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Sambhal News: व्यापारियों ने मंडी सचिव का किया घेराव
Sun, 21 Jun 2026 01:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:41 AM IST
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चंदौसी। पोर्टल पर मक्का के रेट अधिक होने से भड़के व्यापारियों ने शनिवार मंडी परिसर में प्रदर्शन कर हंगामा काटा और मंडी सचिव का घेराव किया। हंगामे के बाद मंडी सचिव ने उच्च अधिकारियों से वार्ताकार पोर्टल पर चढ़े मक्का के रेट सही कराए। तब जाकर दोपहर बाद व्यापारियों ने मक्का की खरीद शुरू की।
मंडी समिति परिसर में शनिवार को पोर्टल पर बढ़े मक्का के रेट को लेकर व्यापारियों और किसानों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान काफी संख्या में मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे व्यापारी और किसानों ने सचिव का घेराव कर मक्का के पोर्टल पर चढ़े 1800 रुपये प्रति क्विंटल के रेट का विरोध किया। व्यापारियों ने बताया कि मंडी समिति चंदौसी के अलावा किसी भी मंडी में गीली मक्का की खरीद नहीं की जाती। सबसे ज्यादा किसान 35 से 45 प्रतिशत गीली मक्का को यहां मंडी में बेचने आते हैं।
आरोप लगाया कि चार दिन पहले तक पोर्टल पर 1500 रुपये प्रति क्विंटल रेट चढ़ा हुआ था। अचानक मंडी सचिव ने रेट बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया। जिससे व्यापारियों और किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1100 से 1200 रुपये क्विंटल की खरीद से गीली मक्का की खरीद की जा रही है। जिसे खरीदने वाली कंपनियां मंडी से कटी रसीद पर ही खरीदती हैं। क्योंकि गीली मक्का का कोई रेट नहीं होता इसलिए सूखी मक्का की ही पर्ची कटती है। इसलिए मक्का का रेट 1500 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इसके बाद मंडी सचिव सर्वेश कुमार शुक्ला ने उच्च अधिकारियों से मोबाइल पर वार्ता कर 1550 रुपये प्रति क्विंटल मक्का का रेट पोर्टल पर चढ़ावाया। तब कहीं जाकर व्यापारी शांत हुए। दोपहर बाद व्यापारियों ने मक्का की खरीद शुरू की।
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मंडी समिति परिसर में शनिवार को पोर्टल पर बढ़े मक्का के रेट को लेकर व्यापारियों और किसानों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान काफी संख्या में मंडी सचिव कार्यालय पहुंचे व्यापारी और किसानों ने सचिव का घेराव कर मक्का के पोर्टल पर चढ़े 1800 रुपये प्रति क्विंटल के रेट का विरोध किया। व्यापारियों ने बताया कि मंडी समिति चंदौसी के अलावा किसी भी मंडी में गीली मक्का की खरीद नहीं की जाती। सबसे ज्यादा किसान 35 से 45 प्रतिशत गीली मक्का को यहां मंडी में बेचने आते हैं।
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आरोप लगाया कि चार दिन पहले तक पोर्टल पर 1500 रुपये प्रति क्विंटल रेट चढ़ा हुआ था। अचानक मंडी सचिव ने रेट बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया। जिससे व्यापारियों और किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि 1100 से 1200 रुपये क्विंटल की खरीद से गीली मक्का की खरीद की जा रही है। जिसे खरीदने वाली कंपनियां मंडी से कटी रसीद पर ही खरीदती हैं। क्योंकि गीली मक्का का कोई रेट नहीं होता इसलिए सूखी मक्का की ही पर्ची कटती है। इसलिए मक्का का रेट 1500 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। इसके बाद मंडी सचिव सर्वेश कुमार शुक्ला ने उच्च अधिकारियों से मोबाइल पर वार्ता कर 1550 रुपये प्रति क्विंटल मक्का का रेट पोर्टल पर चढ़ावाया। तब कहीं जाकर व्यापारी शांत हुए। दोपहर बाद व्यापारियों ने मक्का की खरीद शुरू की।
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