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Sambhal News: सुंदरीकरण के लिए बाट जोह रही बावड़ी, बल्लियां उखड़ीं, त्रिपाल फटे
Mon, 05 May 2025 12:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 05 May 2025 12:33 AM IST
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चंदौसी। लक्ष्मणगंज में खोदाई के दौरान निकली प्राचीन बावड़ी सौंदर्यीकरण के इंतजार में है। बावड़ी को बारिश के पानी से बचाव के लिए लगाए गए तिरपाल जगह-जगह से फट गया है। बांस बल्लियां टूट कर गिरने लगी हैं। वहीं आम जनता इंतजार में है कि कब बावड़ी को पर्यटक स्थल घोषित किया जाएगा और आम आदमी उसे देखने के लिए जा सकेगा।
हिंदूवादी नेता कौशल किशोर वंदेमातरम् ने 21 दिसंबर 2024 को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम राजेंद्र पैंसिया को प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थनापत्र के माध्यम से लक्ष्मणगंज में खाली प्लॉट में ऐतिहासिक धरोहर बावड़ी होने का दावा किया था। डीएम ने उसी दिन नगर पालिका की टीम को भेज कर खोदाई कराई तो बावड़ी का अस्तित्व सामने आने लगा। इसके बाद बावड़ी को पूरी तरह से अस्तित्व में लाने के लिए पालिका की टीम द्वारा बावड़ी के गलियारों से मिट्टी निकालने का कार्य लगातार किया गया। पहली मंजिल पर सीढि़यों से उतर कर दोनों ओर तीन-तीन गेट के गलियारे नजर आने लगे।
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इसके बाद एएसआई की टीम ने बावड़ी को अपने संरक्षण में ले लिया। दिसंबर माह के अंत तक 19 सीढि़यों के साथ ही बावड़ी की दो मंजिला इमारत साफ नजर आने लगी। एएसआई की टीम ने अपने संरक्षण में खोदाई का कार्य ले लिया। इसी बीच दूसरी मंजिल के आगे कुआं का हिस्सा नजर आया तो वहां से गैस निकलने लगी थी। जिससे दो जनवरी को दूसरी मंजिल पर कुएं की ओर जाने वाला गेट क्षतिग्रस्त निकला और उसमें से गैस निकल रही थी।
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एएसआई की टीम ने खोदाई कार्य पर रोक लगा दी थी। मुरादाबाद से आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता पर्यावरण महेंद्र सिंह ने टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जांच की थी। जांच में बावड़ी के कुएं वाले हिस्से से निकल रही गैस जहरीली नहीं पाई गई। इसके बाद भी बावड़ी के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं किया गया। जबकि बारिश से बचाव के लिए बांस बल्लियों से टेंटनुमा तिरपाल से ढक कर बावड़ी को सुरक्षित किया गया था।
बावड़ी की खोदाई का कार्य बंद हुए चार माह के करीब हो गए। अभी तक खोदाई का कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। जबकि आलम ये है कि बांस बल्लियां टूट कर गिरने लगी हैं। तिरपाल भी जगह-जगह से फट गया है। अब ऐसे में बारिश होती है तो बारिश का पानी बावड़ी के अंदर प्रवेश कर जाएगा। जिससे इमारत को क्षति पहुंच सकती है।
सुरक्षा को लेकर भी नहीं बरती जा रही एहतियात
बावड़ी की सुरक्षा को पीएसी तैनात की गई थी। मार्च माह में होली से पहले ही पीएसी भी हटा दी गई। जिससे अब आम लोगों के भी बावड़ी में जाने के लिए कोई रोक टोक नहीं है। लोग तिरपाल हटा कर धड़ल्ले से बावड़ी के अंदर जा रहे हैं। यही हालात रहे तो बावड़ी की सुरक्षा रामभरोसे है।