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Sambhal News: डाॅक्टरों ने मरीजों की नब्ज देखी न पूछी बीमारी, मिनट में लिख दी दवा
Wed, 14 Oct 2026 01:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 14 Oct 2026 01:31 AM IST
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संभल। जिला अस्पताल में बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को निराशा हाथ लग रही है। डॉक्टर न मरीजों की नब्ज देखते हैं और न ही बीमारी पूछते। बस मिनटभर में पर्चे पर दवाई लिखकर उन्हें बाहर भेज देते हैं। मंगलवार को ओपीडी की पड़ताल के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए।
मरीजों की शिकायत है कि उन्हें अपनी समस्या बताने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। ओपीडी के समय और मरीजों की संख्या के अनुसार, डॉक्टर एक मरीज को कम से कम तीन मिनट का समय दे सकते हैं। हालांकि, कई मरीजों ने बताया कि उन्हें एक मिनट का भी समय नहीं दिया गया। इससे वे अपनी पूरी समस्या नहीं बता सके। मरीजों ने पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर के पास पहुंचने और दवाई लेने तक की लंबी लाइनों की जानकारी दी। इसमें सामने आया कि समय होने के बाद भी डॉक्टर मरीजों को पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं। इसलिए मरीजों की बेहतर उपचार की उम्मीद टूट रही है। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक, कुल छह घंटे ओपीडी चली। इस दौरान दस डॉक्टरों ने 966 मरीजों की ओपीडी की।
कई मरीजों ने बताया कि उन्हें सही से सुना नहीं गया और तुरंत दवाई लिख दी गई। उन्हें अपनी पूरी समस्या बताने का अवसर नहीं मिला। ओपीडी के कुल छह घंटे यानी 360 मिनट में दस डॉक्टरों ने काम किया। इस हिसाब से प्रत्येक मरीज को तीन मिनट से अधिक समय मिल सकता था। मरीजों को बेहतर उपचार की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएमएस का कहना है कि मरीजों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को निर्देश दिए जाएंगे।
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एक मिनट से भी कम समय में लिख दी दवा
असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सैंधरी से आईं प्रेमवती ने बताया कि बुखार आ रहा है। घुटनों में दर्द है। बेहतर उपचार की तलाश में शहर तक आई। यहां डॉक्टर तक पहुंची तो एक मिनट से भी कम में हाल पूछते-पूछते दवा लिख दी। फायदा होगा या नहीं, यह समझ में नहीं आ रहा।
काफी इंतजार के बाद नंबर आया, तुरंत लिख दी दवा
गांव बराही से आईं छोटी को वायरल बुखार था। खांसी-जुखाम के साथ बदन में दर्द था। छोटी ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद उसका नंबर आया था। सोचा था कि आला आदि लगाकर डॉक्टर फुर्सत से देखेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डॉक्टर ने तुरंत दवा लिखकर दे दी।
मुंह खुलवाया और लिखकर दे दी दवा
हातिमसराय के गुलाफाम ने बताया कि वह अपनी पत्नी का दांत दिखाने आया था। डॉक्टर ने मुंह खुलवाया और दवा लिख दी। इस काम में कुछ ही सेकंड लगे। आराम होगा या नहीं, इसे लेकर संशय हो गया है।
कुछ हाल पूछते उससे पहले ही लिख दी दवा
नाला मोहल्ले के एहसान इलाही ने बताया कि डॉक्टर कुछ हाल पूछते उससे पहले ही दवाई लिख दी। फिर टरका दिया गया। उम्मीद थी कि बेहतर उपचार मिलेगा पर ऐसा नहीं लगा।
कोट
मरीजों का परीक्षण सही करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी कराई जाएगी। यदि कोई डॉक्टर मरीज का परीक्षण सही से नहीं कर रहे हैं तो इसके लिए चेतावनी दी जाएगी।
-डॉ. राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल, संभल
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मरीजों की शिकायत है कि उन्हें अपनी समस्या बताने का पर्याप्त समय नहीं मिलता। ओपीडी के समय और मरीजों की संख्या के अनुसार, डॉक्टर एक मरीज को कम से कम तीन मिनट का समय दे सकते हैं। हालांकि, कई मरीजों ने बताया कि उन्हें एक मिनट का भी समय नहीं दिया गया। इससे वे अपनी पूरी समस्या नहीं बता सके। मरीजों ने पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टर के पास पहुंचने और दवाई लेने तक की लंबी लाइनों की जानकारी दी। इसमें सामने आया कि समय होने के बाद भी डॉक्टर मरीजों को पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं। इसलिए मरीजों की बेहतर उपचार की उम्मीद टूट रही है। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक, कुल छह घंटे ओपीडी चली। इस दौरान दस डॉक्टरों ने 966 मरीजों की ओपीडी की।
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कई मरीजों ने बताया कि उन्हें सही से सुना नहीं गया और तुरंत दवाई लिख दी गई। उन्हें अपनी पूरी समस्या बताने का अवसर नहीं मिला। ओपीडी के कुल छह घंटे यानी 360 मिनट में दस डॉक्टरों ने काम किया। इस हिसाब से प्रत्येक मरीज को तीन मिनट से अधिक समय मिल सकता था। मरीजों को बेहतर उपचार की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएमएस का कहना है कि मरीजों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को निर्देश दिए जाएंगे।
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एक मिनट से भी कम समय में लिख दी दवा
असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव सैंधरी से आईं प्रेमवती ने बताया कि बुखार आ रहा है। घुटनों में दर्द है। बेहतर उपचार की तलाश में शहर तक आई। यहां डॉक्टर तक पहुंची तो एक मिनट से भी कम में हाल पूछते-पूछते दवा लिख दी। फायदा होगा या नहीं, यह समझ में नहीं आ रहा।
काफी इंतजार के बाद नंबर आया, तुरंत लिख दी दवा
गांव बराही से आईं छोटी को वायरल बुखार था। खांसी-जुखाम के साथ बदन में दर्द था। छोटी ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद उसका नंबर आया था। सोचा था कि आला आदि लगाकर डॉक्टर फुर्सत से देखेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डॉक्टर ने तुरंत दवा लिखकर दे दी।
मुंह खुलवाया और लिखकर दे दी दवा
हातिमसराय के गुलाफाम ने बताया कि वह अपनी पत्नी का दांत दिखाने आया था। डॉक्टर ने मुंह खुलवाया और दवा लिख दी। इस काम में कुछ ही सेकंड लगे। आराम होगा या नहीं, इसे लेकर संशय हो गया है।
कुछ हाल पूछते उससे पहले ही लिख दी दवा
नाला मोहल्ले के एहसान इलाही ने बताया कि डॉक्टर कुछ हाल पूछते उससे पहले ही दवाई लिख दी। फिर टरका दिया गया। उम्मीद थी कि बेहतर उपचार मिलेगा पर ऐसा नहीं लगा।
कोट
मरीजों का परीक्षण सही करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसकी जानकारी कराई जाएगी। यदि कोई डॉक्टर मरीज का परीक्षण सही से नहीं कर रहे हैं तो इसके लिए चेतावनी दी जाएगी।
-डॉ. राजेंद्र सैनी, सीएमएस, जिला अस्पताल, संभल