{"_id":"57869c544f1c1ba64e13e110","slug":"traders-are-against-of-gst","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रस्तावित जीएसटी बिल पर व्यापारियों ने जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रस्तावित जीएसटी बिल पर व्यापारियों ने जताई नाराजगी
अमर उजाला/ ब्यूरोसंभल
Updated Thu, 14 Jul 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी में एसडीएम को जीएसटी के विरोध में ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित जीएसटी पर विरोध प्रकट करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल केंद्र सरकार के जीएसटी बिल को लेकर असंतुष्ट है। व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर विरोध जताया है। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी संजय कुमार को सौंपकर इसमें संशोधन की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में तीन तरह के रजिस्ट्रेशन व टैक्स व्यापारी विरोधी है। इसमें व्यापारी के ऊपर जुर्माने के साथ साथ सजा का प्रावधान है, जिससे व्यापारी वर्ग खासा भयभीत है। इसके अलावा जीएसटी में करो की दरो को अत्यधिक बढ़ा दिया गया है। जिससे उपभोक्ता व व्यापारी दोनो का उत्पीड़न हो रहा है। इसके लागू होने से देश में इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार मंडल ने मांग की है कि जीएसटी बिल में संशोधन कर सजा का प्रावधान खत्म करने, टैक्स दर कम किए जाने तथा त्रिस्तरीय पंजीकरण व्यवस्था के स्थान पर एक स्तरीय पंजीकरण व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हाजी शाह आलम मंसूरी, नीले साहनी, अनुज वार्ष्णेय, मेहताब शम्सी, सुभाष पाल, प्रभात कृष्णा, उमैर शम्सी, अजीत सिंह आदि शामिल रहे।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल केंद्र सरकार के जीएसटी बिल को लेकर असंतुष्ट है। व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर विरोध जताया है। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी संजय कुमार को सौंपकर इसमें संशोधन की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में तीन तरह के रजिस्ट्रेशन व टैक्स व्यापारी विरोधी है। इसमें व्यापारी के ऊपर जुर्माने के साथ साथ सजा का प्रावधान है, जिससे व्यापारी वर्ग खासा भयभीत है। इसके अलावा जीएसटी में करो की दरो को अत्यधिक बढ़ा दिया गया है। जिससे उपभोक्ता व व्यापारी दोनो का उत्पीड़न हो रहा है। इसके लागू होने से देश में इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार मंडल ने मांग की है कि जीएसटी बिल में संशोधन कर सजा का प्रावधान खत्म करने, टैक्स दर कम किए जाने तथा त्रिस्तरीय पंजीकरण व्यवस्था के स्थान पर एक स्तरीय पंजीकरण व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हाजी शाह आलम मंसूरी, नीले साहनी, अनुज वार्ष्णेय, मेहताब शम्सी, सुभाष पाल, प्रभात कृष्णा, उमैर शम्सी, अजीत सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन