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Sambhal News: गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा था गांव शमसोई, गिरी थीं प्रधानपति और बेटे की लाशें
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संभल। 19 मई 2020 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे बहजोई थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर शमसोई गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। गोलियों की आवाज शांत हुई तो वहां पर प्रधान कमलेश दिवाकर के पति छोटेलाल दिवाकर (44) और उनके बेटे सुनील दिवाकर (20) की लाशें पड़ी थीं। उनकी हत्या कर दी गई थी। यह वारदात प्रदेश स्तर पर गूंजी थी, गांव में दहशत का माहौल बन गया था। घटना लाइव कैमरे में कैद हुई थी। जो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुई थी।
इसमें चौंकाने वाली बात यह भी थी कि घटना भी गांव के ही बाप-बेटे ने लाइसेंसी राइफल से अंजाम दी थी। इस दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी बाप-बेटे समेत आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें छह नामजद व दो अज्ञात शामिल थे। छोटेलाल दिवाकर के बेटे रवि दिवाकर न्याय के लिए पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच वर्ष बीत गए लेकिन अभी न्याय नहीं मिल सका है। उन्हें उम्मीद है कि उनके पिता और भाई के कातिलों को फांसी की सजा मिलेगी। इस समय मामला सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। साक्ष्यों में सुनवाई चल रही है।
रवि दिवाकर ने बताया कि 19 मई 2020 में कोरोना काल के बाद प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया गया था। इसी क्रम में गांव में 800 मीटर की चकरोड़ का चौड़ीकरण मनरेगा के तहत किया जा रहा था। आरोपी पक्ष के खेतों से भी मिट्टी उठनी थी। उससे पहले ही आरोपी पक्ष मौके पर पहुंच गए थे। पहले गाली गलौज की थी और राइफल दिखाकर धमकाया था। बाद में गोली मार दी थी। जिससे उनके पिता और भाई की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया कि सभी आरोपी जेल गए थे लेकिन इस समय जमानत पर हैं।
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इसमें चौंकाने वाली बात यह भी थी कि घटना भी गांव के ही बाप-बेटे ने लाइसेंसी राइफल से अंजाम दी थी। इस दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी बाप-बेटे समेत आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें छह नामजद व दो अज्ञात शामिल थे। छोटेलाल दिवाकर के बेटे रवि दिवाकर न्याय के लिए पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच वर्ष बीत गए लेकिन अभी न्याय नहीं मिल सका है। उन्हें उम्मीद है कि उनके पिता और भाई के कातिलों को फांसी की सजा मिलेगी। इस समय मामला सेशन कोर्ट में विचाराधीन है। साक्ष्यों में सुनवाई चल रही है।
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रवि दिवाकर ने बताया कि 19 मई 2020 में कोरोना काल के बाद प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया गया था। इसी क्रम में गांव में 800 मीटर की चकरोड़ का चौड़ीकरण मनरेगा के तहत किया जा रहा था। आरोपी पक्ष के खेतों से भी मिट्टी उठनी थी। उससे पहले ही आरोपी पक्ष मौके पर पहुंच गए थे। पहले गाली गलौज की थी और राइफल दिखाकर धमकाया था। बाद में गोली मार दी थी। जिससे उनके पिता और भाई की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया कि सभी आरोपी जेल गए थे लेकिन इस समय जमानत पर हैं।
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