{"_id":"63110630c858090bd86d8952","slug":"the-locks-of-the-prison-were-opened-as-soon-as-shri-krishna-was-born-chandausi-news-mbd439715526","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीकृष्ण जन्म होते ही खुल गए कारागार के ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीकृष्ण जन्म होते ही खुल गए कारागार के ताले
विज्ञापन
The locks of the prison were opened as soon as Shri Krishna was born.
- फोटो : CHANDAUSI
गणेश चतुर्थी मेले में बृहस्पतिवार को रासलीला में श्रीकृष्ण जन्म की लीला का मंचन किया गया। गणेश मंदिर के सामने गजानन सभागार में मथुरा वृंदावन के कलाकारों की रासलीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
गजानन सभागार में मथुरा वृंदावन की श्री गिरिराज धरन लीला संस्थान के कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन किया जा रहा है। रासलीला में दिखाया गया कि कंस बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ धूमधाम से करता है। वह स्वयं बहन व बहनोई को रथ पर बैठाकर ससुराल छोड़ने जा रहा होता है, तभी आकाशवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसका काल होगा। यह सुनकर कंस बहन व बहनोई को कारागार में बंद कर देता है। इसके बाद एक-एक करके देवकी की सात संतानों का वध कर देता है।
आठवीं संतान के जन्म पर कारागार के बाहर बैठे सैनिक सो जाते हैं और ताले अपने आप खुल जाते हैं। वसुदेव अपनी आठवीं संतान को गोकुल में नंद बाबा के घर छोड़ आते हैं और यहां से एक नवजात कन्या को ले जाते हैं। इसके बाद कारागार में पहुंचने पर बच्ची के रोने की आवाज सुनकर सैनिक जाग जाते हैं और कंस को सूचना देते हैं। कंस कारागार में पहुंचता है और नवजात कन्या को शिला पर पटकना चाहता है, तभी कन्या उसके हाथ से छूटकर आकाशवाणी करती है कि कंस तुझे मारने वाला तो गोकुल में पैदा हो गया है। राससीला के दौरान दीपक पाठक ने वासुदेव, मदन ने देवकी, गोकलेश ने कंस, अशोक पाठक ने नारद मुनी तथा सिपाहियों की भूमिका सुखवीर, पप्पी, गोपाल व राकेश ने निभाई। रासलीला को देखने के श्रद्धालु देर रात तक जुटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गजानन सभागार में मथुरा वृंदावन की श्री गिरिराज धरन लीला संस्थान के कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन किया जा रहा है। रासलीला में दिखाया गया कि कंस बहन देवकी का विवाह वासुदेव के साथ धूमधाम से करता है। वह स्वयं बहन व बहनोई को रथ पर बैठाकर ससुराल छोड़ने जा रहा होता है, तभी आकाशवाणी होती है कि देवकी का आठवां पुत्र उसका काल होगा। यह सुनकर कंस बहन व बहनोई को कारागार में बंद कर देता है। इसके बाद एक-एक करके देवकी की सात संतानों का वध कर देता है।
विज्ञापन
आठवीं संतान के जन्म पर कारागार के बाहर बैठे सैनिक सो जाते हैं और ताले अपने आप खुल जाते हैं। वसुदेव अपनी आठवीं संतान को गोकुल में नंद बाबा के घर छोड़ आते हैं और यहां से एक नवजात कन्या को ले जाते हैं। इसके बाद कारागार में पहुंचने पर बच्ची के रोने की आवाज सुनकर सैनिक जाग जाते हैं और कंस को सूचना देते हैं। कंस कारागार में पहुंचता है और नवजात कन्या को शिला पर पटकना चाहता है, तभी कन्या उसके हाथ से छूटकर आकाशवाणी करती है कि कंस तुझे मारने वाला तो गोकुल में पैदा हो गया है। राससीला के दौरान दीपक पाठक ने वासुदेव, मदन ने देवकी, गोकलेश ने कंस, अशोक पाठक ने नारद मुनी तथा सिपाहियों की भूमिका सुखवीर, पप्पी, गोपाल व राकेश ने निभाई। रासलीला को देखने के श्रद्धालु देर रात तक जुटे रहे।
विज्ञापन