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Sambhal News: रग-रग में भक्ति....रथयात्रा में कदम-कदम पर चमकी विघ्नहर्ता की शक्ति

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:56 AM IST
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Devotion in every fiber of the being... the power of the Lord who removes all obstacles shone forth at every step of the Rath Yatra.
चंदौसी। 15 से 18 फीट ऊंची प्रतिमा जैसे देव स्वरूप की झांकियां, रथों पर सवार हर झांकी स्वचालित, इन खास खूबियों वाली डेढ़ दर्जन झांकियों का लंबा काफिला, हर झांकी के आगे धार्मिक धुनें गुंजायमान करते बैंड, सड़क से लेकर घरों की छतों पर मौजूद लोगों की झांकियों के प्रति टकटकी और रह-रह कर गूंजते गणपति बप्पा के जयकारे...यही नजारा था सोमवार को चंदौसी नगर का, जहां दिन से लेकर रात तक गणेश रथयात्रा की धूम नजर आई।
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सीता रोड स्थित गणेश मंदिर से दोपहर बाद विधिविधान से शुरू हुई रथयात्रा शाम ढलने तक और उस रंग-बिरंगी लाइटिंग से और आकर्षक हो गई, जिससे हर झांकी सुसज्जित थी। जैसे-जैसे रात गहराई झांकियों की जगमग निखरती चली गई। शहर के प्रमुख बाजारों और मोहल्लों के मुख्य मार्गों से होते हुए रथयात्रा को वापस गणेश मंदिर पहुंचने में मंगलवार की भोर हो गईं। यहीं महाप्रभु की इस रथयात्रा को विराम दिया गया।
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रथयात्रा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने फीता काटकर किया। गणेश मंदिर में बप्पा की आरती भी की। रथयात्रा में सबसे आगे पारंपरिक तड़वड़ियों और राजस्थानी बौना-बौनी की जोड़ी के अलावा पांच ऊंट, पांच घोड़े थे। चंदौसी ढोल, गोरिल गुड्डा और लंबू जैसे करतब दिखाते और गुदगुदाते कलाकार भी साथ थे। रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण वे ऊंची-ऊंंची झांकियां थीं, जिन्हें पूरा देखने के लिए सड़क पर मौजूद लोगों को लंबे समय तक गर्दन उठाए रखनी पड़ी। इन झांकियों के माध्यम से कहीं भक्ति तो कहीं देशभक्ति और कहीं पौराणिक कथाओं के संदेश व दृश्य थे।
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झांकियों में मुख्य रूप से बराह भगवान, अर्द्ध हनुमान-गणेश, कालरात्रि, खाटू श्याम बाबा, माता महाकाली, नादिया गणेश, जगन्नाथ जी, कुबेर जी, शंकर भगवान, भगवान श्री राम, नृत्य मुद्रा में गणपति जैसे दृश्य थे। भारत माता की झांकी देशभक्ति का संदेश दे रही थी तो हनुमान जी की झांकी के माध्यम से शिक्षा का महत्व बताया गया था। यह झांकी लिखने-पढ़ने में इस्तेमाल होने वाली स्टेशनरी से बनी थी और इसकी ऊंचाई 16 फीट थी।
इसके अलावा मोर पंख रंग के नगों से सजी महाप्रभु श्री गणेश की झांकी सबके लिए आकर्षण का केंद्र रही। रथयात्रा में भांगड़ा पार्टी, रथ संतोषी माता के अतिरिक्त बहजोई की कीर्तन मंडली के माध्यम से हरे रामा-हरे कृष्णा के बोल गूंज रहे थे। रथयात्रा के अंतिम छोर पर प्रसाद वाहन था, जिससे प्रसाद वितरण किया जा रहा था। साथ ही डॉक्टर साहब का रथ भी यात्रा में शामिल था, वही डॉक्टर गिरिराज किशोर, जिनके संरक्षत्व में इस गणेश महोत्सव और मेले की वर्षों पहले शुरुआत हुई थी। कुछ वर्षों बाद ही यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा गणेश महोत्सव बन गया।

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राज्यमंत्री और एसपी ने की मुख्य रथ पर आरती

रथयात्रा के अंतिम सिरे पर श्री गणेश का मुख्य रथ था। इस पर विराजमान मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की आरती माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी और पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से की।
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इन बाजारों और रास्तों से आगे बढ़ी रथयात्रा
रथयात्रा की शुरुआत सीता रोड स्थित गणेश मंदिर से हुई। इसके बाद सीता रोड, मनिहार चौक, मोहल्ला सुंदर, बिसौली गेट, पुरानी पैठ, बड़ा बाजार, घंटाघर, फड़ियाई बाजार, ब्रह्म बाजार, कैथल गेट पुलिया से मेला मार्ग होते हुए यह भव्य रथयात्रा वापस गणेश मंदिर पहुंच कर संपन्न हुई।

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सेल्फी विद गणपति की होड़
गणपति बप्पा की आकर्षक झांकी और भव्य रथयात्रा को फोन के कैमरे में कैद करने का क्रेज हर किसी में नजर आया। इस आयोजन का हिस्सा बनने वालों में जितने श्रद्धालु सड़कों पर थे, उतने ही रथयात्रा मार्ग पर मौजूद दुकानों व मकानों की छत पर थे। सड़कों पर मौजूद कई लोग खुद के फोन से बप्पा के साथ सेल्फी लेते दिखे तो तमाम लोग रथयात्रा की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। गणेश मंदिर पर महापूजन के दौरान भी प्रतिमा के साथ सेल्फी की ललक देखने को मिली।

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दिल्ली, मेरठ, हापुड़ के बैंड भी शामिल

रथयात्रा में महाराष्ट्र बैंड चंदौसी, चार ढोल मेरठ, 15 सदस्यीय लेडीज बैंड मेरठ, बरेली बैंड, श्रीपंजाब बैंड जेवर, श्रीपंजाब बैंड दिल्ली, शर्मा बैंड हापुड़, महाराष्ट्र बैंड हापुड़ और जिया बैंड दिल्ली के साथ म्यूजिकल साउंड बैंड शामिल थे।


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दो अक्तूबर तक चलेगा गणेश चौथ मेला

एक तरफ रथयात्रा की धूम थी तो दूसरी ओर बाहर से आए लोगों के लिए विशाल परिसर में लगे गणेश चौथ मेले का आकर्षण भी कम नहीम था। गणेश चौथ मेले का उद्घाटन शनिवार को पांच धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध) के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया था। यह मेला दो अक्तूबर तक चलेगा।

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