{"_id":"62210dde6850b104e92321e0","slug":"three-students-of-chandausi-sambhal-took-flight-from-romania-will-reach-india-today-chandausi-news-mbd420533319","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदौसी-संभल के तीन छात्रों ने रोमानिया से भरी उड़ान, आज पहुंच जाएंगे हिंदुस्तान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदौसी-संभल के तीन छात्रों ने रोमानिया से भरी उड़ान, आज पहुंच जाएंगे हिंदुस्तान
विज्ञापन
यूक्रेन संकट से निकलकर चंदौसी-संभल के तीन छात्रों ने रोमानिया पहुंच स्वदेश के लिए फ्लाइट से उड़ान भर दी है। शुक्रवार को किसी समय तीनों भारत पहुंच जाएंगे। उनके वहां से आने की सूचना मिलने ही परिजनों में खुशी का माहौल पैदा हो गया है।
परिजनों के मुताबिक, जनेटा के रहने वाले एमबीबीएस के दो छात्र घर वापसी के लिए रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के एयरपोर्ट से विमान में सवार हो गए हैं। दस घंटे की उड़ान के बाद शुक्रवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। परिजन अपने बच्चों को देखने के लिए उत्सुक हैं। दोनों छात्रों के साथ संभल के गांव हयानगर निवासी छात्र मोहम्मद शोएब भी है।
चंदौसी के गांव जनेटा निवासी मोहम्मद शारिक और मोहम्मद कैस यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन संकट से निकल कर गुरुवार को दोनों छात्र अपने साथियों के साथ रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंच गए थे। मोहम्मद कैस ने पिता मोहम्मद एजाज केे बताया कि भारतीय समय के अनुसार गुरुवार की शाम करीब सात बजे से उनकी फ्लाइट बुखारेस्ट से नई दिल्ली के लिए हैं।
विज्ञापन
मोहम्मद कैस और शारिक विमान में सवार हो चुके हैं। दिल्ली पहुंचने में फ्लाइट को करीब दस घंटे का समय लगने का अनुमान है। शुक्रवार को भोर में दिल्ली एयरपोर्ट और दोपहर के बाद घर पहुंच सकते हैं। पिता मोहम्मद एजाज ने बताया कि यूक्रेन में फंसे होने पर चिंता हो रही थी। अब घर के लिए उड़ान भर दी है। अब कोई चिंता नहीं है। अब किसी भी तरह उनका बेटा जल्द से जल्द घर पहुंच जाए, यही इच्छा है।
मोहल्ला विकासनगर निवासी छात्र रजत जोहल अपने साथियों के साथ बुधवार शाम हंगरी बॉर्डर पर प्रवेश कर गया था। वहां से भारतीय एंबेसी अधिकारियों ने वाहन की व्यवस्था कर सभी छात्रों को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के शेल्टर होम भिजवा दिया है।
रजत जोहल ने पिता ज्ञानेंद्र सिंह को बताया कि अब कोई चिंता की बात नहीं है। अधिकारी पूरी देखभाल कर रहे हैं। छात्र काफी संख्या हैं, अब फ्लाइट में अपनी बारी का इंतजार हैं। जब भी नंबर आएगा, फ्लाइट से सीधे घर आ जाएंगे। रोमानिया की राजधानी में रह रहे स्थानीय नागरिक भी वहां आकर खाने की व अन्य व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं और सेवा में लगे हैं। वहां बाजार में सभी चीजें उपलब्ध हैं, अब किसी तरह की परेशानी नहीं है।
विज्ञापन
परिजनों के मुताबिक, जनेटा के रहने वाले एमबीबीएस के दो छात्र घर वापसी के लिए रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के एयरपोर्ट से विमान में सवार हो गए हैं। दस घंटे की उड़ान के बाद शुक्रवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। परिजन अपने बच्चों को देखने के लिए उत्सुक हैं। दोनों छात्रों के साथ संभल के गांव हयानगर निवासी छात्र मोहम्मद शोएब भी है।
विज्ञापन
चंदौसी के गांव जनेटा निवासी मोहम्मद शारिक और मोहम्मद कैस यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन संकट से निकल कर गुरुवार को दोनों छात्र अपने साथियों के साथ रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंच गए थे। मोहम्मद कैस ने पिता मोहम्मद एजाज केे बताया कि भारतीय समय के अनुसार गुरुवार की शाम करीब सात बजे से उनकी फ्लाइट बुखारेस्ट से नई दिल्ली के लिए हैं।
विज्ञापन
मोहम्मद कैस और शारिक विमान में सवार हो चुके हैं। दिल्ली पहुंचने में फ्लाइट को करीब दस घंटे का समय लगने का अनुमान है। शुक्रवार को भोर में दिल्ली एयरपोर्ट और दोपहर के बाद घर पहुंच सकते हैं। पिता मोहम्मद एजाज ने बताया कि यूक्रेन में फंसे होने पर चिंता हो रही थी। अब घर के लिए उड़ान भर दी है। अब कोई चिंता नहीं है। अब किसी भी तरह उनका बेटा जल्द से जल्द घर पहुंच जाए, यही इच्छा है।
मोहल्ला विकासनगर निवासी छात्र रजत जोहल अपने साथियों के साथ बुधवार शाम हंगरी बॉर्डर पर प्रवेश कर गया था। वहां से भारतीय एंबेसी अधिकारियों ने वाहन की व्यवस्था कर सभी छात्रों को हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट के शेल्टर होम भिजवा दिया है।
रजत जोहल ने पिता ज्ञानेंद्र सिंह को बताया कि अब कोई चिंता की बात नहीं है। अधिकारी पूरी देखभाल कर रहे हैं। छात्र काफी संख्या हैं, अब फ्लाइट में अपनी बारी का इंतजार हैं। जब भी नंबर आएगा, फ्लाइट से सीधे घर आ जाएंगे। रोमानिया की राजधानी में रह रहे स्थानीय नागरिक भी वहां आकर खाने की व अन्य व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं और सेवा में लगे हैं। वहां बाजार में सभी चीजें उपलब्ध हैं, अब किसी तरह की परेशानी नहीं है।