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Sambhal News: श्मशान घाट पर तीन दिन में दो दर्जन बंदरों की मौत
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चंदौसी। बनियाठेर के गांव आटा में दो दर्जन से अधिक बंदरों की मौत का राज अभी खुल नहीं सका है। पशु पालन विभाग को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं अब चंदौसी में तीन दिन में सीता रोड स्थित श्मशान घाट पर करीब 20-25 बंदरों की रहस्यमय मौत हो गई है। कई बंदर मरणासन्न अवस्था में हैं और सहमे हुए हैं। पशु पालन विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर मामले की जानकारी ली है।
बता दें कि सीता रोड स्थित श्मशान घाट पर बंदर काफी तादाद में हैं। श्मशान घाट के चौकीदार ओमवीर ने बताया कि यहां बुधवार से अब तक तीन दिन में 20-25 बंदरों की रहस्यमयी ढंग से मौत हो चुकी है। जबकि करीब आधा दर्जन बंदर मरणासन्न अवस्था में हैं। बृहस्पतिवार को लोगों ने इसकी जानकारी एसडीएम आशुतोष तिवारी को दी।
एसडीएम के निर्देश पर पशु पालन विभाग की टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। लोगों में विषैला पदार्थ खिलाने से बंदरों की मौत आदि की चर्चा बनी हुई है। शुक्रवार को सेवादार कौशल किशोर वंदेमातरम ने श्मशान भूमि पर पहुंच कर जानकारी ली और कड़ाके की ठंड में बंदरों के लिए अलाव जलाकर सेवा की। उन्होंने बताया कि पहले आटा गांव में 30 से अधिक बंदरों की मौत रहस्य बनी हुई है। संवाद
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बता दें कि सीता रोड स्थित श्मशान घाट पर बंदर काफी तादाद में हैं। श्मशान घाट के चौकीदार ओमवीर ने बताया कि यहां बुधवार से अब तक तीन दिन में 20-25 बंदरों की रहस्यमयी ढंग से मौत हो चुकी है। जबकि करीब आधा दर्जन बंदर मरणासन्न अवस्था में हैं। बृहस्पतिवार को लोगों ने इसकी जानकारी एसडीएम आशुतोष तिवारी को दी।
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एसडीएम के निर्देश पर पशु पालन विभाग की टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। लोगों में विषैला पदार्थ खिलाने से बंदरों की मौत आदि की चर्चा बनी हुई है। शुक्रवार को सेवादार कौशल किशोर वंदेमातरम ने श्मशान भूमि पर पहुंच कर जानकारी ली और कड़ाके की ठंड में बंदरों के लिए अलाव जलाकर सेवा की। उन्होंने बताया कि पहले आटा गांव में 30 से अधिक बंदरों की मौत रहस्य बनी हुई है। संवाद
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