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Sambhal News: बंदरों के आतंक से परेशान लोगों ने घरों पर चस्पाए लंगूरों के पोस्टर
Tue, 18 Nov 2025 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:56 AM IST
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संभल के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में घर पर लगा लंगूर का पोस्टर। संवाद
संभल। शहरी क्षेत्र में बंदरों का आतंक इस कदर है कि बच्चे तो छोड़िये बड़ों तक का राह चलना दुश्वार हो गया है। बंदर मार्ग से गुजरते लोगों व बच्चों पर हमला कर देते हैं। हालात ये हैं कि मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में बंदरों से निजात के लिए लोगों ने घरों पर लंगूर के पोस्टर चस्पा किए हैं। साथ ही पालिका से बंदरों को पकड़वाने की मांग उठाई है।
संभल के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी, कोट पूर्वी, शहजादी सराय, हातिम सराय, बरेली सराय, हयातनगर, सरायतरीन में बंदर बड़ी संख्या में घूमते रहते हैं। बंदरों के आतंक की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यह हमलावर भी हो रहे हैं। मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में बंदरों का आतंक ज्यादा है। इसकी वजह से लोग खौफ में हैं। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के वक्त तो बंदरों के कारण रास्ते से निकला भी नहीं जाता। आलम यह है कि धूप में घरों के बाहर भी नहीं बैठ सकते। यहां कुछ घरों पर लंगूर के पोस्टर भी चिपकाए गए हैं। फिर भी बंदरों का जमावड़ा रहता है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदारों से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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सिरसी में बंदरों के हमले से हो चुकी है बच्ची की मौत
सिरसी। नगर पंचायत सिरसी में भी बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदर महिलाओं और बच्चों पर हमला कर हे हैं। कई बच्चों को काट भी लिया है। हालांकि डेढ़ साल पहले गर पंचायत ने बंदर पकड़वाए थे लेकिन अब बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जनवरी में हुई बोर्ड की बैठक में भी बंदरों को पकड़ने के लिए प्रस्ताव पास हुआ था। बताते चलें कि दो साल पहले मोहल्ला गिन्नौरी में छह वर्षीय बच्ची की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत हो गई थी। एक साल पहले मोहल्ला शर्की निवासी नबी जान बंदरों के हमले में छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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वर्जन-
.सुबह और शाम के वक्त बंदरों का आतंक ज्यादा रहता है। दोपहर में घर के बाहर धूप में बैठ भी नहीं सकते। बच्चे पार्क में नहीं खेल पा रहे हैं क्योंकि हमले का अंदेशा रहता है। उत्कर्ष गुप्ता, दुर्गा कॉलोनी
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वर्जन-
.बंदरों के प्रकोप के कारण बड़ों, बच्चों को निकलना बंद हो जाता है। शाम के समय ज्यादा परेशानी आती है। वार्ड सभासद को वीडियो को भेजी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। शालू गुप्ता, दुर्गा कॉलोनी
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वर्जन-
.सुबह से रात तक करीब 100 बंदर पड़े रहते हैं। भगाओ तो वह गाड़ियों व छतों पर चढ़ जाते हैं। बच्चों पर हमला कर देते हैं। एक दो घरों पर लंगूर के पोस्टर भी लगाए गए हैं। पल्लव पाठक, दुर्गा कॉलोनी
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वर्जन-
.बंदरों की वजह से दिक्कत है। मेरी बेटी ट्यूशन जाती है तो उसे रास्ते से निकलने में दिक्कत होती है। बेटी को बंदरों ने घेर भी लिया था। लोगों ने डंडे लेकर बंदरों को भगाया। प्रियंक अग्रवाल, दुर्गा कॉलोनी
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वर्जन-
.आठ दिन पहले ट्यूशन पढ़ने जा रही बेटी इनाया पर बंदरों के झुंड ने हमला करके काट लिया था। लोगों ने उसे बंदरों से छुड़ाया। बंदर उत्पाती हो गए हैं। नुकसान कर रहे हैं। फराज अब्बास, मोहल्ला शर्की स्टेशन रोड सिरसी
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वर्जन-
.रात में कमरे में घुसकर बंदरों ने मुझ पर हमला कर दिया था। महिलाएं छतों पर जाने से डर रही हैं क्योंकि बंदर अचानक हमला कर देते हैं। स्कूली बच्चे भी डरते हैं। मोहम्मद जुल्फकार, मोहल्ला शर्की सिरसी
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वर्जन-
संभल और सिरसी में बंदरों को पकड़वाने के लिए कई एजेंसियों से बात चल रही है। जल्द ही बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था कर ली जाएगी। डॉ.मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका
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जिला अस्पताल में हर दिन पहुंच रहे 7-8 बंदर के काटने से घायल मरीज
बंदराें की संख्या लगातार बढ़ने के साथ वह हमलावर होते जा रहे हैं। हर दिन जिला अस्पताल में 7-8 मरीज बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। ज्यादातर लोग ग्रामीण इलाके के शिकार हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में भी यही स्थिति बनती जा रही है। इसमें महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं। बंदरों के हमले में लोग जख्मी भी काफी हो जाते हैं। लगातार बंदरों के हमले से लोग परेशान हैं।
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संभल के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी, कोट पूर्वी, शहजादी सराय, हातिम सराय, बरेली सराय, हयातनगर, सरायतरीन में बंदर बड़ी संख्या में घूमते रहते हैं। बंदरों के आतंक की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यह हमलावर भी हो रहे हैं। मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में बंदरों का आतंक ज्यादा है। इसकी वजह से लोग खौफ में हैं। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के वक्त तो बंदरों के कारण रास्ते से निकला भी नहीं जाता। आलम यह है कि धूप में घरों के बाहर भी नहीं बैठ सकते। यहां कुछ घरों पर लंगूर के पोस्टर भी चिपकाए गए हैं। फिर भी बंदरों का जमावड़ा रहता है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदारों से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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सिरसी में बंदरों के हमले से हो चुकी है बच्ची की मौत
सिरसी। नगर पंचायत सिरसी में भी बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदर महिलाओं और बच्चों पर हमला कर हे हैं। कई बच्चों को काट भी लिया है। हालांकि डेढ़ साल पहले गर पंचायत ने बंदर पकड़वाए थे लेकिन अब बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जनवरी में हुई बोर्ड की बैठक में भी बंदरों को पकड़ने के लिए प्रस्ताव पास हुआ था। बताते चलें कि दो साल पहले मोहल्ला गिन्नौरी में छह वर्षीय बच्ची की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत हो गई थी। एक साल पहले मोहल्ला शर्की निवासी नबी जान बंदरों के हमले में छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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.सुबह और शाम के वक्त बंदरों का आतंक ज्यादा रहता है। दोपहर में घर के बाहर धूप में बैठ भी नहीं सकते। बच्चे पार्क में नहीं खेल पा रहे हैं क्योंकि हमले का अंदेशा रहता है। उत्कर्ष गुप्ता, दुर्गा कॉलोनी
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.बंदरों के प्रकोप के कारण बड़ों, बच्चों को निकलना बंद हो जाता है। शाम के समय ज्यादा परेशानी आती है। वार्ड सभासद को वीडियो को भेजी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। शालू गुप्ता, दुर्गा कॉलोनी
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.सुबह से रात तक करीब 100 बंदर पड़े रहते हैं। भगाओ तो वह गाड़ियों व छतों पर चढ़ जाते हैं। बच्चों पर हमला कर देते हैं। एक दो घरों पर लंगूर के पोस्टर भी लगाए गए हैं। पल्लव पाठक, दुर्गा कॉलोनी
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.बंदरों की वजह से दिक्कत है। मेरी बेटी ट्यूशन जाती है तो उसे रास्ते से निकलने में दिक्कत होती है। बेटी को बंदरों ने घेर भी लिया था। लोगों ने डंडे लेकर बंदरों को भगाया। प्रियंक अग्रवाल, दुर्गा कॉलोनी
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.आठ दिन पहले ट्यूशन पढ़ने जा रही बेटी इनाया पर बंदरों के झुंड ने हमला करके काट लिया था। लोगों ने उसे बंदरों से छुड़ाया। बंदर उत्पाती हो गए हैं। नुकसान कर रहे हैं। फराज अब्बास, मोहल्ला शर्की स्टेशन रोड सिरसी
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.रात में कमरे में घुसकर बंदरों ने मुझ पर हमला कर दिया था। महिलाएं छतों पर जाने से डर रही हैं क्योंकि बंदर अचानक हमला कर देते हैं। स्कूली बच्चे भी डरते हैं। मोहम्मद जुल्फकार, मोहल्ला शर्की सिरसी
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संभल और सिरसी में बंदरों को पकड़वाने के लिए कई एजेंसियों से बात चल रही है। जल्द ही बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था कर ली जाएगी। डॉ.मणिभूषण तिवारी, ईओ नगर पालिका
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जिला अस्पताल में हर दिन पहुंच रहे 7-8 बंदर के काटने से घायल मरीज
बंदराें की संख्या लगातार बढ़ने के साथ वह हमलावर होते जा रहे हैं। हर दिन जिला अस्पताल में 7-8 मरीज बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। ज्यादातर लोग ग्रामीण इलाके के शिकार हो रहे हैं। शहरी क्षेत्र में भी यही स्थिति बनती जा रही है। इसमें महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं। बंदरों के हमले में लोग जख्मी भी काफी हो जाते हैं। लगातार बंदरों के हमले से लोग परेशान हैं।