{"_id":"678d4f1c115a4555810b2f67","slug":"the-risk-of-accidents-is-increasing-due-to-the-broken-iron-railing-of-the-highway-divider-sambhal-news-c-275-1-smbd1034-118448-2025-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: हाईवे के डिवाइडर की लोहे की टूटी रेलिंग से बढ़ रहा हादसे का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: हाईवे के डिवाइडर की लोहे की टूटी रेलिंग से बढ़ रहा हादसे का खतरा
Mon, 20 Jan 2025 12:44 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बहजोई।
नगर में मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर डिवाइडर की लोहे की टूटी रेलिंग हादसे का खतरा बढ़ा रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की कमी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। वहीं, हाईवे पर सड़क पर घूम रहे छुटटा पशु भी टूटी रेलिंग के कारण वाहनों की मुश्किल बन रहे हैं।
नगर में हाईवे पर चंदौसी की ओर से गांव बमनेटा से लेकर बबराला की ओर गांव मदारा तक करीब तीन किलोमीटर लंबे डिवाइडर पर लोहे की रेलिंग लगाई थी। इससे शासन व विभाग का उद्देश्य यह था कि हाईवे पर सफर के दौरान वाहन चालकों को किसी भी हादसे का सामना न करना पड़े और उनका सफर सुरक्षित हो सके। बावजूद इसके पिछले करीब छह माह से अधिक समय से हाईवे के डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग का हाल यह है कि वह कई जगह पर टूट गई है। ऐसे में कभी भी कोई भी छुटटा पशु हाईवे की एक लेन से दूसरी लेन पर अचानक आ जाते हैं और वाहन चालकों को वाहन संभालने में हाथ-पैर फूल जाते हैं। इसके कारण यहां पर हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। छह माह से अधिक का समय बीतने के बावजूद भी डिवाइडर की टूटी रेलिंग को ठीक कराने के लिए किसी भी स्तर से कोई भी पहल नहीं की गई है।
कोहरे के समय वाहन चालकों को होती है मुश्किल
बहजोई। हाईवे के डिवाइडर की टूटी रेलिंग कोहरे में वाहन चालकों की मुश्किल और भी बढ़ा देती है। वह तो गनीमत है कि कोहरे में वाहन हाईवे पर धीरे-धीरे चलते हैं। नहीं, तो टूटी रेलिंग से होकर यदि कोई भी छुटटा पशु हाईवे की एक लेन से दूसरी पर आ जाए, तो वह बड़े हादसे का सबब बन सकता है।
विज्ञापन
नगर में मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर डिवाइडर की लोहे की टूटी रेलिंग हादसे का खतरा बढ़ा रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की कमी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। वहीं, हाईवे पर सड़क पर घूम रहे छुटटा पशु भी टूटी रेलिंग के कारण वाहनों की मुश्किल बन रहे हैं।
नगर में हाईवे पर चंदौसी की ओर से गांव बमनेटा से लेकर बबराला की ओर गांव मदारा तक करीब तीन किलोमीटर लंबे डिवाइडर पर लोहे की रेलिंग लगाई थी। इससे शासन व विभाग का उद्देश्य यह था कि हाईवे पर सफर के दौरान वाहन चालकों को किसी भी हादसे का सामना न करना पड़े और उनका सफर सुरक्षित हो सके। बावजूद इसके पिछले करीब छह माह से अधिक समय से हाईवे के डिवाइडर पर लगी लोहे की रेलिंग का हाल यह है कि वह कई जगह पर टूट गई है। ऐसे में कभी भी कोई भी छुटटा पशु हाईवे की एक लेन से दूसरी लेन पर अचानक आ जाते हैं और वाहन चालकों को वाहन संभालने में हाथ-पैर फूल जाते हैं। इसके कारण यहां पर हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। छह माह से अधिक का समय बीतने के बावजूद भी डिवाइडर की टूटी रेलिंग को ठीक कराने के लिए किसी भी स्तर से कोई भी पहल नहीं की गई है।
विज्ञापन
कोहरे के समय वाहन चालकों को होती है मुश्किल
बहजोई। हाईवे के डिवाइडर की टूटी रेलिंग कोहरे में वाहन चालकों की मुश्किल और भी बढ़ा देती है। वह तो गनीमत है कि कोहरे में वाहन हाईवे पर धीरे-धीरे चलते हैं। नहीं, तो टूटी रेलिंग से होकर यदि कोई भी छुटटा पशु हाईवे की एक लेन से दूसरी पर आ जाए, तो वह बड़े हादसे का सबब बन सकता है।
विज्ञापन