया। मुरादाबाद में वन क्षेत्र अधिकारी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुए की मौत हो गई। मौत का कारण दम घुटना रहा या उसके शरीर पर लगी चोटें, यह मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट होगा।
टीम ने रेस्क्यू कर नर तेंदुआ पकड़ा था। पकड़ने के समय उसकी अवस्था सुस्त व निष्क्रिय थी। उपचार के लिए ले गए लेकिन उसकी मौत हो गई। रास्ते में मौत होने का अनुमान है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। - जेबी शेंडे, डीएफओ, संभल
तेंदुआ जाल में फंसा...और वो शेर हो गए
हयातनगर क्षेत्र के गांव धतरा में तेंदुए को देखे जाने से लेकर जाल में फंसाने तक का घटनाक्रम लगभग साढ़े छह घंटे चला। इस दौरान न तेंदुए ने इंसानों को नुकसान पहुंचाया और न ही ग्रामीणों के बीच से उस पर हमले की कोई कोशिश हुई। हुआ उल्टा, जो टीम रेस्क्यू के लिए आई वो खुद पर काबू नहीं रख सकी। जाल में तेंदुए के कैद होते ही वन और पुलिसकर्मियों ने वो किया जो जंगल में भी नहीं होता। तीन चारपाइयां उल्टी करके बिछा दीं। उनके ऊपर खड़े होकर जाल में घिरे तेंदुए को करीब 45 मिनट बुरी तरह कुचला गया।
ग्रामीणों ने बताया कि जाल में बंद होने के बाद भी तेंदुए के गुर्राने और तेवर दिखाने पर किसी ने सुझाव दिया कि उसे बेहोश कर दिया जाए। इस सुझाव पर वन विभाग के विशेषज्ञ या पशु चिकित्सक नहीं बुलाए गए बल्कि रेस्क्यू टीम ने एक ग्रामीण से भैंस को बेहोश करने वाला इंजेक्शन लाकर लगाने के लिए कह दिया। इस बीच तेंदुए को काबू करने के लिए उसके जाल पर चारपाइयों का जाल बिछाकर दबाव बनाया जाने लगा।
इस पर भी बात नहीं बनी तो बिछी चारपाइयों पर चढ़कर तेंदुए को पैरों से दबाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 45 मिनट तक तेंदुए के साथ इसी तरह की बेरहमी की गई। इस दृश्य की एक वीडियो भी वायरल हो रही है। इसके बाद तेंदुए की छटपटाहट थम गई तो उसे बेहोश बताकर मुरादाबाद ले जाया गया। कहा गया कि उपचार के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा लेकिन मुरादाबाद में उसके मरने की जानकारी दी गई। कहा गया कि सदमे से वह रास्ते में मर गया।
यूं चला घटनाक्रम
- धतरा निवासी वसंत ने बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे खेत पर तेंदुआ देखा
- दौड़ाने पर सुबह आठ बजे तेंदुआ रामकुंवर सैनी के शौचालय में घुस गया।
- 09 बजे पुलिस और 9.30 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
- 11.30 बजे जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ लेने में कामयाबी मिल गई।
- रात में अचानक तेंदुए के मरने की जानकारी दी गई।
घर में ही कैद रहे रामकुंवर के परिजन
तेंदुए के घुसने के समय किसान रामकुंवर सैनी की पत्नी सुशीला देवी, बेटी ज्ञानवती, पुत्रवधू रेखा भाग पड़ीं। बेटी और पुत्रवधू ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सुशीला देवी छत की ओर भागीं। तीन घंटे से ज्यादा समय कमरे में कैद रहीं ननद-भाभी को कमरे में मौजूद हल्की जाली भी डरा रही थी।
बताया कि लग रहा था कि जाली तोड़कर तेंदुआ भीतर न आ जाए। बाहर भीड़ के बीच से आ रहीं आवाजों से पता नहीं चल रहा था कि बाहर की स्थिति क्या है। जब तेंदुआ जाल में फंस जाने की बात बाहर से बताई गई तभी दरवाजा खोलकर दोनों कमरे से निकलीं।