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जिले में चल रहा मिलावट का खेल, 163 में से 96 नमूने फेल
सार
जिले में दूध व दुग्ध पदार्थ के साथ ही सरसों तेल और मसाला समेत खाद्य पदार्थों में मिलावट जारी है।अब तक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 96 मानक के विपरीत मिले हैं।
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विस्तार
जिले में दूध व दुग्ध पदार्थ के साथ ही सरसों तेल और मसाला समेत खाद्य पदार्थों में मिलावट जारी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक खाद्य सुरक्षा विभाग ने 163 नमूने लिए। इनमें से 152 की रिपोर्ट आई है। जिसमें 96 नमूने जांच में फेल मिले हैं। विभाग ने 49.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
मिलावटखोर त्योहार ही नहीं आम दिनों में भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, पनीर, तेल, मसाला, मिठाई आदि में मिलावट हो रही है। खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद भी मिलावटखोरी बंद नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-2023 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलेभर में 650 का दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें से 163 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। अब तक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 96 मानक के विपरीत मिले हैं। 82 लोगों के खिलाफ केस दायर किया गया। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो दुग्ध और इससे निर्मित पनीर, मिठाई एवं छेना मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इतना ही नहीं तेल मसाला के अलावा खाद्य पदार्थ तक सुरक्षित नहीं पाया गया।
नवरात्र में अब तक 20 नमूने संग्रहित
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने नवरात्र में अब तक विभिन्न जगहों पर छापा मारकर 20 नमूने संग्रहित किए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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सर्वाधिक दूध के नमूने हुए हैं फेल
संभल। 96 नमूनों में से सर्वाधिक नमूने दूध के फेल हुए हैं। ऐसे में आम लोगों को अपनी सेहत के प्रति और अधिक सावधान हो जाने की जरूरत है। क्योंकि त्योहारी सीजन आने वाला है, इस सीजन में दूध से बनी तमाम मिठाइयां बाजार में मिलेंगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आम लोग खुद भी जागरूकता दिखाएं और मिलावटी की पहचान करना जानें। बताया कि जिले में 13 और 14 अक्तूबर को मिलावटी पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल वैन उपलब्ध रहेगी। संभल में नगर पालिका के मैदान, चंदौसी में एसएम कॉलेज के सामने वाला खाली मैदान और गुन्नौर में इंद्रा चौक पर यह वैन मिलेगी।
मिलावट खोरी रोकने के लिए निरीक्षण कर सैंपल लिए जाते हैं। जिन व्यापारियों के नमूने फेल आए हैं, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट व असुरक्षित नमूनों के व्यापारियों के खिलाफ अदालत में केस किया जाता है। अधोमानक साबित होने पर व्यापारी के खिलाफ एक लाख से दस लाख तक का जुर्माना व असुरक्षित होने पर सजा एवं जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
पीके त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संभल
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मिलावटखोर त्योहार ही नहीं आम दिनों में भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, पनीर, तेल, मसाला, मिठाई आदि में मिलावट हो रही है। खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद भी मिलावटखोरी बंद नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-2023 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलेभर में 650 का दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें से 163 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। अब तक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 96 मानक के विपरीत मिले हैं। 82 लोगों के खिलाफ केस दायर किया गया। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो दुग्ध और इससे निर्मित पनीर, मिठाई एवं छेना मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इतना ही नहीं तेल मसाला के अलावा खाद्य पदार्थ तक सुरक्षित नहीं पाया गया।
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नवरात्र में अब तक 20 नमूने संग्रहित
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने नवरात्र में अब तक विभिन्न जगहों पर छापा मारकर 20 नमूने संग्रहित किए हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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सर्वाधिक दूध के नमूने हुए हैं फेल
संभल। 96 नमूनों में से सर्वाधिक नमूने दूध के फेल हुए हैं। ऐसे में आम लोगों को अपनी सेहत के प्रति और अधिक सावधान हो जाने की जरूरत है। क्योंकि त्योहारी सीजन आने वाला है, इस सीजन में दूध से बनी तमाम मिठाइयां बाजार में मिलेंगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आम लोग खुद भी जागरूकता दिखाएं और मिलावटी की पहचान करना जानें। बताया कि जिले में 13 और 14 अक्तूबर को मिलावटी पदार्थों की जांच के लिए मोबाइल वैन उपलब्ध रहेगी। संभल में नगर पालिका के मैदान, चंदौसी में एसएम कॉलेज के सामने वाला खाली मैदान और गुन्नौर में इंद्रा चौक पर यह वैन मिलेगी।
मिलावट खोरी रोकने के लिए निरीक्षण कर सैंपल लिए जाते हैं। जिन व्यापारियों के नमूने फेल आए हैं, उनके खिलाफ एडीएम कोर्ट व असुरक्षित नमूनों के व्यापारियों के खिलाफ अदालत में केस किया जाता है। अधोमानक साबित होने पर व्यापारी के खिलाफ एक लाख से दस लाख तक का जुर्माना व असुरक्षित होने पर सजा एवं जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
पीके त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संभल