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राजस्व अभिलेखों में फर्जी इंद्राज का मामला, दो उप जिलाधिकारियों और तहसीलदार तक पहुंची जांच की आंच
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संभल। राजस्व अभिलेखों में फर्जी इंद्राज के मामले में जांच जारी है। निलंबित राजस्वकर्मियों से बयान लेने के बाद जांच की आंच अब दो उप जिलाधिकारियों और एक तहसीलदार तक पहुंच गई है।
बैकडेटिंग कर असंक्रमणीय (नॉन ट्रांसफरेबिल) भूमिधरी को संक्रमणीय (ट्रांसफरेबिल) भूमिधरी में दर्ज किए जाने के मामले में अब संभल और गुन्नौर के उप जिलाधिकारी तथा गुन्नौर के तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी ने तीनों अधिकारियों को सात दिन की अवधि में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले में 16 मार्च को सात राजस्व कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
अब जांच का दायरा बढ़ा है और जांच की आंच गुन्नौर में 5 सितंबर 2020 तक उप जिलाधिकारी रहे दीपेंद्र यादव, मौजूदा उप जिलाधिकारी प्रेमचंद तथा तहसीलदार सुधीर कुमार तक पहुंच गई। अपर जिलाधिकारी की जांच आख्या के बाद जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक तथा छह लेखपालों को निलंबित कराया है। इस तरह से सात लेखपाल फर्जीवाड़े में फंसे हैं।
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बैकडेटिंग करके नॉन ट्रांसफरेबिल भूमि को ट्रांसफरेबिल भूमि की श्रेणी में दर्ज किए जाने के तीस मामले पकड़े गए। जिस अवधि में राजस्व अभिलेखों में इद्राज किए गए उस अवधि में गुन्नौर में दीपेंद्र यादव एसडीएम थे। इनके बाद प्रेमचंद की तैनाती हुई। तहसीलदार के रूप में सुधीर कुमार ही तैनात रहे हैं। तीनों अधिकारियों की जवाबदेही बनती है। इसलिए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कमलेश कुमार अवस्थी, अपर जिलाधिकारी
यह कर्मी हो चुके हैं निलंबित
संभल। जिलाधिकारी ने जांच के आधार पर राजस्व निरीक्षक रक्षपाल सिंह, लेखपाल अभिषेक कुमार, विजय कुमार, चंपत सिंह, उपकार त्यागी, राकेश कुमार तथा प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है
क्या होता है संक्रमणीय और असंक्रमणीय
असंक्रमीण भूमि के बैनामे नहीं होते और संक्रमणीय भूमि के बैनामे हो जाते हैं। इसलिए असंक्रमणीय को संक्रमणीय में दर्ज कराने के लिए खेल होता है।
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बैकडेटिंग कर असंक्रमणीय (नॉन ट्रांसफरेबिल) भूमिधरी को संक्रमणीय (ट्रांसफरेबिल) भूमिधरी में दर्ज किए जाने के मामले में अब संभल और गुन्नौर के उप जिलाधिकारी तथा गुन्नौर के तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अपर जिलाधिकारी कमलेश कुमार अवस्थी ने तीनों अधिकारियों को सात दिन की अवधि में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले में 16 मार्च को सात राजस्व कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
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अब जांच का दायरा बढ़ा है और जांच की आंच गुन्नौर में 5 सितंबर 2020 तक उप जिलाधिकारी रहे दीपेंद्र यादव, मौजूदा उप जिलाधिकारी प्रेमचंद तथा तहसीलदार सुधीर कुमार तक पहुंच गई। अपर जिलाधिकारी की जांच आख्या के बाद जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक तथा छह लेखपालों को निलंबित कराया है। इस तरह से सात लेखपाल फर्जीवाड़े में फंसे हैं।
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बैकडेटिंग करके नॉन ट्रांसफरेबिल भूमि को ट्रांसफरेबिल भूमि की श्रेणी में दर्ज किए जाने के तीस मामले पकड़े गए। जिस अवधि में राजस्व अभिलेखों में इद्राज किए गए उस अवधि में गुन्नौर में दीपेंद्र यादव एसडीएम थे। इनके बाद प्रेमचंद की तैनाती हुई। तहसीलदार के रूप में सुधीर कुमार ही तैनात रहे हैं। तीनों अधिकारियों की जवाबदेही बनती है। इसलिए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
कमलेश कुमार अवस्थी, अपर जिलाधिकारी
यह कर्मी हो चुके हैं निलंबित
संभल। जिलाधिकारी ने जांच के आधार पर राजस्व निरीक्षक रक्षपाल सिंह, लेखपाल अभिषेक कुमार, विजय कुमार, चंपत सिंह, उपकार त्यागी, राकेश कुमार तथा प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है
क्या होता है संक्रमणीय और असंक्रमणीय
असंक्रमीण भूमि के बैनामे नहीं होते और संक्रमणीय भूमि के बैनामे हो जाते हैं। इसलिए असंक्रमणीय को संक्रमणीय में दर्ज कराने के लिए खेल होता है।