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Sambhal News: जामा मस्जिद के नजदीक बने कुएं को भी खोला जाएगा, वर्षों पहले पाट दिया गया था
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संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। जामा मस्जिद पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। इस ऐतिहासिक इमारत में कुएं भी बने हैं। इसमें एक कुएं को खोलने की तैयारी है। इसके लिए पालिका पहल करेगी। जिसके बाद मुक्त किया जा सकेगा। बताया जाता है कि इस कुएं को वर्षों पहले पाट दिया गया था। अब इसको खोलने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा शुरू की जाएगी।
इसी तरह जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान में भी कुआं होने की चर्चा है, जहां की सफाई कराई जाएगी। उसमें भी यदि कुआं होगा तो उसको भी संवारने के लिए पहल की जाएगी। पालिका के ईओ का कहना है कि पालिका क्षेत्र में जितने भी कुएं हैं सभी को खोला जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालूम हो जामा मस्जिद सर्वे के दौरान ही बवाल हो गया था। इस मस्जिद पर हिंदू पक्ष का दावा है कि हरिहर मंदिर हुआ करता था। जिसको बाबर के शासन काल में तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। हालांकि, निचली अदालत की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में लाने के निर्देश हैं। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। सर्वे मस्जिद का पूरा हो चुका है। जिसकी सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी है। कोर्ट कमिश्नर द्वारा यह रिपोर्ट दी जानी है जो अभी उन्होंने अदालत में पेश नहीं की है।
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संभल। जामा मस्जिद पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। इस ऐतिहासिक इमारत में कुएं भी बने हैं। इसमें एक कुएं को खोलने की तैयारी है। इसके लिए पालिका पहल करेगी। जिसके बाद मुक्त किया जा सकेगा। बताया जाता है कि इस कुएं को वर्षों पहले पाट दिया गया था। अब इसको खोलने की प्रक्रिया प्रशासन द्वारा शुरू की जाएगी।
इसी तरह जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान में भी कुआं होने की चर्चा है, जहां की सफाई कराई जाएगी। उसमें भी यदि कुआं होगा तो उसको भी संवारने के लिए पहल की जाएगी। पालिका के ईओ का कहना है कि पालिका क्षेत्र में जितने भी कुएं हैं सभी को खोला जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। मालूम हो जामा मस्जिद सर्वे के दौरान ही बवाल हो गया था। इस मस्जिद पर हिंदू पक्ष का दावा है कि हरिहर मंदिर हुआ करता था। जिसको बाबर के शासन काल में तोड़कर मस्जिद का रूप दिया गया। हालांकि, निचली अदालत की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
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मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में लाने के निर्देश हैं। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। सर्वे मस्जिद का पूरा हो चुका है। जिसकी सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी है। कोर्ट कमिश्नर द्वारा यह रिपोर्ट दी जानी है जो अभी उन्होंने अदालत में पेश नहीं की है।
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